{"_id":"f68f0d9b3b92d29e9b7dde8ef052f55e","slug":"the-bomb-exploded-injuring-dozens-were-arrested-six-terrorists-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फटा बम, दर्जनों घायल, दबोचे गए छह आतंकी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फटा बम, दर्जनों घायल, दबोचे गए छह आतंकी
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 09 Jan 2015 01:35 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद/नैनी। माघ मेला अरैल के समीप चार आतंकवादियों के होने की सूचना पाकर एक घर को सेना के जवानों ने घेर लिया। दोनों ओर से हुई जवाबी कार्रवाई में जवानों ने चार आतंकियों ने ढेर कर दिया गया जबकि एक नाव से भाग रहे दो आतंकियों को दबोच लिया गया। इसके पूर्व आतंकियों ने कई बम फोड़े। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। तीन लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह हकीकत में नहीं अरैल क्षेत्र में एनडीआरएफ, बम डिस्पोजल दस्ता, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, नगर निगम, फायर बिग्रेड, सिविल डिफेंस के संयुक्त तत्वावधान में मॉकड्रिल में दिखाया गया।
मॉकड्रिल करने से पूर्व परेड ग्राउंड में सभी विभागों को एकत्र किया गया। वहां 30-30 लोगों की तीन टीमें बनाई गई। इसके बाद छद्म घटना को तीन चरणों में अंजाम दिया गया। एनडीआरएफ मेजर जनरल वीके दत्ता की देखरेख में सबसे पहले आतंकियों की ओर से कई स्थानों पर बमबाजी की गई। इससे इलाके में अंधेरा छाया रहा। कई लोग घायल हो गए। भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद एक घर में छुप गए। सूचना मिलते ही केंद्रीय नियंत्रण केंद्र से डीएम ने कार्रवाई का आदेश दिया। सेना के जवानों ने उस घर को चारों ओर से घेर लिया, जहां आतंकी छिपे हुए थे।
दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई। चारों आतंकियों को दबोच लिया गया। दो आतंकियों को नावों से भागने की सूचना मिली। जवानों ने नाव की घेराबंदी कर उन्हें भी दबोच लिया। घायलों को मेला स्थिति अस्पताल में भर्ती कराया गया। बम निरोधक दस्ते ने पूरे इलाके की जांच की। तीसरे चरण में मेला क्षेत्र में भगदड़ मच गई। लोग चीखपुकार कर रहे थे। कुछ लोग जान बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। जवानों ने लोगों को पानी से बाहर निकाला। इस मौके पर मंडलायुक्त बीके सिंह, डीएम भवनाथ सिंह, एसएसपी दीपक कुमार, सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह, एसडीएम करछना राजकुमार द्बिवेदी, कार्यक्रम में इंसीडेंट कमांडर सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अनिल कुमार, उपनियंत्रक रामअवध प्रसाद, राजेंद्र तिवारी उर्फ दुकान जी, सिविल डिफेंस के रविशंकर द्विवेदी, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, घनश्याम जायसवाल सहित कई विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, संगठनों के स्वयंसेवक मौजूद रहे।
विज्ञापन
अरैल क्षेत्र में आपदा प्रबंधन पर आयोजित मॉकड्रिल के दौरान मेला क्षेत्र में भगदड़ एवं लोगों को डूबने से बचाने में एनडीआरएफ की स्टीमर दगा दे गई। स्टीमर को चलने में तकरीबन दस मिनट का समय लग गया। जवान लगातार स्टीमर को चलाने का प्रयास करता रहा। बाद में वह स्टार्ट होकर चलने लगा। इस पर वहां मौजूद लोगों का कहना था कि जब मॉकड्रिल में यह हाल है तो वास्तविक घटना में क्या होगा।
विज्ञापन
मॉकड्रिल करने से पूर्व परेड ग्राउंड में सभी विभागों को एकत्र किया गया। वहां 30-30 लोगों की तीन टीमें बनाई गई। इसके बाद छद्म घटना को तीन चरणों में अंजाम दिया गया। एनडीआरएफ मेजर जनरल वीके दत्ता की देखरेख में सबसे पहले आतंकियों की ओर से कई स्थानों पर बमबाजी की गई। इससे इलाके में अंधेरा छाया रहा। कई लोग घायल हो गए। भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद एक घर में छुप गए। सूचना मिलते ही केंद्रीय नियंत्रण केंद्र से डीएम ने कार्रवाई का आदेश दिया। सेना के जवानों ने उस घर को चारों ओर से घेर लिया, जहां आतंकी छिपे हुए थे।
विज्ञापन
दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई। चारों आतंकियों को दबोच लिया गया। दो आतंकियों को नावों से भागने की सूचना मिली। जवानों ने नाव की घेराबंदी कर उन्हें भी दबोच लिया। घायलों को मेला स्थिति अस्पताल में भर्ती कराया गया। बम निरोधक दस्ते ने पूरे इलाके की जांच की। तीसरे चरण में मेला क्षेत्र में भगदड़ मच गई। लोग चीखपुकार कर रहे थे। कुछ लोग जान बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। जवानों ने लोगों को पानी से बाहर निकाला। इस मौके पर मंडलायुक्त बीके सिंह, डीएम भवनाथ सिंह, एसएसपी दीपक कुमार, सीएमओ डॉ. पद्माकर सिंह, एसडीएम करछना राजकुमार द्बिवेदी, कार्यक्रम में इंसीडेंट कमांडर सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अनिल कुमार, उपनियंत्रक रामअवध प्रसाद, राजेंद्र तिवारी उर्फ दुकान जी, सिविल डिफेंस के रविशंकर द्विवेदी, दिनेश चंद्र श्रीवास्तव, घनश्याम जायसवाल सहित कई विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, संगठनों के स्वयंसेवक मौजूद रहे।
विज्ञापन
अरैल क्षेत्र में आपदा प्रबंधन पर आयोजित मॉकड्रिल के दौरान मेला क्षेत्र में भगदड़ एवं लोगों को डूबने से बचाने में एनडीआरएफ की स्टीमर दगा दे गई। स्टीमर को चलने में तकरीबन दस मिनट का समय लग गया। जवान लगातार स्टीमर को चलाने का प्रयास करता रहा। बाद में वह स्टार्ट होकर चलने लगा। इस पर वहां मौजूद लोगों का कहना था कि जब मॉकड्रिल में यह हाल है तो वास्तविक घटना में क्या होगा।