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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का परिणाम रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका, कहा- भारी पैमाने पर हुई है धांधली
Sat, 08 Aug 2020 07:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 08 Aug 2020 07:45 PM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार और अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है।
उमेश कुमार और दर्जनों अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर बहस कर रहे अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन छह जनवरी 2019 को किया गया था। परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली की शिकायतें आई हैं। पुलिस ने कई जगह छापा मार कर लोगों को गिरफ्तार किया है।
पैसे भी बरामद हुए हैं। कई सेंटर में परीक्षा दे रहे छात्रों के 150 में से 143 अंक तक आए हैं। जबकि उनके एकेडमिक रिकार्ड काफी खराब हैं। स्पष्ट है कि धांधली हुई है।
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याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ को निर्देश दिया जाए कि वह समय सीमा के भीतर जांच पूरी करे या इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपी जाए।
उल्लेखनीय है कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का मामला शुरु से ही विवादों में रहा है। इसे लेकर सुप्रीमकोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल हैं। सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों के लिए लगभग 37 हजार पदों को छोड़कर शेष पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है। इस क्रम में प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया जारी रखी हुई है। हालांकि अभ्यर्थियों को सुप्रीमकोर्ट के अंतिम फैसले का भी इंतजार है।
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उमेश कुमार और दर्जनों अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिका पर बहस कर रहे अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन छह जनवरी 2019 को किया गया था। परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली की शिकायतें आई हैं। पुलिस ने कई जगह छापा मार कर लोगों को गिरफ्तार किया है।
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पैसे भी बरामद हुए हैं। कई सेंटर में परीक्षा दे रहे छात्रों के 150 में से 143 अंक तक आए हैं। जबकि उनके एकेडमिक रिकार्ड काफी खराब हैं। स्पष्ट है कि धांधली हुई है।
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याचिका में कहा गया है कि मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ को निर्देश दिया जाए कि वह समय सीमा के भीतर जांच पूरी करे या इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपी जाए।
उल्लेखनीय है कि 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती का मामला शुरु से ही विवादों में रहा है। इसे लेकर सुप्रीमकोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल हैं। सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों के लिए लगभग 37 हजार पदों को छोड़कर शेष पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया है। इस क्रम में प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया जारी रखी हुई है। हालांकि अभ्यर्थियों को सुप्रीमकोर्ट के अंतिम फैसले का भी इंतजार है।