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45 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 15 Dec 2016 12:44 AM IST
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मोती लाल नेहरू मेडिकल (एमएलएनएम) कॉलेज के प्रीतमदास प्रेक्षागृह में बुधवार को आयोजित देहदान शपथ ग्रहण समारोह में 45 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया। देहदानियों में नैनी स्थित शियाट्स के फारेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, एसआरएन अस्पताल की पूर्व सीएमएस डॉ. आशा जायसवाल आदि शामिल हैं। हालांकि देहदान के लिए कुल 70 दधीचियों ने आवेदन कर रखा है, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह मेें सब नहीं पहुंच सके। देहदान का संकल्प लेने वालों को प्रमाणपत्र भी वितरित किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत लोक सेवा आयोग के चेयरमैन अनुरुद्ध सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने महर्षि दधीचि की कहानी भी सुनाई और देहदान को समाज और देश के लिए जरूरी बताया। कहा कि मरने के बाद शरीर समाज के काम आए तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने इसके देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत भी बताई। कार्यक्रम में युग दधीचि देहदान अभियान के अगुवा मनोज सेंगर एवं उनकी पत्नी माधवी ने बताया कि वे अब तक 2500 लोगों को देहदान का संकल्प दिला चुके हैं। इनमें से 171 की मृत्यु के बाद उनके शरीर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दिलवा चुके हैं।
उनके अभियान से 750 नेत्रहीनों को रोशनी भी मिली है। कार्यक्रम में पैथालॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. वत्सला मिश्रा ने भी देहदान का संकल्प लेने वालों के प्रति आभार जताया। एनॉटमी विभाग के डॉ. बादल ने बताया कि 2016 में सबसे ज्यादा 13 देहदानी मिले। कार्यक्रम में देहदानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। एनॉटमी विभाग के डॉ. एके सिंह, बौद्ध कम्युन के जीएस शाक्या समेत बड़ी संख्या लोग मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की शुरूआत लोक सेवा आयोग के चेयरमैन अनुरुद्ध सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने महर्षि दधीचि की कहानी भी सुनाई और देहदान को समाज और देश के लिए जरूरी बताया। कहा कि मरने के बाद शरीर समाज के काम आए तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने इसके देहदान के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत भी बताई। कार्यक्रम में युग दधीचि देहदान अभियान के अगुवा मनोज सेंगर एवं उनकी पत्नी माधवी ने बताया कि वे अब तक 2500 लोगों को देहदान का संकल्प दिला चुके हैं। इनमें से 171 की मृत्यु के बाद उनके शरीर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दिलवा चुके हैं।
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उनके अभियान से 750 नेत्रहीनों को रोशनी भी मिली है। कार्यक्रम में पैथालॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. वत्सला मिश्रा ने भी देहदान का संकल्प लेने वालों के प्रति आभार जताया। एनॉटमी विभाग के डॉ. बादल ने बताया कि 2016 में सबसे ज्यादा 13 देहदानी मिले। कार्यक्रम में देहदानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। एनॉटमी विभाग के डॉ. एके सिंह, बौद्ध कम्युन के जीएस शाक्या समेत बड़ी संख्या लोग मौजूद रहे।
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