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सीएएः बापू को श्रद्धांजलि देकर प्रदर्शनकारियों ने बुलंद की आवाज
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demonstration in Prayagraj over CAA and NRC
- फोटो : ALDCOMPACT
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मंसूर अली पार्क में 19वें दिन भी जुटी रहीं महिलाएं
सीएए-एनआरसी के विरोध में चल रहा है प्रदर्शन
प्रयागराज। खुल्दाबाद के मंसूर अली पार्क में नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध में धरना लगातार 19वें दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को पुण्यतिथि पर प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि जिस तरह बापू ने शांति के मार्ग पर चलकर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, ठीक उसी तरह वह भी अपनी मंजिल पाकर रहेेंगे।
सीएए व एनआरसी के विरोध में खुल्दाबाद के रोशनबाग स्थित मंसूरअली पार्क में 12 जनवरी को कुछ महिलाओं ने धरना शुरू किया। इसके बाद हर बीतते पल के साथ यहां प्रदर्शन और बड़ा होता गया। बृहस्पतिवार को भी यहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं जुटीं। सीएए-एनआरसी को काला कानून बताते हुए उन्होंने इसके खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही आजादी लेकर रहेंगे, इंकलाब जिंदाबाद, सरफरोशी की तमन्ना जैसे नारे भी लगाए। पार्क में महिलाओं के साथ ही बड़ी संख्या में पुरुष भी मौजूद रहे। इस दौरान कई संगठनों के साथ ही अलग-अलग वर्गों के भी लोग मौजूद रहे। जिनमें अधिवक्ता, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता व छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे।
शाम को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पार्क में ही नमाज पढ़ी और इसके बाद इफ्तार भी किया। प्रदर्शन में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हुए जिनके हाथों में सीएए व एनआरसी के विरोध में नारे लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के इरशादउल्ला, कामरेड हरिश्चंद द्विवेदी, सुनील मौर्य आदि भी मौजूद रहे।
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दूर-दराज के क्षेत्रों से भी पहुंची महिलाएं
मंसूर अली पार्क में चल रहे प्रदर्शन को न सिर्फ आसपास, बल्कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वालों का भी समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि न सिर्फ शहर बल्कि यहां ग्रामीण क्षेत्रों से भी एनआरसी-सीएए की मुखालफत करने लोग जुट रहे हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार दोपहर बम्हरौली से महिलाओं-युवतियों व बच्चियों का एक समूह जुलूस के शक्ल में धरनास्थल पर पहुंचा जो बाद में प्रदर्शन में शामिल हो गया। इन्होंने अपनी बांह में सीएए व एनआरसी के विरोध जताने के लिए स्टीकर भी लगा रखे थे।
वामदलों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष दिया धरना
-कचहरी स्थित प्रतिमा स्थल पर लगा था ताला, मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
-एनआरसी, सीएए का किया विरोध, केंद्र और प्रदेश सरकारों को कोसा
प्रयागराज। वामदलों ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस को सांप्रदायिक सौहार्द दिवस के रूप में मनाया। कचहरी स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर ताला लगा देख नेताओं ने वहां धरना दिया। दो मिनट का मौन रखकर बापू को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि गांधी प्रतिमा स्थल को ताला लगाकर बंद करना अलोकतांत्रिक है। आरोप लगाया कि सरकार गोडसे की राह पर चल रही है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी समेत अन्य वामदलों के नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में देश और प्रदेश की सरकारों में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी में तो कोई योगदान नहीं दिया पर देश की साझी संस्कृति को तोड़ने का काम ज़रूर किया। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा का संदेश दिया पर सरकारों का आधार ही झूठ और हिंसा है।
वाम दलों ने एनआरसी और सीएए का विरोध करते हुए कहा कि जहां एनआरसी लोगों से नागरिकता प्रमाणित करने की बात करता है वहीं सीएए नागरिकता में धर्म की शर्त जोड़ता है। यह दोनों ही बातें देश की साझी एकता के लिए खतरनाक हैं और संविधान विरोधी भी।
वामदलों के नेताओं ने उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों की न्यायिक जांच, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने, धारा 144 खत्म करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि देश की एकता, भाईचारे और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए व्यापक एकता और संघर्ष की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरधर गोपाल तथा संचालन नसीम अंसारी ने किया। कार्यक्रम में हरिश्चंद्र द्विवेदी, अखिल विकल्प, मुस्तकीम, राम सागर, फरमान रज़ा, सुनील मौर्या, सोनू यादव, विकास स्वरूप, गायत्री गांगुली, स्वाती गांगुली, भूपेंद्र पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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सीएए-एनआरसी के विरोध में चल रहा है प्रदर्शन
