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यजमानी के झगड़े में खून खराबे की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 10 Jul 2016 01:35 AM IST
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संगमनगरी में यजमानी के झगड़े में कभी भी खून खराबा हो सकता है। देश के कोने-कोने से आने वाले यात्रियों को दलाल फर्जी तीर्थ पुरोहित बन उन्हें भ्रमित करके लूट रहे हैं। तीर्थ पुरोहित अपना निशान और झंडा बताकर यात्रियों को बरगलाने वाले दलालों को रोकते हैं तो दबंग मारपीट करते हैं। जंक्शन और नैनी रेलवे स्टेशन इस विवाद में अक्सर मारपीट होती है। कई बार गोली भी चल चुकी है। पुलिस की शह पर तीर्थपुरोहितों पर हमले के आरोपी बेखौफ घूमते हैं और धमकाते हैं। तीर्थ पुरोहितों ने पुलिस की लचर कार्यशैली की शिकायत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और वरिष्ठ पुलिस अफसरों से कर जान माल की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है।
मुट्ठीगंज के गऊघाट निवासी तीर्थपुरोहित धीरज मिश्र पर यजमानी के ही विवाद में पिछले दिनों जानलेवा हमला हुआ था। पहले तो पुलिस ने मामले की रिपोर्ट ही नहीं दर्ज की। पुलिस अफसरों से शिकायत के बाद नैनी पुलिस ने एफआईआर तो कर ली लेकिन अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। मुख्यमंत्री तक तीर्थपुरोहितों की व्यथा पहुंचाने वाले गोपाल मिश्र भुक्तभोगी धीरज के पिता हैं। उनका आरोप है कि 29 मई को उनका बेटा धीरज मिश्र यजमानों को लाने नैनी स्टेशन गया था। स्टेशन के बाहर चाका पूर्वा की ओर यजमानों से बात करते समय अपने साथियों के साथ आए लोगों ने धीरज को गाली देते हुए धमकाया। आरोप है कि विरोध करने पर धीरज पर पिस्टल से जान से मारने की नीयत से फायर भी किया गया।
इसकी शिकायत नैनी पुलिस और जीआरपी से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अफसरों से शिकायत के बाद 19 जून को नैनी पुलिस ने एक को नामजद कर अन्य अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट लिखी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह की घटना शुक्रवार की रात जंक्शन के लाइनशाह बाबा के छोर पर भी हुई । यात्रियों को ले जा रहे पंडों को दबंगों ने मारपीट कर भगा दिया। तीर्थपुरोहितों का कहना है कि पुलिस की शह पर दबंग यजमानी से रोज कमाने खाने वालों को धमका रहे हैं। इससे उनके समक्ष जीविका का संकट हो गया है।
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मुट्ठीगंज के गऊघाट निवासी तीर्थपुरोहित धीरज मिश्र पर यजमानी के ही विवाद में पिछले दिनों जानलेवा हमला हुआ था। पहले तो पुलिस ने मामले की रिपोर्ट ही नहीं दर्ज की। पुलिस अफसरों से शिकायत के बाद नैनी पुलिस ने एफआईआर तो कर ली लेकिन अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। मुख्यमंत्री तक तीर्थपुरोहितों की व्यथा पहुंचाने वाले गोपाल मिश्र भुक्तभोगी धीरज के पिता हैं। उनका आरोप है कि 29 मई को उनका बेटा धीरज मिश्र यजमानों को लाने नैनी स्टेशन गया था। स्टेशन के बाहर चाका पूर्वा की ओर यजमानों से बात करते समय अपने साथियों के साथ आए लोगों ने धीरज को गाली देते हुए धमकाया। आरोप है कि विरोध करने पर धीरज पर पिस्टल से जान से मारने की नीयत से फायर भी किया गया।
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इसकी शिकायत नैनी पुलिस और जीआरपी से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अफसरों से शिकायत के बाद 19 जून को नैनी पुलिस ने एक को नामजद कर अन्य अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट लिखी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसी तरह की घटना शुक्रवार की रात जंक्शन के लाइनशाह बाबा के छोर पर भी हुई । यात्रियों को ले जा रहे पंडों को दबंगों ने मारपीट कर भगा दिया। तीर्थपुरोहितों का कहना है कि पुलिस की शह पर दबंग यजमानी से रोज कमाने खाने वालों को धमका रहे हैं। इससे उनके समक्ष जीविका का संकट हो गया है।
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