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न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण इस वर्ष न करने की मांग
Sat, 08 May 2021 11:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 08 May 2021 11:15 PM IST
सार
- किए गए स्थानांतरण रद्द करने के लिए बार कौंसिल के चेयरमैन ने मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र
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ट्रांसफर(सांकेतिक)
- फोटो : social media
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विस्तार
बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन रोहिताश्व कुमार अग्रवाल ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इस वर्ष न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण नहीं करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि जिन अधिकारियों के गत दिनों स्थानांतरण किए गए हैं उनको रद्द किए जाएं और अधिकारियों की समस्या को देखते हुए उनको उचित पोस्टिंग दी जाए।
अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि मौजूदा समय में प्रदेश में बड़ी संख्या में अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी भी कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। कई की मृत्यु भी हो गई है। उपचार की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कई न्यायिक अधिकारियों को भी संक्रमित होने के बाद उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है उनमें से कुछ को तो सरकारी आवास मिल गए हैं मगर कई ऐसे भी हैं जिनका परिवार दूसरे जिले में रह रहा है। ऐसे लोगों को मौजूदा समय में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देकर स्थानांतरण रद्द किए जाने की मांग की गई है।
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अग्रवाल ने अपने पत्र में कहा है कि मौजूदा समय में प्रदेश में बड़ी संख्या में अधिवक्ता और न्यायिक अधिकारी भी कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं। कई की मृत्यु भी हो गई है। उपचार की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। कई न्यायिक अधिकारियों को भी संक्रमित होने के बाद उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिन अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है उनमें से कुछ को तो सरकारी आवास मिल गए हैं मगर कई ऐसे भी हैं जिनका परिवार दूसरे जिले में रह रहा है। ऐसे लोगों को मौजूदा समय में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पत्र में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देकर स्थानांतरण रद्द किए जाने की मांग की गई है।
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