{"_id":"594043ff8664196c5d8b483c","slug":"trickster-shot-dead-businessman-dies","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुटेरों की गोली से व्यापारी की मौत, चक्काजाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लुटेरों की गोली से व्यापारी की मौत, चक्काजाम
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 14 Jun 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
allahabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुराने पुल के पास नैनी इलाके में सोमवार रात लुटेरों की गोली से घायल व्यापारी अनिल गुप्ता उर्फ पप्पू ने मंगलवार को एसआरएन अस्पताल में ऑपरेशन के बाद दम तोड़ दिया। वारदात से नाराज कारोबारियों ने दोपहर में बहादुरगंज से लेकर बताशा मंडी तक दुकानों को बंद कराकर चक्काजाम कर दिया। पुलिस के काफी समझाने पर लोग शांत हुए तो रात में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। गोली मारने वाले बदमाशों का अभी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
अनिल गुप्ता उर्फ पप्पू (55) की बताशा मंडी में दुकान है। वह इमली समेत कुछ और सामान बाहर से मंगाकर सप्लाई करते थे। पहले वह चक जीरो रोड पर रहते थे। छह महीने पहले वह नैनी में रीवा रोड स्थित पदम इंक्लेव में फ्लैट खरीदकर रहने लगे। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में पत्नी सुनीता, बेटा अभिनव और बेटी आकांक्षा है। बेटी की शादी हो चुकी है। अभिनव पटना में सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत है। अनिल रोज रात दुकान बंद करने के बाद बिक्री के पैसे लेकर बाइक पर नैनी में घर जाते थे।
सोमवार रात भी करीब दस बजे वह घर के लिए रवाना हुए थे। पुराना पुल पारकर वह नैनी इलाके में दाखिल हुए तभी अपाचे बाइक सवार दो बदमाश बगल में आए। पीछे बैठे बदमाश ने अनिल पर फायर कर दिया। उनके सीने के पास गोली लगी। तब भी वह बाइक चलाकर ढाबे तक जाकर गिरे तो वहां खाने के लिए आए छात्रों ने उन्हें एसआरएन अस्पताल पहुंचाया। साथ ही परिजनों को खबर दी तो वे भी अस्पताल पहुंच गए। मंगलवार सुबह ऑपरेशन कर 315 बोर की गोली निकाली गई, मगर ऑपरेशन के बाद अनिल की हालत अचानक बिगड़ी और दोपहर तकरीबन दो बजे उनकी सांस थम गई।
विज्ञापन
अनिल की मौत की खबर से परिजन गम में डूब गए तो कारोबारी भी स्तब्ध रह गए। बहादुरगंज और बताशा मंडी के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दीं और ट्राली-ठेले सड़क पर खड़ाकर जाम लगा दिया। वे पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए मुआवजा और बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सीओ केजी सिंह और इंस्पेक्टर कोतवाली अनुपम शर्मा ने आकर कारोबारियों से बात की। उन्हें बताया कि नैनी थाने में केस दर्ज कराया जाए। पुलिस कातिलों को गिरफ्तार करेगी। करीब दो घंटे बाद जाम खत्म हुआ तो पुलिस ने पंचनामा भरकर शव चीरघर भेजा। रात में पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाया गया। अंत्येष्टि बुधवार को होगी।
आरोप-गलत ऑपरेशन से चली गई जान
परिवार के लोगों का आरोप है कि गलत ढंग से ऑपरेशन की वजह से अनिल की जान गई। गोली लगने के बाद भी वह ठीक थे। उनकी हालत ठीक देखकर ही पत्नी सुनीता भोर में घर चली गईं थीं। अनिल ने पत्नी को अपनी जेब से निकालकर 65 हजार रुपये तथा अंगूठी उतारकर दी थी, ताकि वह घर लेती जाएं। मगर ऑपरेशन में लापरवाही से गाल ब्लैडर फट गया और अनिल की सांस थम गई। परिजन डॉक्टरों को कोस रहे थे।
नहीं लिखाना है केस, निकम्मी है पुलिस
- अनिल गुप्ता उर्फ पप्पू की हत्या से कारोबारियों और परिजनों में इस कदर नाराजगी है कि वे मुकदमा तक लिखाने से मना कर रहे थे। उनका कहना था कि क्या होगा मुकदमा लिखाने से, पुलिस तो निकम्मी है। रोज ही ऐसी वारदात हो रही है। परिजनों ने कहा कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। यह लुटेरों का ही कारनामा है। अनिल रोज रात दुकान बंद करने के बाद पैसे लेकर घर जाते थे। आमतौर पर वह बोरी में सिक्के ले जाते थे, लेकिन सोमवार रात वह 65 हजार रुपये के नोट जेब में रखे थे। ऐसे में शक है कि उनके बारे में जानकारी रखने वाले बदमाश बहादुरगंज से पीछे लगे थे। सुनसान में लूटने के लिए रोकने की कोशिश की और गोली मार दी।
विज्ञापन
अनिल गुप्ता उर्फ पप्पू (55) की बताशा मंडी में दुकान है। वह इमली समेत कुछ और सामान बाहर से मंगाकर सप्लाई करते थे। पहले वह चक जीरो रोड पर रहते थे। छह महीने पहले वह नैनी में रीवा रोड स्थित पदम इंक्लेव में फ्लैट खरीदकर रहने लगे। वह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। परिवार में पत्नी सुनीता, बेटा अभिनव और बेटी आकांक्षा है। बेटी की शादी हो चुकी है। अभिनव पटना में सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत है। अनिल रोज रात दुकान बंद करने के बाद बिक्री के पैसे लेकर बाइक पर नैनी में घर जाते थे।
विज्ञापन
सोमवार रात भी करीब दस बजे वह घर के लिए रवाना हुए थे। पुराना पुल पारकर वह नैनी इलाके में दाखिल हुए तभी अपाचे बाइक सवार दो बदमाश बगल में आए। पीछे बैठे बदमाश ने अनिल पर फायर कर दिया। उनके सीने के पास गोली लगी। तब भी वह बाइक चलाकर ढाबे तक जाकर गिरे तो वहां खाने के लिए आए छात्रों ने उन्हें एसआरएन अस्पताल पहुंचाया। साथ ही परिजनों को खबर दी तो वे भी अस्पताल पहुंच गए। मंगलवार सुबह ऑपरेशन कर 315 बोर की गोली निकाली गई, मगर ऑपरेशन के बाद अनिल की हालत अचानक बिगड़ी और दोपहर तकरीबन दो बजे उनकी सांस थम गई।
विज्ञापन
अनिल की मौत की खबर से परिजन गम में डूब गए तो कारोबारी भी स्तब्ध रह गए। बहादुरगंज और बताशा मंडी के व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दीं और ट्राली-ठेले सड़क पर खड़ाकर जाम लगा दिया। वे पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए मुआवजा और बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सीओ केजी सिंह और इंस्पेक्टर कोतवाली अनुपम शर्मा ने आकर कारोबारियों से बात की। उन्हें बताया कि नैनी थाने में केस दर्ज कराया जाए। पुलिस कातिलों को गिरफ्तार करेगी। करीब दो घंटे बाद जाम खत्म हुआ तो पुलिस ने पंचनामा भरकर शव चीरघर भेजा। रात में पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाया गया। अंत्येष्टि बुधवार को होगी।
आरोप-गलत ऑपरेशन से चली गई जान
परिवार के लोगों का आरोप है कि गलत ढंग से ऑपरेशन की वजह से अनिल की जान गई। गोली लगने के बाद भी वह ठीक थे। उनकी हालत ठीक देखकर ही पत्नी सुनीता भोर में घर चली गईं थीं। अनिल ने पत्नी को अपनी जेब से निकालकर 65 हजार रुपये तथा अंगूठी उतारकर दी थी, ताकि वह घर लेती जाएं। मगर ऑपरेशन में लापरवाही से गाल ब्लैडर फट गया और अनिल की सांस थम गई। परिजन डॉक्टरों को कोस रहे थे।
नहीं लिखाना है केस, निकम्मी है पुलिस
- अनिल गुप्ता उर्फ पप्पू की हत्या से कारोबारियों और परिजनों में इस कदर नाराजगी है कि वे मुकदमा तक लिखाने से मना कर रहे थे। उनका कहना था कि क्या होगा मुकदमा लिखाने से, पुलिस तो निकम्मी है। रोज ही ऐसी वारदात हो रही है। परिजनों ने कहा कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। यह लुटेरों का ही कारनामा है। अनिल रोज रात दुकान बंद करने के बाद पैसे लेकर घर जाते थे। आमतौर पर वह बोरी में सिक्के ले जाते थे, लेकिन सोमवार रात वह 65 हजार रुपये के नोट जेब में रखे थे। ऐसे में शक है कि उनके बारे में जानकारी रखने वाले बदमाश बहादुरगंज से पीछे लगे थे। सुनसान में लूटने के लिए रोकने की कोशिश की और गोली मार दी।