{"_id":"6a481fad6e1981477207270a","slug":"crowd-surges-for-fertilizer-allegations-of-discrimination-raised-allahabad-news-c-417-1-sald1007-7710-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: खाद के लिए उमड़ी भीड़, भेदभाव का लगाया आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: खाद के लिए उमड़ी भीड़, भेदभाव का लगाया आरोप
Sat, 04 Jul 2026 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
करनाईपुर क्षेत्र के कहली सहकारी समितियों पर खाद के लिए किसानों भीड़।
कहली गांव स्थित खाद गोदाम पर शुक्रवार को डीएपी और यूरिया खाद लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। सैकड़ों किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे उनमें नाराजगी देखी गई।
ग्रामीण लालचंद यादव, जगदीश प्रसाद और भूपेंद्र यादव ने वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि एक ही आधार कार्ड पर कुछ किसानों को दो से तीन बोरी खाद दी जा रही है। वहीं, अन्य किसानों को केवल एक बोरी खाद देकर वापस भेजा जा रहा है।
उनका कहना है कि एक बोरी खाद से धान की खेती करना संभव नहीं है। इससे उन्हें खेती में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण में स्पष्ट रूप से भेदभाव किया जा रहा है। छोटे और सीमांत किसानों को इससे अधिक दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि कहली गांव में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। इस कारण कई किसानों को अपनी खतौनी उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। किसानों ने मांग की कि चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने तक खतौनी के बिना भी खाद दी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से धान की खेती प्रभावित नहीं होगी।
किसानों का आरोप है कि खाद गोदाम पर डीएपी और यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके बावजूद सचिव की ओर से सभी किसानों को समान रूप से खाद नहीं दी जा रही है। उन्होंने वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है। किसानों ने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की भी मांग की।
सहकारी समिति पर डीएपी और यूरिया खाद का वितरण किसानों के लिए किया जा रहा है। यदि कहीं भी वितरण में अनियमितता की सूचना मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। खाद लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। -अविनाश कुमार सिंह, एसडीएम, फूलपुर
विज्ञापन
ग्रामीण लालचंद यादव, जगदीश प्रसाद और भूपेंद्र यादव ने वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि एक ही आधार कार्ड पर कुछ किसानों को दो से तीन बोरी खाद दी जा रही है। वहीं, अन्य किसानों को केवल एक बोरी खाद देकर वापस भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
उनका कहना है कि एक बोरी खाद से धान की खेती करना संभव नहीं है। इससे उन्हें खेती में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण में स्पष्ट रूप से भेदभाव किया जा रहा है। छोटे और सीमांत किसानों को इससे अधिक दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि कहली गांव में चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। इस कारण कई किसानों को अपनी खतौनी उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। किसानों ने मांग की कि चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने तक खतौनी के बिना भी खाद दी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से धान की खेती प्रभावित नहीं होगी।
किसानों का आरोप है कि खाद गोदाम पर डीएपी और यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके बावजूद सचिव की ओर से सभी किसानों को समान रूप से खाद नहीं दी जा रही है। उन्होंने वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है। किसानों ने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की भी मांग की।
सहकारी समिति पर डीएपी और यूरिया खाद का वितरण किसानों के लिए किया जा रहा है। यदि कहीं भी वितरण में अनियमितता की सूचना मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। खाद लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। -अविनाश कुमार सिंह, एसडीएम, फूलपुर