फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Crisis on the existence of All India Radio, preparations for merger with Lucknow center

झटका : आकाशवाणी इलाहाबाद के अस्तित्व पर संकट, लखनऊ केंद्र में विलय की तैयारी

Fri, 13 May 2022 06:10 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 13 May 2022 06:10 AM IST
सार

आकाशवाणी इलाहाबाद से जुड़े संगीत, साहित्य, कला और नाट्य विधा से जुड़े कलाकारों को बड़ा झटका लगने वाला है। प्रसार भारती की अनुमति के बाद आकाशवाणी के इलाहाबाद केंद्र का लखनऊ विलय होने जा रहा है।

विज्ञापन
Crisis on the existence of All India Radio, preparations for merger with Lucknow center
prasar bharti

विस्तार

आकाशवाणी इलाहाबाद को अब लखनऊ केंद्र में विलय करने की तैयारी है। प्रसार भारती के इस कदम से दर्जन भर से अधिक लोकप्रिय कार्यक्रमों के प्रसारण बंद हो जाएंगे। इतना ही नहीं, इससे पचासों कर्मचारी भी प्रभावित होंगे। इस केंद्र से सुमित्रानंदन पंत, निराला और महादेवी जैसी विभूतियों का जुड़ाव रहा है।

विज्ञापन



आकाशवाणी इलाहाबाद से जुड़े संगीत, साहित्य, कला और नाट्य विधा से जुड़े कलाकारों को बड़ा झटका लगने वाला है। प्रसार भारती की अनुमति के बाद आकाशवाणी के इलाहाबाद केंद्र का लखनऊ विलय होने जा रहा है। दो साल के लंबे इंतजार के बाद आकाशवाणी के इलाहाबाद  के दरवाजे कलाकारों के लिए खुल तो गए थे, लेकिन अब इस केंद्र के विलय के निर्णय से प्रयागराज और आसपास के इलाके की कला संस्कृति, संगीत के संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन के प्रयासों को तगड़ा झटका लगने की आशंका है। इससे जहां आकाशवाणी में कलाकारों को काम के अवसर न केबराबर हो जाएंगे, वहीं अस्थाई तौर पर तैनात उद्घोषक और कंपेयरों की रोजी रोटी भी छिन जाएगी।

विज्ञापन

तमाम उद्घोषक और कंपेयर हो जाएंगे बेरोजगार
पता चला है कि प्रसार भारती के इस कदम से करीब 40 अस्थाई उद्घोषकों के साथ ही 25 कंपेयरों की छुट्टी हो जाएगी।  आकाशवाणी इलाहाबाद से जुड़े संगीत, साहित्य, कला इसके अलावा दर्जन भर से अधिक कार्यक्रमों की रिकार्डिंग और प्रसारण भी बंद हो जाएगा। पता चला है कि इस आदेश पर अमल के बाद सिर्फ प्रात:कालीन सभा से प्रसारित होने वाले कार्यक्रम भी रोडियो प्रेमी सुन सकेंगे। इससे शाम पांच से रात 11:10 बजे के बीच सायंकालीन सभा के आठ से नौ कार्यक्रमों का प्रसारण प्रभावित होगा। इसमें शाम को ग्रामीण बच्चों के लोकप्रिय कार्यक्रम बाल गोपाल, युववाणी, फिल्म संगीत, सुगम संगीत के अलावा गृह लक्ष्मी और पंचायत घर जैसे प्रसारण गुजरे जमाने की चीज बन सकते हैं।


आकाशवाणी के इलाहाबाद केंद्र का लखनऊ में विलय करने की चर्चा है। अभी कोई आदेश नहीं आया है। ऐसे में विलय के बाद प्रसारण की क्या रूपरेखा होगी या आने वाले समय में आकाशवाणी का क्या स्वरूप होगा, इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। - लोकेश कुमार शुक्ल, केंद्र निदेशक।

रेडियो श्रोता नाराज, विलय के विरोध में सड़कों पर उतरेंगे
आकाशवाणी इलाहाबाद केंद्र से फिलहाल विविध भारती के कई लोकप्रिय कार्यक्रमों को हटाए जाने के बाद रेडियो श्रोता नाराज हैं। ड्रामा स्टूडियो और म्यूजिक स्टूडियो में रिकार्डिंग न होने से जहां कलाकारों और इससे जुड़े लोगों में मलाल है, वहीं एक-एक कर बंद होते प्रसारणों को लेकर प्रसार भारती के प्रति लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। रेडियो श्रोता संघ की ओर से आकाशवाणी के विलय की चर्चा को लेकर कड़े प्रतिवाद की तैयारी है। इस निर्णय के विरोध में रेडियो प्रेमी और श्रोता संघ से जुड़े लोग सड़क पर उतरने का मन बना चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed