{"_id":"5bef2451bdec2269360cbe96","slug":"up-throws-solwar-gang-in-tet-four-arrests","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी टीईटी में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
यूपी टीईटी में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Sat, 17 Nov 2018 01:53 AM IST
विज्ञापन
प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) में सेंध लगाने में लगाने की कोशिश कर रहे सॉल्वर गैंग का धूमनगंज पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए शुक्रवार रात चार लोगों को गिरफ्तार किया है। राजरूपपुर में साइबर कैफे में छापामारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल, प्रवेश पत्र, फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। वहीं, एसटीएफ ने भी सर्विलांस से मिले सुराग के आधार पर 13 संदिग्धों को उठाया है। शिकायतों और सूचना के आधार पर धूमनगंज पुलिस ने राजरूपपुर स्थित साइबर कैफे में छापामारी कर एक युवक को दो दिन पहले दबोचा। उससे पूछताछ के आधार पर कई घरों में छापामारी की गई तो तीन अन्य युवकों को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने उठाया। इनमें दो सॉल्वर बताए जा रहे हैं। एक आरोपी के पास मिली डायरी से अहम सुराग मिले तो अफसरों को सूचना देकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
इंस्पेक्टर धूमनगंज संदीप मिश्रा ने जब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की तो गोलमोल जवाब देने वाले युवक टूट गए। वरिष्ठ अफसरों को जानकारी देने के बाद पुलिस ने शुक्रवार शाम संदिग्धों को साथ राजरूपपुर स्थित एक साइबर कैफे में छापा मारा। वहां एक केबिन में बैठा युवक एक फोटो से कई आईडी बनाता मिला तो उसे भी हिरासत में लिया गया। मौके से लैपटॉप, मोबाइल, टीईटी के प्रवेश पत्र, फर्जी पहचान पत्र, फोटो आदि बरामद हुए। थाने लाकर की गई पूछताछ में मामला साफ हो गया।
इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह पुत्र राजेंद्र, अमरजीत पुत्र चंडीदीन (दोनों निवासी चकनारा मंझनपुर कौशाम्बी), जगजीवन यादव, पुत्र बलराम मंझनपुर, कौशाम्बी हैं। इनका साथी फतेहपुर धाता निवासी कुलदीप सिंह पुत्र रामप्रताप साइबर कैफे संचालक है जबकि पंकज सॉल्वर गैंग गिरोह का सरगना है। इन आरोपियों से अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक सॉल्वर गैंग के सदस्य टीईटी पास कराने के लिए दो से दस लाख रुपये तक का ठेका लेते थे। बतौर एडवांस एक से दो लाख रुपये लिए गए थे। इसकी पुष्टि साइबर कैफे में सरगना पंकज के पास मिली डायरी से की गई। डायरी में एडवांस देेने वालों के नाम लिखे हैं। इसमें तय रकम के साथ एडवांस और बकाया रकम भी दर्ज है। अधिकांश रकम परीक्षा से पहले ही वसूल करने की तैयारी थी।
सॉल्वर गैंग के सदस्यों से मिली जानकारी के मुताबिक परीक्षाओं में धांधली कराने और सॉल्वर उपलब्ध कराने का मास्टर माइंड एक कोचिंग संचालक है। उसकी निगरानी कर छापा मारा गया लेकिन वह हाथ नहीं आया। दो आरोपी युवकों ने बताया कि वे राजरूपपुर में कमरा किराए पर लेकर रहते हैं और भुगतान होने पर परीक्षा में दूसरे के स्थान पर बैठते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से कोचिंग संचालक के संपर्क होने के प्रमाण भी पुलिस के हाथ लगे हैं। जल्द ही वह पुलिस की गिरफ्त में होगा।
