फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Demand for withdrawal of judicial work from High Court Justice Shekhar Yadav

Prayagraj: हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शेखर यादव से न्यायिक कार्य वापस लेने की मांग, अधिवक्ता संगठनों ने उठाई मांग

Wed, 11 Dec 2024 01:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 11 Dec 2024 01:12 PM IST
सार

विश्व हिंदू परिषद के विधि प्रकोष्ठ के बैनर तले रविवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी हॉल में न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव के भाषण का सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले चुका है। कई अधिवक्ता संगठनों ने भी न्यायमूर्ति यादव के खिलाफ आंतरिक जांच और अनुशासनिक कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन
Demand for withdrawal of judicial work from High Court Justice Shekhar Yadav
न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की ओर से विश्व हिंदू परिषद की कार्यशाला में दिए गए वक्तव्य को असांविधानिक और संविधान पर हमला करार दिया है। कई दूसरे संगठनों ने न्यायमूर्ति से न्यायिक कार्य वापस लेने की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद के विधि प्रकोष्ठ के बैनर तले रविवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी हॉल में न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव के भाषण का सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले चुका है। कई अधिवक्ता संगठनों ने भी न्यायमूर्ति यादव के खिलाफ आंतरिक जांच और अनुशासनिक कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन


ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के अध्यक्ष अरविंद कुमार राय और सचिव आशुतोष कुमार तिवारी ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में उनके वक्तव्य को संविधान विरोधी करार दिया है। अधिवक्ता मंच के राजवेंद्र सिंह, चार्ली प्रकाश व पीयूसीएल के केके राय ने ईमेल भेजकर उन्हें न्यायिक कार्य से अलग किए जाने की मांग की है। संगठनों ने लिखा है कि न्यायमूर्ति का भाषण निंदनीय व असांविधानिक है। उनके विवादास्पद बयान से स्पष्ट है कि वह निष्पक्ष होकर न्यायिक कार्य जारी नहीं रख सकते। दायित्वों से मुक्त नहीं करने पर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का ही हनन होगा।

विज्ञापन

अब किसी संगठन को नहीं देंगे लाइब्रेरी हॉल: बार अध्यक्ष

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद से जुड़े अधिवक्ता जयराज सिंह तोमर ने कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी। बताया था कि संगोष्ठी में समान नागरिक संहिता और वक्फ एक्ट के कानूनी पहलुओं पर चर्चा होगी। लेकिन, विवादित बयान सामने आने के बाद हम सतर्क हो गए हैं। आज के बाद बार एसोसिएशन का लाइब्रेरी हॉल किसी भी कार्यक्रम के लिए बाहरी संगठन को नहीं दिया जाएगा। वहीं, जयराज सिंह तोमर का कहना है कि यह कार्यक्रम कहीं दूसरी जगह होना था। वहां जगह नहीं मिलने पर कुछ लोग मेरे पास आए और हॉल दिलाने का आग्रह किया। मैंने अपने लेटरपैड पर बार अध्यक्ष से हॉल की अनुमति मांगी, जो मिल भी गई। 

विहिप का ऐसा कोई दूसरा कार्यक्रम तय नहींः केपी सिंह

विश्व हिंदू परिषद के काशी प्रांत के अध्यक्ष केपी सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सभागार में विहिप के कार्यक्रम में वह नहीं थे, इसलिए न्यायमूर्ति शेखर यादव के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। फिलहाल, अभी इस तरह का कोई दूसरा कार्यक्रम भी प्रस्तावित नहीं है। महाकुंभ में जरूर संतों का सम्मेलन करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed