{"_id":"5af3525d4f1c1b60098b918c","slug":"tension-in-the-area-closed-school-force-deployed","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलाके में तनाव, बंद रहे स्कूल, फोर्स तैनात","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
इलाके में तनाव, बंद रहे स्कूल, फोर्स तैनात
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 10 May 2018 01:38 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा नेता पवन केसरी की हत्या के बाद इलाके में भारी तनाव है। पुलिस के साथ आरएएफ और पीएसी को भी तैनात किया गया है। तनाव को देखते हुए बुधवार की सुबह फूलपुर कस्बे और आसपास के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया। गम और गुस्से के बीच पवन के शव का अंतिम संस्कार दारागंज घाट पर किया गया।
अंतिम संस्कार के दौरान घाट पर सैकड़ों लोग और भाजपा नेता मौजूद रहे। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी भी की। बवाल की आशंका में अफसरों ने घाट पर कई थानों की फोर्स बुला ली दी। लोगों का कहना था कि पवन पर हमले की आशंका पहले से थी। पुलिस ने लापरवाही बरती। वहीं फूलपुर में पुलिस फोर्स के साथ आरएएफ और पीएसी के जवान गली-गली में तैनात रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं को समझाबुझाकर रखा था। एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह के साथ ही सीओ फूलपुर अमित कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सत्येंद्र नाथ शुक्ल दिन भर मार्च करते रहे। इलाके में तनाव को देखते हुए बीएसए ने फूलपुर कस्बे के साथ ही आसपास के गांवों में स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को बंद रखने का निर्देश जारी किया था, जिसके चलते बुधवार को विद्यालय नहीं खुले। कस्बा के विभिन्न मोहल्ले में स्थित दुकानें भी बंद रहीं। हालांकि, शाम को कुछ दुकानें खुलीं तो लोगों ने जरूरत की चीजों की खरीदारी की। कस्बे के अंदर से होकर जाने वाले सभी भारी व चार पहिया वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया था।
भाजपा नेता पवन केसरी की हत्या करने वाले बदमाश पेशेवर शूटर थे। उन लोगों ने नजदीक से पवन को तीन गोलियां मारी थीं। .32 की पिस्टल से मारी गईं दो गोलियों से पवन की मौत हो गई थी। तीसरी गोली उन्हें नहीं लगी थी। शूटरों ने जिस तरह फूलपुर कस्बे में घुसकर घटना को अंजाम दिया, उससे साफ है कि इलाके में उनका कोई जानने वाला भी था।
विज्ञापन
पुलिस ने पवन के दोस्त आरिफ को भी हिरासत में लिया है। उसने हमलावरों का जो हुलिया बताया है, उसके अनुसार शूटरों की खोजबीन की जा रही है। पुलिस की एक टीम प्रतापगढ़ और एक सोनभद्र भी भेजी गई है। दरअसल, कानपुर देहात जेल में बंद सोनभद्र के एक अपराधी का फूलपुर के कुछ लोगों से संबंध है। उस अपराधी ने फूलपुर में पहले भी एक घटना को अंजाम दिया था। वह लूट और रंगदारी के लिए शूटरों से वारदात कराता है। पुलिस का मानना है कि शूटर सोनभद्र से आ सकते हैं। फूलपुर कस्बे में घटना को अंजाम देने का मतलब साफ था कि उन्हें अगर मदद की जरूरत पड़ेगी तो वहां शरणदाता से मदद मिल जाएगी। फिलहाल पुलिस की टीमें शूटरों को खोज रही हैं।
भाजपा नेता पवन केसरी की हत्या में नामजद सिराज अहमद उर्फ सोनू की मां बीबी बानो बुधवार को आईजी के पास पहुंचीं। उनका कहना था कि बड़े बेटे शहजादे की हत्या हो चुकी है। सोनू उस मामले में मुख्य गवाह है। अदालत में अब आरोपियों के खिलाफ गवाही शुरू हो रही है। उन लोगों ने सोनू के फंसाने के लिए हत्या कराई है। घर पर सीसीटीवी लगी है। जान के खतरे को देखते हुए सोनू को एक सरकारी गनर भी मिला है। उन्होंने जांच की मांग की कि सोनू के मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज और गनर के बयान के बाद ही सोनू पर कोई कार्रवाई की जाय नहीं तो विरोधी साजिश में सफल हो जाएंगे।
भाजपा नेता पवन केसरी की हत्या के बाद भड़के विहिप इलाहाबाद के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने एक बैठक कर बुधवार को चेतावनी दी कि 48 घंटे के अंदर हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो संगठन सड़क पर आंदोलन करेगा। बैठक में काशी प्रांत के संगठन मंत्री मुकेश, विहिप के जिलाध्यक्ष सर्वेश मिश्र, जिला उपाध्यक्ष आशीष सिंह के साथ ही महेंद्र मौर्य, अतुल पांडेय, मुनेश मौर्य, रोहित सिंह, पवन पांडेय, विपिन, अभिषेक मिश्र, प्रदीप श्रीवास्तव आदि रहे। केसरवानी समाज के सतीश केसरवानी और प्रमिल केसरवानी ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। बुधवार को पवन के घर पर क्षेत्रीय लोगों के साथ ही भाजपाइयों का जमावड़ा लगा रहा। भाजपा के फूलपुर विधायक प्रवीण पटेल के साथ ही विहिप के जिलाध्यक्ष सर्वेश मिश्र, आरएसएस के प्रांत प्रचारक रमेश, विहिप के प्रांतीय संगठन मंत्री मुकेश, पूर्व जिलाध्यक्ष अमरनाथ यादव, भाजपा नेता सुरेश विश्वकर्मा, ब्लाक प्रमुख बहादुरपुर अरुणेन्द्र यादव डब्बू, विक्रम पटेल, अजय यादव, व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रमेश अग्रहरि, आशीष केशरवानी आदि नेतागण बड़ी संख्या में जुटे रहे।