सॉल्वर गैंग गिरोह के सदस्य साइबर कैफे में एक फोटो से चार आईडी बनाते थे। मौके से बरामद फोटो, पहचान पत्र और अन्य प्रपत्रों से यह साफ हो गया कि किसी की धुंधली फोटो को वे इस तरह स्कैन कर आईडी बनाते कि बारीक नजर रखने वाले भी न पकड़ पाएं। ठेका देने वाले परीक्षार्थियों के चेहरे से मिलान कर आईडी बनाए जाने के कई दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस के हत्थे चढ़ा सॉल्वर गैंग प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाने और धांधली कराने के काम में दो साल से सक्रिय है। एक परीक्षा के लिए सॉल्वर उपलब्ध कराने और पास कराने के एवज में दो से दस लाख रुपये की वसूली की जाती है। बरामद डायरी में इसका उल्लेख भी है। पुलिस का मानना है कि टीईटी ा के लिए ही गैंग सरगना ने करीब 20 लोगों से लाखों की वसूली की है। अनुमान के मुताबिक गिरोह संचालक अब तक करोड़ों का वारान्यारा कर चुका है। इसकी पड़ताल की जा रही है।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर धूमनगंज संदीप मिश्रा ने जब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की तो गोलमोल जवाब देने वाले युवक टूट गए। वरिष्ठ अफसरों को जानकारी देने के बाद पुलिस ने शुक्रवार शाम संदिग्धों को साथ राजरूपपुर स्थित एक साइबर कैफे में छापा मारा। वहां एक केबिन में बैठा युवक एक फोटो से कई आईडी बनाता मिला तो उसे भी हिरासत में लिया गया। मौके से लैपटॉप, मोबाइल, टीईटी के प्रवेश पत्र, फर्जी पहचान पत्र, फोटो आदि बरामद हुए। थाने लाकर की गई पूछताछ में मामला साफ हो गया।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह पुत्र राजेंद्र, अमरजीत पुत्र चंडीदीन (दोनों निवासी चकनारा मंझनपुर कौशाम्बी), जगजीवन यादव, पुत्र बलराम मंझनपुर, कौशाम्बी हैं। इनका साथी फतेहपुर धाता निवासी कुलदीप सिंह पुत्र रामप्रताप साइबर कैफे संचालक है जबकि पंकज सॉल्वर गैंग गिरोह का सरगना है। इन आरोपियों से अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पूछताछ की जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक सॉल्वर गैंग के सदस्य टीईटी पास कराने के लिए दो से दस लाख रुपये तक का ठेका लेते थे। बतौर एडवांस एक से दो लाख रुपये लिए गए थे। इसकी पुष्टि साइबर कैफे में सरगना पंकज के पास मिली डायरी से की गई। डायरी में एडवांस देेने वालों के नाम लिखे हैं। इसमें तय रकम के साथ एडवांस और बकाया रकम भी दर्ज है। अधिकांश रकम परीक्षा से पहले ही वसूल करने की तैयारी थी।
सॉल्वर गैंग के सदस्यों से मिली जानकारी के मुताबिक परीक्षाओं में धांधली कराने और सॉल्वर उपलब्ध कराने का मास्टर माइंड एक कोचिंग संचालक है। उसकी निगरानी कर छापा मारा गया लेकिन वह हाथ नहीं आया। दो आरोपी युवकों ने बताया कि वे राजरूपपुर में कमरा किराए पर लेकर रहते हैं और भुगतान होने पर परीक्षा में दूसरे के स्थान पर बैठते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से कोचिंग संचालक के संपर्क होने के प्रमाण भी पुलिस के हाथ लगे हैं। जल्द ही वह पुलिस की गिरफ्त में होगा।
सॉल्वर गैंग गिरोह के सदस्य साइबर कैफे में एक फोटो से चार आईडी बनाते थे। मौके से बरामद फोटो, पहचान पत्र और अन्य प्रपत्रों से यह साफ हो गया कि किसी की धुंधली फोटो को वे इस तरह स्कैन कर आईडी बनाते कि बारीक नजर रखने वाले भी न पकड़ पाएं। ठेका देने वाले परीक्षार्थियों के चेहरे से मिलान कर आईडी बनाए जाने के कई दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस के हत्थे चढ़ा सॉल्वर गैंग प्रतियोगी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाने और धांधली कराने के काम में दो साल से सक्रिय है। एक परीक्षा के लिए सॉल्वर उपलब्ध कराने और पास कराने के एवज में दो से दस लाख रुपये की वसूली की जाती है। बरामद डायरी में इसका उल्लेख भी है। पुलिस का मानना है कि टीईटी ा के लिए ही गैंग सरगना ने करीब 20 लोगों से लाखों की वसूली की है। अनुमान के मुताबिक गिरोह संचालक अब तक करोड़ों का वारान्यारा कर चुका है। इसकी पड़ताल की जा रही है।