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डेंगू से महिला की मौत, अस्पताल में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 14 Aug 2015 02:10 AM IST
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इलाहाबाद। डेंगू की शिकार महिला की बृहस्पतिवार सुबह टैगोर टाउन स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, सरकारी स्वास्थ्य महकमा अब भी इस बात पर अड़ा है कि महिला को डेंगू नहीं था और शुरू से इस मामले को हल्के में लेता रहा जबकि निजी अस्पताल में हुई जांच के दौरान महिला में डेंगू के लक्षण मिले थे। महिला की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के आईसीयू वार्ड में जमकर हंगामा किया। कहा कि शुक्रवार को डीएम से मिलकर मांग करेंगे कि महिला की मौत की वजह स्पष्ट की जाए। सरकारी महकमे के डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, इस बात से भी महिला के परिजनों में नराजगी है।
शिवकुटी में रहने वाले एक महिला को 11 दिन पहले बुखार आ गया था। कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी फायदा नहीं हुआ तो परिजन उसे लेकर टैगोर टाउन स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां महिला में डेंगू की पुष्टि हुई लेकिन तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी और डॉक्टरों को उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इस बीच मामला सामने आने पर सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह ने मेडिकल कॉलेज में महिला के रक्त की जांच कराई और दावा किया कि महिला को डेंगू नहीं है जबकि उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी।
नतीजा बृहस्पतिवार सुबह महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के आईसीयू में हंगामा शुरू कर दिया। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन ने किसी तरह समझाकर परिजनों को शांत कराया। हालांकि महिला की मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई। एक तरफ अस्पताल की रिपार्ट महिला में डेंगू की स्पष्ट रूप से पुष्टि कर रही है तो दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य महकमा दावा कर रहा है कि महिला को डेंगू नहीं था। पीड़ित परिजनों का कहना है कि वे जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग करेंगे। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला को बेहद गंभीर स्थिति में लाया गया था। उसे आईसीयू में वेंटीलेटर में रखा गया था। हृदय समेत कई अंगों के फेल हो जाने से उनकी मौत हो गई।
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‘महिला के खून के नमूने लेकर मेडिकल कालेज के पैथालॉजी विभाग में एलाइजा टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी। ऐसे में महिला की मौत डेंगू से नहीं हो सकती है। कई बार वायरल ओर गंभीर बुखार के कारण प्लेटलेट्स गिर जाता है और शरीर के कई अंग फेल हो जाते हैं। हो सकता इस प्रकरण में ऐसा ही हुआ है।’
डॉ. पद्माकर सिंह, सीएमओ
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शिवकुटी में रहने वाले एक महिला को 11 दिन पहले बुखार आ गया था। कई डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी फायदा नहीं हुआ तो परिजन उसे लेकर टैगोर टाउन स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां महिला में डेंगू की पुष्टि हुई लेकिन तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी और डॉक्टरों को उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इस बीच मामला सामने आने पर सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह ने मेडिकल कॉलेज में महिला के रक्त की जांच कराई और दावा किया कि महिला को डेंगू नहीं है जबकि उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी।
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नतीजा बृहस्पतिवार सुबह महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के आईसीयू में हंगामा शुरू कर दिया। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन ने किसी तरह समझाकर परिजनों को शांत कराया। हालांकि महिला की मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई। एक तरफ अस्पताल की रिपार्ट महिला में डेंगू की स्पष्ट रूप से पुष्टि कर रही है तो दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य महकमा दावा कर रहा है कि महिला को डेंगू नहीं था। पीड़ित परिजनों का कहना है कि वे जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग करेंगे। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला को बेहद गंभीर स्थिति में लाया गया था। उसे आईसीयू में वेंटीलेटर में रखा गया था। हृदय समेत कई अंगों के फेल हो जाने से उनकी मौत हो गई।
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‘महिला के खून के नमूने लेकर मेडिकल कालेज के पैथालॉजी विभाग में एलाइजा टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी। ऐसे में महिला की मौत डेंगू से नहीं हो सकती है। कई बार वायरल ओर गंभीर बुखार के कारण प्लेटलेट्स गिर जाता है और शरीर के कई अंग फेल हो जाते हैं। हो सकता इस प्रकरण में ऐसा ही हुआ है।’
डॉ. पद्माकर सिंह, सीएमओ