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कार्य परिषद में ही होगा रजिस्ट्रार, एफओ पर निर्णय
Sat, 15 Feb 2020 01:34 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 15 Feb 2020 01:34 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति से रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला और वित्त अधिकारी (एफओ) डॉ. सुनीत कांत मिश्र को पद से हटाए जाने की संस्तुति की है। हालांकि इन दोनों अफसरों पर कार्य परिषद ही कोई निर्णय ले सकती है और अभी कार्य परिषद बैठक की कोई तिथि तय नहीं है।
आयोग अध्यक्ष ने आशंका व्यक्त की थी कि पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ मंत्रालय की ओर से कराई जा रही जांच को ये दोनों अफसर प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा आयोग की अध्यक्ष ने कुलपति से यह भी पूछा था कि आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में महिला अधीक्षकों को हटाए जाने के लिए जो संस्तुति की गई थी, उस पर क्या निर्णय हुआ।
कुलपति ने कुछ हॉस्टलों की अधीक्षिकाओं को तो बदल दिया है लेकिन कुछ हॉस्टल में बदलाव नहीं हुआ है। चर्चा है कि आयोग की टीम के लौटने के बाद इविवि प्रशासन इस दिशा में भी बड़ा बदलाव कर सकता है। इसके अलावा आयोग की सिफारिश पर इविवि प्रशासन छात्राओं की समस्याएं सुनने और त्वरित निस्तारण के लिए कमेटी का गठन भी जल्द करेगा।
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आयोग की टीम अब हर माह महिला हॉस्टलों का निरीक्षण करने आएगी। ऐसे में इविवि प्रशासन के पास हॉस्टलों में सुधार के लिए वक्त भी कम रह गया है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को आयोग की सिफारिश पर महिला हॉस्टल में आने-जाने का समय भी नए सिरे से निर्धारित करना है।
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आयोग अध्यक्ष ने आशंका व्यक्त की थी कि पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू के खिलाफ मंत्रालय की ओर से कराई जा रही जांच को ये दोनों अफसर प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा आयोग की अध्यक्ष ने कुलपति से यह भी पूछा था कि आयोग की अंतरिम रिपोर्ट में महिला अधीक्षकों को हटाए जाने के लिए जो संस्तुति की गई थी, उस पर क्या निर्णय हुआ।
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कुलपति ने कुछ हॉस्टलों की अधीक्षिकाओं को तो बदल दिया है लेकिन कुछ हॉस्टल में बदलाव नहीं हुआ है। चर्चा है कि आयोग की टीम के लौटने के बाद इविवि प्रशासन इस दिशा में भी बड़ा बदलाव कर सकता है। इसके अलावा आयोग की सिफारिश पर इविवि प्रशासन छात्राओं की समस्याएं सुनने और त्वरित निस्तारण के लिए कमेटी का गठन भी जल्द करेगा।
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आयोग की टीम अब हर माह महिला हॉस्टलों का निरीक्षण करने आएगी। ऐसे में इविवि प्रशासन के पास हॉस्टलों में सुधार के लिए वक्त भी कम रह गया है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन को आयोग की सिफारिश पर महिला हॉस्टल में आने-जाने का समय भी नए सिरे से निर्धारित करना है।