प्रयागराज : धूमनगंज दोहरे हत्याकांड में दीपक के दोस्त ने भी चलाई थी गोलियां
घटना केबाद मौकेपर पहुंचे अफसरों को रसूल ने बताया था कि गोलियां दीपक ने चलाईं। उसके साथ ही फायरिंग करने में एक नकाबपोश युवक भी शामिल था। पुलिस ने घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो घटना के वक्त एक नकाबपोश युवक घर में इंट्री करते दिखाई दिया।
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धूमनगंज में एक दिन पहले हुए दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी दीपक विश्वकर्मा के अलावा उसकेदोस्त ने भी गोलियां चलाई थीं। कालिंदीपुरम के रहने वाले इस दोस्त को खुद दीपक ने फोन कर बुलाया था। इसका पता तब चला जब पुलिस ने दीपक की कॉल डिटेल खंगाली। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। उधर हिरासत में लिए मुख्य समेत दो आरोपियों से पूछताछ जारी है।
घटना केबाद मौकेपर पहुंचे अफसरों को रसूल ने बताया था कि गोलियां दीपक ने चलाईं। उसके साथ ही फायरिंग करने में एक नकाबपोश युवक भी शामिल था। पुलिस ने घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी तो घटना के वक्त एक नकाबपोश युवक घर में इंट्री करते दिखाई दिया। पुलिस पूछताछ करती रही लेकिन दीपक किसी छठे व्यक्ति के होने की बात से इंकार करता रहा।
पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि घटना से कुछ देर पहले ही उसने किसी को कॉल किया था। इस पर जब पुलिस ने सख्ती से पूछा तो उसने बताया कि यह कालिंदीपुरम में रहने वाला उसका दोस्त है। यह भी बताया कि मौके पर पहुंचकर उसने भी गोलियां चलाई थीं। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। उधर हिरासत में लिए गए दीपक व राजेश से लगातार दूसरे दिन पूछताछ चलती रही।
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल दीपक अपने इसी बयान पर कायम है कि दोनों मृतक व उनके दो साथी ही असलहा लेकर आए थे और उस पर जबरन जमीन का बैनामा करने का दबाव बना रहे थे। इसी दौरान बात बढ़ने पर उसने पिस्टल छीनकर गोली चला दी। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि नामजद कराए गए अमन, पंकज व एक अन्य की तलाश की जा रही है।
अतीक गैंग से तो नहीं जुड़े हत्याकांड के तार?
धूमनगंज दोहरे हत्याकांड में अब तक कि जांच पड़ताल में भले ही दो हत्याओं केपीछे जमीन के विवाद की बात सामने आई हो। लेकिन चर्चा इस बात की भी है कि हत्याकांड के तार कहीं अतीक अहमद गैंग से तो नहीं जुड़े। दरअसल मौके से जो स्टांप बरामद किया गया और कहा जा रहा है कि इसे दोनों मृतकों के साथ आया इमरान खुद लेकर पहुंचा था, वह कुछ और ही कहानी कह रहा है।
सूत्रों का कहना है कि स्टांप देखने से पता चलता है कि यह करीब पांच महीने पहले 20 नवंबर 2021 को जारी हुआ था। 500 रुपये के इस स्टांप पर द्वितीय पार्टी के कॉलम में दीपक विश्वकर्मा का नाम अंकित है। सबसे खास और चौंकाने वाली बात यह है कि स्टांप पर प्रथम पार्टी के कॉलम में अली अहमद का नाम लिखा हुआ है। यह अली अहमद कौन है, फिलहाल इसका पता नहीं चल सका है। लेकिन यह भी चर्चा है कि कहीं यह अतीक अहमद का बेटा और हत्या के प्रयास व पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहा 50 हजार का इनामी अली तो नहीं।
दरअसल घटना में मारा गया एक युवक अतीक के ही एक गुर्गे का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। हाल ही में इस गुर्गे के खिलाफ पीडीए ने कार्रवाई भी की थी। पुलिस अफसरों का कहना है कि फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी।
दीपक किसी और से कर चुका था एग्रीमेंट
पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि दीपक व मृतक पक्ष के बीच जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, उसका सौदा पहले ही तय हो चुका था। दीपक ने इस जमीन का एग्रीमेंट किसी अन्य से कर लिया था जबकि इमरान, रसूल व दोनों मृतक इस जमीन का सौदा करने का दबाव दीपक पर बना रहे थे।
गम व गुस्से के बीच अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में दोनों शव उनके घर ले जाए गए। करीब एक घंटे बाद दोनों शवों को 120 फीट रोड के पास स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया। जहां गम व गुस्से के बीच दोनों शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। हालात को देखते हुए मौकेपर भारी पुलिस फोर्स भी तैनात की गई थी। धूमनगंज के साथ ही पूरामुफ्ती, करेली, शिवकुटी समेत अन्य थानों की फोर्स मौके पर तैनात रही।
सुल्तान को तीन, यासिर को लगी थी दो गोलियां
प्रयागराज। धूमनगंज डबल मर्डर में मारे गए सुल्तान व यासिर को कुल पांच गोलियां मारी गईं थीं। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम में इसका खुलासा हुआ। यासिर के सिर व पेट में गोली लगी थी जबकि सुल्तान के सिर में दो और सीने में एक गोली लगी थी। एक गोली उसके सिर से पार हो गई थी जबकि दो गोलियां शरीर में फंसी मिली। उधर यासिर के पेट में काफी मात्रा में छर्रे भी धंसे मिले।