{"_id":"5824d5994f1c1b6729b3a603","slug":"the-miscreants-robbed-of-half-a-million-old-notes","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेढ़ लाख के पुराने नोट लूट लिए बदमाशों ने ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डेढ़ लाख के पुराने नोट लूट लिए बदमाशों ने
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 11 Nov 2016 01:59 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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बाइक सवार बदमाशों ने बृहस्पतिवार दोपहर सहसों इलाके में पैराबैकिंग कंपनी के मैनेजर से एक लाख 53 हजार रुपये लूट लिए। बदमाशों ने मैनेजर के सहयोगी के हाथ से नगदी भरा थैला छीना और तेज रफ्तार में भाग गए। बैग में बंद किए जा चुके पुराने बड़े नोट थे। लूट की खबर पाकर पहुंची पुलिस ने पूछताछ और छानबीन की। बड़े नोटों पर रोक के बावजूद लूट की इस घटना से पुलिस भी सकते में हैं।
करछना इलाके में रहने वाले मनीष मौर्या ने हनुमानगंज कस्बे में एक पैराबैकिंग कंपनी की फ्रेंचाइजी खोल रखी है। बृहस्पतिवार दोपहर वह एक लाख 53 हजार रुपये लेकर स्कार्पियो में हनुमानगंज को रवाना हुए। गाड़ी में ड्राइवर समेत पांच लोग और थे। वे हनुमानगंज के बगल धरौली गांव में इंद्रेश बहादुर पटेल से बकाया रकम मांगने गए। उसने कहा कि वे शिवपुर चलें तो वहां एक व्यक्ति से पैसे दिला देगा। मनीष अपने सहयोगियों के साथ शिवपुर गांव पहुंचकर इंद्रेश का इंतजार करने लगे।
वह देर तक नहीं आया तो मनीष स्कार्पियो से सहसों की तरफ चल दिए। हसनपुर गांव की नहर पुलिया के पास गाड़ी से उतरकर वे टायलेट करने लगे। मनीष के एक सहयोगी ने नगदी भरा थैला अपने हाथ में ले रखा था। ठीक तभी लाल रंग की पल्सर बाइक सवार बदमाशों ने करीब आकर थैला छीना और सहसों की तरफ तेज रफ्तार में भाग गए। मनीष ने स्कार्पियो से पीछा किया लेकिन पल्सर पर भागे बदमाश फरार होने में सफल रहे। उन्होंने सहसों चौकी में जाकर बताया तो सरायइनायत थानाध्यक्ष वीरेंद्र यादव वहां पहुंचे और जांच की।
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हजार और पांच सौ रुपये के नोटों पर रोक लगने के बाद नगदी लूटने की घटनाएं थमी थीं। पुलिस को भी उम्मीद थी कि अभी कुछ दिन लूट-छिनैती थमी रहेगी क्योंकि अपराधी पुराने नोट शायद नहीं लूटना चाहेंगे और नए नोट अभी लोगों के पास पहुंचे भी नहीं। मगर बृहस्पतिवार की घटना से पुलिस भी सन्न है। वजह ये कि हजार और पांच सौ रुपये के नोट होने की वजह से लूटी गई रकम ऐसे बदमाशों के काम आने वाली है नहीं। उसे बैंक में जमाकर बदलना होगा। पुलिस का कहना है कि लुटेरों की तलाश में इलाके के बैंकों पर भी निगरानी की जा रही है।
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करछना इलाके में रहने वाले मनीष मौर्या ने हनुमानगंज कस्बे में एक पैराबैकिंग कंपनी की फ्रेंचाइजी खोल रखी है। बृहस्पतिवार दोपहर वह एक लाख 53 हजार रुपये लेकर स्कार्पियो में हनुमानगंज को रवाना हुए। गाड़ी में ड्राइवर समेत पांच लोग और थे। वे हनुमानगंज के बगल धरौली गांव में इंद्रेश बहादुर पटेल से बकाया रकम मांगने गए। उसने कहा कि वे शिवपुर चलें तो वहां एक व्यक्ति से पैसे दिला देगा। मनीष अपने सहयोगियों के साथ शिवपुर गांव पहुंचकर इंद्रेश का इंतजार करने लगे।
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वह देर तक नहीं आया तो मनीष स्कार्पियो से सहसों की तरफ चल दिए। हसनपुर गांव की नहर पुलिया के पास गाड़ी से उतरकर वे टायलेट करने लगे। मनीष के एक सहयोगी ने नगदी भरा थैला अपने हाथ में ले रखा था। ठीक तभी लाल रंग की पल्सर बाइक सवार बदमाशों ने करीब आकर थैला छीना और सहसों की तरफ तेज रफ्तार में भाग गए। मनीष ने स्कार्पियो से पीछा किया लेकिन पल्सर पर भागे बदमाश फरार होने में सफल रहे। उन्होंने सहसों चौकी में जाकर बताया तो सरायइनायत थानाध्यक्ष वीरेंद्र यादव वहां पहुंचे और जांच की।
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हजार और पांच सौ रुपये के नोटों पर रोक लगने के बाद नगदी लूटने की घटनाएं थमी थीं। पुलिस को भी उम्मीद थी कि अभी कुछ दिन लूट-छिनैती थमी रहेगी क्योंकि अपराधी पुराने नोट शायद नहीं लूटना चाहेंगे और नए नोट अभी लोगों के पास पहुंचे भी नहीं। मगर बृहस्पतिवार की घटना से पुलिस भी सन्न है। वजह ये कि हजार और पांच सौ रुपये के नोट होने की वजह से लूटी गई रकम ऐसे बदमाशों के काम आने वाली है नहीं। उसे बैंक में जमाकर बदलना होगा। पुलिस का कहना है कि लुटेरों की तलाश में इलाके के बैंकों पर भी निगरानी की जा रही है।