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लोकरंग की छवियों से सजा लोकोत्सव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 25 Apr 2016 01:03 AM IST
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लोकोत्सव में बिखेरी छटा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सामाजिक सरोकारों को समर्पित संस्था प्रयास और प्रज्ज्वल ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को हिंदुस्तानी एकेडेमी के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित ‘लोकोत्सव-2016’ में लोक संस्कृति के विविधतापूर्ण रंग बिखरे। जुटे कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने शाम सजाई।
सुपरिचित गायक आशुतोष श्रीवास्तव ने भजन ‘श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ से शुरुआत कर समां बांधा, फिर गजल मौसम आएंगे जाएंगे, हम तुमको न भूल पाएंगे सुनाई। इसी क्रम में कल्याणी मुखर्जी ने ‘लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो’, शिखा त्रिपाठी ने लोकगीत ‘सैयां मिले लरकइयां मैं क्या करौं’ और ‘रैलिया बैरन पिया को लिए जाए रे’ जैसी प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध किया। गायिका कृति श्रीवास्तव के होली गीत ‘रंग डालूंगी, रंग डालूंगी’ को खूब पसंद किया गया। काली नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।
मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा परिषद के सलाहकार प्रकाश राय उर्फ लल्लन राय और विशिष्ट अतिथि अपर महाधिवक्ता कमरुल हसन सिद्दीकी ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्य अतिथि ने संस्था की ओर से सुपरिचित गायिका स्वाति निरखी को ‘नारी शक्ति सम्मान’ से नवाजा। इसी क्रम में वरिष्ठ कर्मचारी नेता कृपाशंकर श्रीवास्तव, चौधरी कौशलेंद्र नाथ सिंह, भूपेंद्र श्रीवास्तव का अभिनंदन किया गया। संस्था अध्यक्ष सुमित श्रीवास्तव और महामंत्री अनुराग चंद्रा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किया। संयोजक पीसी वर्मा ने स्वागत, डॉ.रंजना त्रिपाठी ने संचालन और हरिमोहन वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में नवीन श्रीवास्तव, धीरज नागर, सत्येंद्र सिंह, बृजेश कनौजिया, मोनिका, शुभ्रा, अजीत, धीरज मेहरोत्रा, गुड्डू राय आदि मौजूद थे।
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सुपरिचित गायक आशुतोष श्रीवास्तव ने भजन ‘श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ से शुरुआत कर समां बांधा, फिर गजल मौसम आएंगे जाएंगे, हम तुमको न भूल पाएंगे सुनाई। इसी क्रम में कल्याणी मुखर्जी ने ‘लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो’, शिखा त्रिपाठी ने लोकगीत ‘सैयां मिले लरकइयां मैं क्या करौं’ और ‘रैलिया बैरन पिया को लिए जाए रे’ जैसी प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध किया। गायिका कृति श्रीवास्तव के होली गीत ‘रंग डालूंगी, रंग डालूंगी’ को खूब पसंद किया गया। काली नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।
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मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा परिषद के सलाहकार प्रकाश राय उर्फ लल्लन राय और विशिष्ट अतिथि अपर महाधिवक्ता कमरुल हसन सिद्दीकी ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्य अतिथि ने संस्था की ओर से सुपरिचित गायिका स्वाति निरखी को ‘नारी शक्ति सम्मान’ से नवाजा। इसी क्रम में वरिष्ठ कर्मचारी नेता कृपाशंकर श्रीवास्तव, चौधरी कौशलेंद्र नाथ सिंह, भूपेंद्र श्रीवास्तव का अभिनंदन किया गया। संस्था अध्यक्ष सुमित श्रीवास्तव और महामंत्री अनुराग चंद्रा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किया। संयोजक पीसी वर्मा ने स्वागत, डॉ.रंजना त्रिपाठी ने संचालन और हरिमोहन वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में नवीन श्रीवास्तव, धीरज नागर, सत्येंद्र सिंह, बृजेश कनौजिया, मोनिका, शुभ्रा, अजीत, धीरज मेहरोत्रा, गुड्डू राय आदि मौजूद थे।
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