विज्ञापन
अंतिम संस्कार के दौरान घाट पर सैकड़ों लोग और भाजपा नेता मौजूद रहे। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी भी की। बवाल की आशंका में अफसरों ने घाट पर कई थानों की फोर्स बुला ली दी। लोगों का कहना था कि पवन पर हमले की आशंका पहले से थी। पुलिस ने लापरवाही बरती। वहीं फूलपुर में पुलिस फोर्स के साथ आरएएफ और पीएसी के जवान गली-गली में तैनात रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं को समझाबुझाकर रखा था। एसपी गंगापार सुनील कुमार सिंह के साथ ही सीओ फूलपुर अमित कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम सत्येंद्र नाथ शुक्ल दिन भर मार्च करते रहे। इलाके में तनाव को देखते हुए बीएसए ने फूलपुर कस्बे के साथ ही आसपास के गांवों में स्थित प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों को बंद रखने का निर्देश जारी किया था, जिसके चलते बुधवार को विद्यालय नहीं खुले। कस्बा के विभिन्न मोहल्ले में स्थित दुकानें भी बंद रहीं। हालांकि, शाम को कुछ दुकानें खुलीं तो लोगों ने जरूरत की चीजों की खरीदारी की। कस्बे के अंदर से होकर जाने वाले सभी भारी व चार पहिया वाहनों को डायवर्ट कर दिया गया था।
विज्ञापन
भाजपा नेता पवन केसरी की हत्या करने वाले बदमाश पेशेवर शूटर थे। उन लोगों ने नजदीक से पवन को तीन गोलियां मारी थीं। .32 की पिस्टल से मारी गईं दो गोलियों से पवन की मौत हो गई थी। तीसरी गोली उन्हें नहीं लगी थी। शूटरों ने जिस तरह फूलपुर कस्बे में घुसकर घटना को अंजाम दिया, उससे साफ है कि इलाके में उनका कोई जानने वाला भी था।
विज्ञापन
पुलिस ने पवन के दोस्त आरिफ को भी हिरासत में लिया है। उसने हमलावरों का जो हुलिया बताया है, उसके अनुसार शूटरों की खोजबीन की जा रही है। पुलिस की एक टीम प्रतापगढ़ और एक सोनभद्र भी भेजी गई है। दरअसल, कानपुर देहात जेल में बंद सोनभद्र के एक अपराधी का फूलपुर के कुछ लोगों से संबंध है। उस अपराधी ने फूलपुर में पहले भी एक घटना को अंजाम दिया था। वह लूट और रंगदारी के लिए शूटरों से वारदात कराता है। पुलिस का मानना है कि शूटर सोनभद्र से आ सकते हैं। फूलपुर कस्बे में घटना को अंजाम देने का मतलब साफ था कि उन्हें अगर मदद की जरूरत पड़ेगी तो वहां शरणदाता से मदद मिल जाएगी। फिलहाल पुलिस की टीमें शूटरों को खोज रही हैं।
भाजपा नेता पवन केसरी की हत्या में नामजद सिराज अहमद उर्फ सोनू की मां बीबी बानो बुधवार को आईजी के पास पहुंचीं। उनका कहना था कि बड़े बेटे शहजादे की हत्या हो चुकी है। सोनू उस मामले में मुख्य गवाह है। अदालत में अब आरोपियों के खिलाफ गवाही शुरू हो रही है। उन लोगों ने सोनू के फंसाने के लिए हत्या कराई है। घर पर सीसीटीवी लगी है। जान के खतरे को देखते हुए सोनू को एक सरकारी गनर भी मिला है। उन्होंने जांच की मांग की कि सोनू के मोबाइल, सीसीटीवी फुटेज और गनर के बयान के बाद ही सोनू पर कोई कार्रवाई की जाय नहीं तो विरोधी साजिश में सफल हो जाएंगे।
भाजपा नेता पवन केसरी की हत्या के बाद भड़के विहिप इलाहाबाद के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने एक बैठक कर बुधवार को चेतावनी दी कि 48 घंटे के अंदर हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो संगठन सड़क पर आंदोलन करेगा। बैठक में काशी प्रांत के संगठन मंत्री मुकेश, विहिप के जिलाध्यक्ष सर्वेश मिश्र, जिला उपाध्यक्ष आशीष सिंह के साथ ही महेंद्र मौर्य, अतुल पांडेय, मुनेश मौर्य, रोहित सिंह, पवन पांडेय, विपिन, अभिषेक मिश्र, प्रदीप श्रीवास्तव आदि रहे। केसरवानी समाज के सतीश केसरवानी और प्रमिल केसरवानी ने भी घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। बुधवार को पवन के घर पर क्षेत्रीय लोगों के साथ ही भाजपाइयों का जमावड़ा लगा रहा। भाजपा के फूलपुर विधायक प्रवीण पटेल के साथ ही विहिप के जिलाध्यक्ष सर्वेश मिश्र, आरएसएस के प्रांत प्रचारक रमेश, विहिप के प्रांतीय संगठन मंत्री मुकेश, पूर्व जिलाध्यक्ष अमरनाथ यादव, भाजपा नेता सुरेश विश्वकर्मा, ब्लाक प्रमुख बहादुरपुर अरुणेन्द्र यादव डब्बू, विक्रम पटेल, अजय यादव, व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री रमेश अग्रहरि, आशीष केशरवानी आदि नेतागण बड़ी संख्या में जुटे रहे।