{"_id":"c91eee647795c51002a7ecc42b80b63a","slug":"uproar-in-the-slum-removal-daraganj-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारागंज में झुग्गी हटाने को लेकर हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दारागंज में झुग्गी हटाने को लेकर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 09 Jan 2015 01:32 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद। दारागंज सब्जी मंडी और झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने को लेकर बृहस्पतिवार को जमकर बवाल हुआ। स्थानीय लोगों ने विरोध में ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चलाए। झुग्गी-झोपड़ी हटाए जाने की सूचना मिलने पर विधायक अनुग्रह नारायण सिंह भी पहुंच गए। न्यायालय के आदेश का हवाला देकर उन्होंने भी विरोध जताया। इस पर नगर निगम और एडीए के अफसरों ने झुग्गी-झोपड़ी को छोड़ दिया। साथ ही सब्जी मंडी को अस्थाई तौर पर बेणी माधव मंदिर के पास स्थानांतरित कर दिया।
माघ मेला के दौरान कल्पवासियों के आने-जाने का प्रमुख रास्ता दारागंज थाने होकर ही जाता है। पुरानी जीटी रोड पर ढाल पर बड़ी संख्या में बनी अस्थाई झुग्गी-झोपड़ी और सब्जी मंडी को हटाने के लिए नगर निगम और एडीए का दस्ता सुबह 11 बजे पहुंचा। कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ गए दस्ते ने मिट्टी के बनी झोपड़ियों को खाली करने का हुक्म सुनाया। इस पर लोग विरोध पर उतर आए। लोगों ने ईंट-पत्थर चलाए तो भगदड़ मच गई। हालांकि, फोर्स ने सभी को खदेड़ दिया। हंगामा बढ़ा तो विधायक भी समर्थकों के बीच पहुंच गए।
अनुग्रह नारायण सिंह ने 27 जुलाई 2010 के न्यायालय के आदेश का हवाला देकर झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने का विरोध किया। मामला बिगड़ता देख निगम की टीम पीछे हट गई। फिर आपसी सहमति से सब्जी मंडी को हटाया गया। करीब 70-75 दुकानों को हटाकर दूसरे स्थान पर लगाना तय किया गया। अतिक्रमण प्रभारी शिवलखन यादव और निरीक्षक पीयुष मोहिले ने बेणी माधव मंदिर के पास की जमीन को समतल कराया। बताया गया कि मेला अवधि तक सब्जी की दुकानें यहीं लगेंगी, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
माघ मेला के दौरान कल्पवासियों के आने-जाने का प्रमुख रास्ता दारागंज थाने होकर ही जाता है। पुरानी जीटी रोड पर ढाल पर बड़ी संख्या में बनी अस्थाई झुग्गी-झोपड़ी और सब्जी मंडी को हटाने के लिए नगर निगम और एडीए का दस्ता सुबह 11 बजे पहुंचा। कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ गए दस्ते ने मिट्टी के बनी झोपड़ियों को खाली करने का हुक्म सुनाया। इस पर लोग विरोध पर उतर आए। लोगों ने ईंट-पत्थर चलाए तो भगदड़ मच गई। हालांकि, फोर्स ने सभी को खदेड़ दिया। हंगामा बढ़ा तो विधायक भी समर्थकों के बीच पहुंच गए।
विज्ञापन
अनुग्रह नारायण सिंह ने 27 जुलाई 2010 के न्यायालय के आदेश का हवाला देकर झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने का विरोध किया। मामला बिगड़ता देख निगम की टीम पीछे हट गई। फिर आपसी सहमति से सब्जी मंडी को हटाया गया। करीब 70-75 दुकानों को हटाकर दूसरे स्थान पर लगाना तय किया गया। अतिक्रमण प्रभारी शिवलखन यादव और निरीक्षक पीयुष मोहिले ने बेणी माधव मंदिर के पास की जमीन को समतल कराया। बताया गया कि मेला अवधि तक सब्जी की दुकानें यहीं लगेंगी, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत न हो।
विज्ञापन