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यूको बैंक के 16 लॉकर तोड़कर करोड़ों की चोरी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 02 May 2018 02:01 AM IST
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इलाहाबाद
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शहर के सबसे पॉश इलाके सिविल लाइंस में चोरों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दे दिया। सुभाष चौराहे से कुछ दूरी पर स्थित यूको बैंक की मुख्य शाखा के 16 लॉकर तोड़कर चोर करोड़ों रुपये का माल पार गए। पीछे की ओर स्थित खिड़की काटकर चोर बैंक के भीतर घुसे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से दो सिलेंडर, गैस कटर व अन्य औजार बरामद किए हैं। तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को बैंक खुला तो चोरी का पता चला। सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि घटना 29 अप्रैल की रात अंजाम दी गई। इसके खुलासे के लिए एसओजी के साथ ही एसटीएफ को भी लगाया गया है।
सरदार पटेल मार्ग पर यूको बैंक की मुख्य शाखा है। इसी शाखा में सेवा संबंधित (चेक क्लियरिंग आदि) का काम भी होता है। तीन दिन की बंदी के बाद मंगलवार सुबह बैंक खुलना था। ऐसे में संविदा पर तैनात सफाई कर्मचारी दीपक सुबह सवा नौ बजे बैंक पहुंचा। वह बैंक के भीतर जैसे ही पीछे की ओर स्थित चैंबर में गया तो वहां खिड़की की ग्रिल कटी देख उसके होश उड़ गए। उसकी सूचना पर मुख्य प्रबंधक मयंक सिंह समेत अन्य स्टाफ भीतर पहुंचा तो स्ट्रांग रूम का दरवाजा खुला मिला और कई लॉकर टूटे मिले। दरवाजा गैस कटर से काटा गया था।
बैंक में चोरी की सूचना पर पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन में सिविल लाइंस पुलिस के साथ एसपी सिटी सिद्धार्थशंकर मीणा, एसएसपी आकाश कुलहरि और आईजी रमित शर्मा पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। जांच-पड़ताल में पता चला कि चोर पीछे की ओर लगी खिड़की की ग्रिल काटकर बैंक में घुसे। इसके बाद साथ लाए गैस कटर के जरिए दरवाजा काटकर स्ट्रांग रूम के भीतर गए। फिर लॉकरों का ताला तोड़कर उसमें रखे गहने व अन्य सामान उड़ा ले गए। बैंक मैनेजर का कहना है कि चोरों ने 16 लॉकर तोड़े हैं। उनक तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
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बैंक स्टाफ से पूछताछ के साथ ही पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच-पड़ताल में जुटी है। घटना के खुलासे के लिए एसओजी के साथ ही एसटीएफ को भी लगाया गया है।
आकाश कुलहरि, एसएसपी
कैश बॉक्स भी काटने की कोशिश
चोरों ने स्ट्रांग रूम में बने कैश वॉल्ट को भी काटने की कोशिश की। गनीमत रही कि वह इसे पूरी तरह से काट नहीं सके। बैंक अफसरों का कहना है कि कैश वॉल्ट काटने में चोर कामयाब हो पाते, तो नुकसान कई गुना ज्यादा का होता।
गहनों समेत करोड़ों का माल ले गए
बैंक अफसरों का कहना है कि चोरी कितने की है, फिलहाल इस बारे में कुछ बता पाना संभव नहीं है। फिर भी अनुमान के मुताबिक माना जा रहा है कि घटना में करोड़ों का माल चोरी गया। एक लॉकर में कम से कम छह लाख रुपये के जेवर व अन्य सामान माना जाए तो कुल रकम 96 लाख के आसपास बैठती है।
सोने के जेवर समेटे, चांदी छोड़ गए
इस घटना में खास बात यह रही कि चोर सोने के जेवर ले गए, चांदी से बने गहनों को वहीं छोड़ दिया। ऐसा इसलिए माना जा रहा है कि स्ट्रांग रूम के भीतर जमीन पर चांदी के काफी जेवर बिखरे हुए थे। आशंका है कि सोने के गहनों से ही बैग आदि भर जाने के कारण चोर चांदी वहीं छोड़ गए।
ग्राहकों की जिम्मेदारी, बैंक नहीं करेगा भुगतान
जानकारों की मानें तो घटना में ग्राहकों का जो भी नुकसान हुआ है, उसके लिए बैंक की ओर से उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट के मुताबिक, लॉकर के भीतर रखे सामान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है। चूंकि, बैंक सुरक्षा की गारंटी देते हैं, ऐसे में ग्राहक उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत रख सकते हैं।
दो सिलेंडर, एक गैस कटर बरामद
जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस को मौके से दो गैस सिलेंडर, एक गैस कटर व दो बड़े पेचकस, प्लास बरामद किए गए हैं। इनमें से एक जहां छोटा घरेलू गैस सिलेंडर वहीं दूसरा कॉमर्शियल सिलेंडर है। जिस खिड़की की ग्रिल काटकर चोर भीतर घुसे, फोरेंसिक टीम को वहां रखी एक कुर्सी पर चोरों के जूतों के निशान मिले हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट को स्ट्रांग रूम, दरवाजों, खिड़कियाें और छोटे सिलेंडर पर चोरों के अंगुलियों के निशान मिले हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे तीन बदमाश
बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में चोरों की करतूत कैद हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो पता चला कि बैंक के भीतर घुसे तीन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। इनमें से दो ने जहां अपना आधा चेहरा कपड़े से ढक रखा था, वहीं एक पूरे चेहरे पर नकाब बंाधे हुए था। हालांकि पुलिस का मानना है कि चोरों की संख्या तीन से ज्यादा रही होगी। हो सकता है कि उनके कुछ साथी बाहर खड़े रहे हों।
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सरदार पटेल मार्ग पर यूको बैंक की मुख्य शाखा है। इसी शाखा में सेवा संबंधित (चेक क्लियरिंग आदि) का काम भी होता है। तीन दिन की बंदी के बाद मंगलवार सुबह बैंक खुलना था। ऐसे में संविदा पर तैनात सफाई कर्मचारी दीपक सुबह सवा नौ बजे बैंक पहुंचा। वह बैंक के भीतर जैसे ही पीछे की ओर स्थित चैंबर में गया तो वहां खिड़की की ग्रिल कटी देख उसके होश उड़ गए। उसकी सूचना पर मुख्य प्रबंधक मयंक सिंह समेत अन्य स्टाफ भीतर पहुंचा तो स्ट्रांग रूम का दरवाजा खुला मिला और कई लॉकर टूटे मिले। दरवाजा गैस कटर से काटा गया था।
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बैंक में चोरी की सूचना पर पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। आननफानन में सिविल लाइंस पुलिस के साथ एसपी सिटी सिद्धार्थशंकर मीणा, एसएसपी आकाश कुलहरि और आईजी रमित शर्मा पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। जांच-पड़ताल में पता चला कि चोर पीछे की ओर लगी खिड़की की ग्रिल काटकर बैंक में घुसे। इसके बाद साथ लाए गैस कटर के जरिए दरवाजा काटकर स्ट्रांग रूम के भीतर गए। फिर लॉकरों का ताला तोड़कर उसमें रखे गहने व अन्य सामान उड़ा ले गए। बैंक मैनेजर का कहना है कि चोरों ने 16 लॉकर तोड़े हैं। उनक तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
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बैंक स्टाफ से पूछताछ के साथ ही पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच-पड़ताल में जुटी है। घटना के खुलासे के लिए एसओजी के साथ ही एसटीएफ को भी लगाया गया है।
आकाश कुलहरि, एसएसपी
कैश बॉक्स भी काटने की कोशिश
चोरों ने स्ट्रांग रूम में बने कैश वॉल्ट को भी काटने की कोशिश की। गनीमत रही कि वह इसे पूरी तरह से काट नहीं सके। बैंक अफसरों का कहना है कि कैश वॉल्ट काटने में चोर कामयाब हो पाते, तो नुकसान कई गुना ज्यादा का होता।
गहनों समेत करोड़ों का माल ले गए
बैंक अफसरों का कहना है कि चोरी कितने की है, फिलहाल इस बारे में कुछ बता पाना संभव नहीं है। फिर भी अनुमान के मुताबिक माना जा रहा है कि घटना में करोड़ों का माल चोरी गया। एक लॉकर में कम से कम छह लाख रुपये के जेवर व अन्य सामान माना जाए तो कुल रकम 96 लाख के आसपास बैठती है।
सोने के जेवर समेटे, चांदी छोड़ गए
इस घटना में खास बात यह रही कि चोर सोने के जेवर ले गए, चांदी से बने गहनों को वहीं छोड़ दिया। ऐसा इसलिए माना जा रहा है कि स्ट्रांग रूम के भीतर जमीन पर चांदी के काफी जेवर बिखरे हुए थे। आशंका है कि सोने के गहनों से ही बैग आदि भर जाने के कारण चोर चांदी वहीं छोड़ गए।
ग्राहकों की जिम्मेदारी, बैंक नहीं करेगा भुगतान
जानकारों की मानें तो घटना में ग्राहकों का जो भी नुकसान हुआ है, उसके लिए बैंक की ओर से उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट के मुताबिक, लॉकर के भीतर रखे सामान के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं है। चूंकि, बैंक सुरक्षा की गारंटी देते हैं, ऐसे में ग्राहक उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत रख सकते हैं।
दो सिलेंडर, एक गैस कटर बरामद
जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस को मौके से दो गैस सिलेंडर, एक गैस कटर व दो बड़े पेचकस, प्लास बरामद किए गए हैं। इनमें से एक जहां छोटा घरेलू गैस सिलेंडर वहीं दूसरा कॉमर्शियल सिलेंडर है। जिस खिड़की की ग्रिल काटकर चोर भीतर घुसे, फोरेंसिक टीम को वहां रखी एक कुर्सी पर चोरों के जूतों के निशान मिले हैं। फोरेंसिक एक्सपर्ट को स्ट्रांग रूम, दरवाजों, खिड़कियाें और छोटे सिलेंडर पर चोरों के अंगुलियों के निशान मिले हैं।
सीसीटीवी फुटेज में दिखे तीन बदमाश
बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में चोरों की करतूत कैद हो गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो पता चला कि बैंक के भीतर घुसे तीन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। इनमें से दो ने जहां अपना आधा चेहरा कपड़े से ढक रखा था, वहीं एक पूरे चेहरे पर नकाब बंाधे हुए था। हालांकि पुलिस का मानना है कि चोरों की संख्या तीन से ज्यादा रही होगी। हो सकता है कि उनके कुछ साथी बाहर खड़े रहे हों।