Prayagraj : नार्थ ईस्ट के राज्यों में बढ़ी त्रिवेणी के जल की मांग, असम से टैंकर लेकर संगम पहुंचे श्रद्धालु
महाकुंभ के समापन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में संगम के जल को महा प्रसाद के रूप में पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य मेले से वंचित रह गई यूपी की जनता को त्रिवेणी के पवित्र जल से स्नान का अवसर प्रदान करना था।
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महाकुंभ के समापन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में संगम के जल को महा प्रसाद के रूप में पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य मेले से वंचित रह गई यूपी की जनता को त्रिवेणी के पवित्र जल से स्नान का अवसर प्रदान करना था। यूपी के अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को यह जिम्मेदारी दी गई। त्रिवेणी के पावन जल की डुबकी से कोई छूट न जाय इसके लिए योगी सरकार ने अग्नि शमन विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में त्रिवेणी का पवित्र जल पहुंचाया। यूपी के सभी जिलों में त्रिवेणी का यह जल पहुंचा ही था कि अब देश के दूसरे राज्यों नॉर्थ ईस्ट में असम से निजी टैंकर के साथ त्रिवेणी का जल लेने संगम पहुंचे।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा का कहना है कि अब निजी तौर पर अपने संसाधनों से लोग गंगा जल लेने संगम आ रहे जिनका विभाग जल भराने में सहयोग कर रहा है। नॉर्थ ईस्ट में असम से निजी टैंकर लेकर परम शिवम शिव मंदिर योगाश्रम, गुवाहाटी के संत राजा रामदास त्रिवेणी संगम पहुंच गए और टैंकर में गंगा जल भरवाने में विभाग का सहयोग मांगा और उनके विभाग ने उनके टैंकरों में जल भरकर उन्हें यहां से असम के लिए रवाना कर दिया।
इधर संत राजा रामदास का कहना है कि नार्थ ईस्ट के एक मात्र महामंडलेश्वर स्वामी केशव देव महाराज ने 40 हजार लीटर और 28 हजार लीटर की क्षमता के ये टैंकर भिजवाए हैं। उनका कहना है कि उनका खालसा मेले में स्थापित था। उनके वापस जाने के बाद नार्थ ईस्ट में उनके तमाम भक्त, साधु संत और आम लोगों ने उनसे गंगाजल का प्रसाद मांगा तो उन्होंने आने वाले शिष्यों को दो टैंकर के साथ प्रयागराज भेजा है।