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मनमाना आदेश पारित करने पर डिप्टी डायरेक्टर हाईकोर्ट में तलब
Wed, 08 Jan 2020 07:22 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 08 Jan 2020 07:22 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : डेमो
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनमाना आदेश पारित कर मृतक अध्यापक के परिवार की पेंशन रोकने के मामले में डिप्टी डायरेक्टर (माध्यमिक) कानपुर रीजन को तलब कर लिया है । कोर्ट ने उनसे पूछा है कि किस कानून के आधार पर उन्होंने मृतक के परिवार को परिवारिक पेंशन देने से इंकार किया । कोर्ट ने इससे पूर्व डिप्टी डायरेक्टर से जानकारी मांगी थी मगर उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी संतोषजनक ना होने पर कोर्ट ने उनको तलब कर लिया है।
डिप्टी डायरेक्टर को यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता है तो अदालत उन पर भारी हर्जाना लगाएगी। कानपुर की अरुणा मिश्रा की याचिका पर न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता कमल कुमार केसरवानी का कहना था कि याची 2008 में निरंजन इंटर कॉलेज में संस्कृत के प्रवक्ता पद पर नियुक्त हुआ था।
मई 2017 में उसकी मृत्यु हो गई। उस समय विभाग ने परिवार को ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया था । बाद में जब याची ने पारिवारिक पेंशन की मांग की तो डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि जब तक ग्रेच्युटी वापस नहीं की जाएगी परिवारिक पेंशन का भुगतान नहीं किया जाएगा । इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने डिप्टी डायरेक्टर से पूछा कि किस कानून के तहत उन्होंने ऐसा आदेश पारित किया है। सरकारी वकील द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए अदालत ने डिप्टी डायरेक्टर को अगली तारीख पर अदालत पर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
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डिप्टी डायरेक्टर को यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता है तो अदालत उन पर भारी हर्जाना लगाएगी। कानपुर की अरुणा मिश्रा की याचिका पर न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव सुनवाई कर रहे हैं। याची के अधिवक्ता कमल कुमार केसरवानी का कहना था कि याची 2008 में निरंजन इंटर कॉलेज में संस्कृत के प्रवक्ता पद पर नियुक्त हुआ था।
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मई 2017 में उसकी मृत्यु हो गई। उस समय विभाग ने परिवार को ग्रेच्युटी का भुगतान कर दिया था । बाद में जब याची ने पारिवारिक पेंशन की मांग की तो डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि जब तक ग्रेच्युटी वापस नहीं की जाएगी परिवारिक पेंशन का भुगतान नहीं किया जाएगा । इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने डिप्टी डायरेक्टर से पूछा कि किस कानून के तहत उन्होंने ऐसा आदेश पारित किया है। सरकारी वकील द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए अदालत ने डिप्टी डायरेक्टर को अगली तारीख पर अदालत पर उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
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