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एक और मुकदमे में फंसे शुआट्स के निदेशक विनोद बी लाल

Mon, 18 Dec 2017 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 18 Dec 2017 01:12 AM IST
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Vinod B Lal, director of Shuats, who is stranded in another case,
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
शुआट्स के निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल एक और मुकदमे में फंस गए हैं। उन पर आरोप है कि मिलीभगत कर डायोसिसयन एजुकेशन बोर्ड (डीईबी) में फर्जी तरीके से बैठक कर सुमिता परिमार को सचिव बनाया गया। इसके अलावा आधा दर्जन शिक्षण संस्थाओं में भी फर्जी ढंग से प्रबंधक बनाए गए। इन्हीं के माध्यम से कई करोड़ का गबन किया गया। बोर्ड की बैठक मोडेरेटर कमिश्नरी कोलिन सी थियोडोर ने की, जबकि उनको इसका अधिकार ही नहीं है। आरोप है कि विनोद बी लाल ने शिक्षण संस्थाओं में अपने करीबियों को जगह दी और इसके लिए फर्जी प्रपत्र तैयार करवाए।
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भाजपा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने इन सभी का उल्लेख करते हुए थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसमें कहा है कि चर्च ऑफ नार्थ इंडिया के अधीन डीईबी  सोसायटी डायोसिस ऑफ लखनऊ, सिविल लाइंस इलाहाबाद से संचालित है। इस सोसायटी के चेयरमैन बिशप डायोसिस ऑफ लखनऊ या उनकी ओर से नामित सदस्य होते हैं। दोनों की अनुपस्थिति में सदस्यों की ओर से आपस में किसी एक को चेयरमैन नामित करने का अधिकार है। जबकि फर्जी दस्तावेज तैयार करकेे कोडेरेटर कमिश्नरी कोलिन सी थियोडोर को चेयरमैन नामित कर दिया गया।
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उसी के बाद एक नवंबर को डीईबी की बैठक कर नियम विरुद्ध प्रस्ताव पास कर लिए गए। उन्हीं प्रस्तावों में कई स्कूलों के नए प्रबंधक बना दिए गए और छात्रों की ओर से फीस आदि के रूप में जमा कई करोड़ रुपये निकाल कर हजम कर लिए। जिसमें शुआट्स के निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल की मिलीभगत रही है। इस गड़बड़ी में लिप्त विनोद बी लाल के साथ-साथ पीसी सिंह, प्रबल दत्ता, एल्वान मसीह, जयंत अग्रवाल, कोलिन सी थियोडोर, सुमिता परिवार को नामजद किया गया है। रिपोर्ट संस्था के नव नियुक्त प्रबंधकों के खिलाफ भी है।
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