डिप्टी सीएम केशव बोले : एसआरएन में कोविड मरीजों के लिए होंगे एक हजार बेड
- डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा, संसाधनों के लिए नहीं होगी बजट की कमी
- प्राचार्य ने भूमि, भवन, पार्किंग, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र की आवश्यकता बताई
विस्तार
एलथ्री एसआरएन अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए जल्द ही एक हजार बेड उपलब्ध होंगे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने बुधवार को वेंटीलेटर लोकार्पण मौके पर कहा, मरीजों के बेहतर उपचार के लिए व्यवस्थाएं करें, जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजें। संसाधनों, उपकरणों के लिए बजट की कमी नहीं होगी।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद बुधवार को एसआरएन अस्पताल निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। कोविड मरीजों के उपचार के लिए उन्होंने अस्पताल प्रशासन को 80 वेंटीलेटर उपलब्ध कराए। उन्होंने कहाकि ये वेंटीलेटर गंभीर कोरोना संक्रमितों के लिए सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए उपलब्ध बिस्तरों की संख्या और संसाधन दोगुनी किए जाने की जरूरत है। हमें भविष्य में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए तैयारी करनी है।
प्राचार्य ने संसाधनों के लिए फैलाई झोली
पीएमएसएसवाई बिल्डिंग में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से प्राचार्य ने बिंदुवार जरूरतें बताई। उन्होंने कहा कि विस्तारीकरण के लिए मेडिकल कॉलेज के पास भूमि की कमी है। पीएमएसएसवाई के निर्माण और निर्माणाधीन बाल रोग विभाग के बाद अब जमीन नहीं है। पॉर्किंग की दिक्कत है। उन्होंने शिक्षा विभाग और पीडब्ल्यूडी के आवासीय भवनों की भूमि कॉलेज प्रशासन को हस्तगत करने का अनुरोध किया। प्राचार्य ने डीएम भानुचंद्र गोस्वामी के प्रयासों को सराहा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट की आवश्कता है, जिससे गंभीर मरीजों को अनवरत ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कराएं, यथासंभव कार्रवाई कराई जाएगी।
एसआरएन में 300 आईसीयू बेड, अब वेंटीलेटर हुए 230
एसआरएन में कोविड मरीजों के लिए 538 बेड हैं। इनमें 300 आईसीयू सुविधा वाले हैं। डिप्टी सीएम के प्रयासों से उपलब्ध कराए गए 80 वेंटीलेटरों सहित अब कुल 230 वेंटीलेटर हो गए हैं। बिस्तरों की संख्या एक हजार करने के प्रस्ताव के बाद आईसीयू और वेटीलेटर की उपलब्धता में भी वृद्दि होगी।कार्यक्रम में कोविड प्रभारी डॉ. मोहित जैन, सह प्रभारी डॉ. सुजीत वर्मा, डॉ. अजय वर्मा, डॉ नीलम, एसआईसी डॉ अजय सक्सेना, डॉ. संतोष सिंह, डिप्टी एसआईसी गौतम त्रिपाठी समेत अन्य चिकित्सकीय और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।