प्रयागराज। खुल्दाबाद के मंसूर अली पार्क में नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध में धरना लगातार 19वें दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को पुण्यतिथि पर प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि जिस तरह बापू ने शांति के मार्ग पर चलकर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी, ठीक उसी तरह वह भी अपनी मंजिल पाकर रहेेंगे।
सीएए व एनआरसी के विरोध में खुल्दाबाद के रोशनबाग स्थित मंसूरअली पार्क में 12 जनवरी को कुछ महिलाओं ने धरना शुरू किया। इसके बाद हर बीतते पल के साथ यहां प्रदर्शन और बड़ा होता गया। बृहस्पतिवार को भी यहां सैकड़ों की संख्या में महिलाएं जुटीं। सीएए-एनआरसी को काला कानून बताते हुए उन्होंने इसके खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही आजादी लेकर रहेंगे, इंकलाब जिंदाबाद, सरफरोशी की तमन्ना जैसे नारे भी लगाए। पार्क में महिलाओं के साथ ही बड़ी संख्या में पुरुष भी मौजूद रहे। इस दौरान कई संगठनों के साथ ही अलग-अलग वर्गों के भी लोग मौजूद रहे। जिनमें अधिवक्ता, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता व छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे।
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शाम को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पार्क में ही नमाज पढ़ी और इसके बाद इफ्तार भी किया। प्रदर्शन में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हुए जिनके हाथों में सीएए व एनआरसी के विरोध में नारे लिखी तख्तियां थीं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के इरशादउल्ला, कामरेड हरिश्चंद द्विवेदी, सुनील मौर्य आदि भी मौजूद रहे।
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दूर-दराज के क्षेत्रों से भी पहुंची महिलाएं
मंसूर अली पार्क में चल रहे प्रदर्शन को न सिर्फ आसपास, बल्कि दूरदराज क्षेत्रों में रहने वालों का भी समर्थन मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि न सिर्फ शहर बल्कि यहां ग्रामीण क्षेत्रों से भी एनआरसी-सीएए की मुखालफत करने लोग जुट रहे हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार दोपहर बम्हरौली से महिलाओं-युवतियों व बच्चियों का एक समूह जुलूस के शक्ल में धरनास्थल पर पहुंचा जो बाद में प्रदर्शन में शामिल हो गया। इन्होंने अपनी बांह में सीएए व एनआरसी के विरोध जताने के लिए स्टीकर भी लगा रखे थे।
वामदलों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष दिया धरना
-कचहरी स्थित प्रतिमा स्थल पर लगा था ताला, मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
-एनआरसी, सीएए का किया विरोध, केंद्र और प्रदेश सरकारों को कोसा
प्रयागराज। वामदलों ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस को सांप्रदायिक सौहार्द दिवस के रूप में मनाया। कचहरी स्थित गांधी प्रतिमा स्थल पर ताला लगा देख नेताओं ने वहां धरना दिया। दो मिनट का मौन रखकर बापू को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि गांधी प्रतिमा स्थल को ताला लगाकर बंद करना अलोकतांत्रिक है। आरोप लगाया कि सरकार गोडसे की राह पर चल रही है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी समेत अन्य वामदलों के नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय में देश और प्रदेश की सरकारों में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी में तो कोई योगदान नहीं दिया पर देश की साझी संस्कृति को तोड़ने का काम ज़रूर किया। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा का संदेश दिया पर सरकारों का आधार ही झूठ और हिंसा है।
वाम दलों ने एनआरसी और सीएए का विरोध करते हुए कहा कि जहां एनआरसी लोगों से नागरिकता प्रमाणित करने की बात करता है वहीं सीएए नागरिकता में धर्म की शर्त जोड़ता है। यह दोनों ही बातें देश की साझी एकता के लिए खतरनाक हैं और संविधान विरोधी भी।
वामदलों के नेताओं ने उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान हुई मौतों की न्यायिक जांच, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने, धारा 144 खत्म करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि देश की एकता, भाईचारे और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए व्यापक एकता और संघर्ष की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता गिरधर गोपाल तथा संचालन नसीम अंसारी ने किया। कार्यक्रम में हरिश्चंद्र द्विवेदी, अखिल विकल्प, मुस्तकीम, राम सागर, फरमान रज़ा, सुनील मौर्या, सोनू यादव, विकास स्वरूप, गायत्री गांगुली, स्वाती गांगुली, भूपेंद्र पांडेय आदि उपस्थित रहे।