फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Criminal history is not the basis for not giving bail, accused involved in 46 criminal cases got bail

हाईकोर्ट ने कहा : आपराधिक इतिहास जमानत न देने का आधार नहीं, 46 आपराधिक मामलों में लिप्त अभियुक्त को मिली जमानत

Thu, 20 Jul 2023 10:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 20 Jul 2023 10:05 PM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि यह स्थापित सिद्धांत है कि जमानत एक नियम है और जेल अपवाद। जमानत देने का उद्देश्य है कि अभियुक्त ट्रायल के दौरान कोर्ट में उपस्थित हो। मौजूदा मामले में ऐसा कोई तथ्य नहीं कि याची भाग जाएगा, न्याय में कठिनाइयां पैदा करेगा, अपराध की पुनरावृत्ति करेगा या गवाहों व साक्ष्य को प्रभावित करेगा।

विज्ञापन
Criminal history is not the basis for not giving bail, accused involved in 46 criminal cases got bail
Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक इतिहास होने के आधार पर अभियुक्त को जमानत पर रिहा करने से इन्कार नहीं किया जा सकता। वह तब, जब प्रश्नगत मामले में उसके खिलाफ कोई विश्वसनीय साक्ष्य न हो। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने कानपुर नगर के सुमित अवस्थी की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए दिया है।

विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि यह स्थापित सिद्धांत है कि जमानत एक नियम है और जेल अपवाद। जमानत देने का उद्देश्य है कि अभियुक्त ट्रायल के दौरान कोर्ट में उपस्थित हो। मौजूदा मामले में ऐसा कोई तथ्य नहीं कि याची भाग जाएगा, न्याय में कठिनाइयां पैदा करेगा, अपराध की पुनरावृत्ति करेगा या गवाहों व साक्ष्य को प्रभावित करेगा। इन तथ्यों की मौजूदगी न होने की दशा में अभियुक्त जमानत पाने का हकदार हैं। कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर करते हुए याची सुमित अवस्थी को रिहा करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


 

याची का कहना था कि याची के खिलाफ 46 आपराधिक केस का इतिहास है और उसने सबका खुलासा किया है। याची 11 जून 2015 से जेल में बंद हैं। सह अभियुक्त रवि पर फायरिंग करने का आरोप है। याची को षड्यंत्र करने के आरोप में फंसाया गया है। उसके खिलाफ अपराध में लिप्त होने का कोई सबूत नहीं है। एक ही घटना को लेकर फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह भी कहा कि जेल में बंद होने के बावजूद याची के खिलाफ गुजैनी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कोर्ट ने तमाम शर्तें लगाई हैं। कहा है कि पालन न करने पर जमानत निरस्त की जा सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed