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तीन दिन बाद भी आपत्तिजनक वीडियो की जांच शुरू नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 15 Oct 2018 01:40 AM IST
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भाजपा काशी क्षेत्र के संगठन मंत्री का आपत्तिजनक वीडियो फेसबुक पर पोस्ट करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी विवेचना आगे नहीं बढ़ सकी है। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि मामले में आईटी एक्ट की धाराएं भी लगी हैं, जिसके कारण साइबर सेल को जानकारी दी गई है। उनकी ओर से कुछ तथ्य मिलने के बाद विवेचना शुरू की जाएगी।
रत्नाकर भाजपा काशी और गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री हैं। 11 अक्तूबर को फेसबुक पर उनका आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया था। इसकी जानकारी होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से एसएसपी से शिकायत की गई। उधर सरोजनी नायडू मार्ग पर रहने वाले अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। इसमें कहा गया कि सुशील त्रिवेदी नाम के व्यक्ति ने रत्नाकर की फोटो को एडिट व कांट-छांट करके एक महिला के साथ जोड़ते हुए कूटरचित तरीके से अश्लील फोटो व वीडियो क्लिपिंग बनाई। इसके बाद पार्टी व संगठन मंत्री को बदनाम करने की नीयत से सुबह नौ बजे अश्लील फोटो, क्लिपिंग व अभद्र स्टेटस अपने फेसबुक आईडी से पोस्ट करके शेयर किया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि राजनैतिक विरोधी साजिश के तहत जानबूझकर शेयर कर रहे हैं, जिसमें उनकी भी मिलीभगत की बात सामने आ रही है।
तहरीर में यह भी कहा गया है कि आईडी देखने से पता चला है कि आरोपी समाजवादी पार्टी का पदाधिकारी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली थी। हालांकि रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी पुलिस मामले में आगे नहीं बढ़ सकी है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस शिवमंगल सिंह ने बताया कि साइबर सेल को रिपोर्ट भेज दी गई है। वहां से कुछ तथ्य मिलते ही विवेचना शुरू की जाएगी।
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मेरे खिलाफ षडयंत्र किया गया है। षडयंत्र करने वालों के खिलाफ मैंने इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
- रत्नाकर, संगठन मंत्री, भाजपा, काशी-गोरखपुर प्रांत
भाजपा नेता रत्नाकर का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी में खलबली मच गई है। वीडियो वायरल होने के बाद संगठन मंत्री से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने मामले में अनभिज्ञता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। हाल ही में काशी के साथ-साथ गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री का दायित्व देकर रत्नाकर का कद बढ़ाया गया था। उनको अगले प्रदेश संगठन मंत्री के तौर पर देखा जा रहा था। सूत्रों की मानें तो पूर्व में भी आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने की चर्चाएं पार्टी में होती थीं लेकिन सार्वजनिक प्लेटफार्म पर वीडियो नहीं आया था। इस बार सोशल मीडिया के जरिए यह वीडियो वायरल हुआ। वीडियो बड़े नेताओं से लेकर निचले स्तर के कार्यकर्ताओं तक पहुंच गया। इस बीच बड़े नेताओं ने पदाधिकारियों को अनावश्यक चर्चाएं न करने की हिदायत दी है। वहीं भाजपा काशी क्षेत्र के प्रभारी और प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई और काशी क्षेत्र अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसा कोई भी मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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रत्नाकर भाजपा काशी और गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री हैं। 11 अक्तूबर को फेसबुक पर उनका आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया गया था। इसकी जानकारी होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से एसएसपी से शिकायत की गई। उधर सरोजनी नायडू मार्ग पर रहने वाले अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। इसमें कहा गया कि सुशील त्रिवेदी नाम के व्यक्ति ने रत्नाकर की फोटो को एडिट व कांट-छांट करके एक महिला के साथ जोड़ते हुए कूटरचित तरीके से अश्लील फोटो व वीडियो क्लिपिंग बनाई। इसके बाद पार्टी व संगठन मंत्री को बदनाम करने की नीयत से सुबह नौ बजे अश्लील फोटो, क्लिपिंग व अभद्र स्टेटस अपने फेसबुक आईडी से पोस्ट करके शेयर किया। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि राजनैतिक विरोधी साजिश के तहत जानबूझकर शेयर कर रहे हैं, जिसमें उनकी भी मिलीभगत की बात सामने आ रही है।
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तहरीर में यह भी कहा गया है कि आईडी देखने से पता चला है कि आरोपी समाजवादी पार्टी का पदाधिकारी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ उसी दिन एफआईआर दर्ज कर ली थी। हालांकि रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी पुलिस मामले में आगे नहीं बढ़ सकी है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस शिवमंगल सिंह ने बताया कि साइबर सेल को रिपोर्ट भेज दी गई है। वहां से कुछ तथ्य मिलते ही विवेचना शुरू की जाएगी।
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मेरे खिलाफ षडयंत्र किया गया है। षडयंत्र करने वालों के खिलाफ मैंने इलाहाबाद में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
- रत्नाकर, संगठन मंत्री, भाजपा, काशी-गोरखपुर प्रांत
भाजपा नेता रत्नाकर का आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी में खलबली मच गई है। वीडियो वायरल होने के बाद संगठन मंत्री से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा। पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने मामले में अनभिज्ञता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। हाल ही में काशी के साथ-साथ गोरखपुर क्षेत्र के संगठन मंत्री का दायित्व देकर रत्नाकर का कद बढ़ाया गया था। उनको अगले प्रदेश संगठन मंत्री के तौर पर देखा जा रहा था। सूत्रों की मानें तो पूर्व में भी आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने की चर्चाएं पार्टी में होती थीं लेकिन सार्वजनिक प्लेटफार्म पर वीडियो नहीं आया था। इस बार सोशल मीडिया के जरिए यह वीडियो वायरल हुआ। वीडियो बड़े नेताओं से लेकर निचले स्तर के कार्यकर्ताओं तक पहुंच गया। इस बीच बड़े नेताओं ने पदाधिकारियों को अनावश्यक चर्चाएं न करने की हिदायत दी है। वहीं भाजपा काशी क्षेत्र के प्रभारी और प्रदेश महामंत्री सलिल विश्नोई और काशी क्षेत्र अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसा कोई भी मामला उनके संज्ञान में नहीं है।