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तहसील से प्रापर्टी डीलर के अपहरण की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 13 May 2016 01:33 AM IST
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पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबियों ने बृहस्पतिवार को सदर तहसील में तारीख पर गए सिलना प्रधान गुलफुल के दामाद अशरफ को सरेआम गाड़ी में खींचकर अगवा करने की कोशिश की। वह जान बचाने को सदर तहसील में घुसा तो उस पर असलहे तानकर धमकी दी कि जान से मार दिया जाएगा। कंट्रोल रूम से खबर पाकर पुलिस पहुंची तो हमलावर भाग गए। अशरफ ने आरोप लगाया है कि अतीक अहमद के इशारे पर उसके कत्ल की साजिश रची गई है। उसने कर्नलगंज थाने में हमले के आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी जिसमें अतीक अहमद का भी नाम शमिल है।
धूमनगंज थाने के निकट हरवारा में रहने वाला अशरफ सिलना के प्रधान गुलफुल का दामाद है। गुलफुल को अतीक का बेहद करीबी माना जाता है। विधायक राजू पाल हत्याकांड समेत कई घटनाओं में गुलफुल भी अतीक के साथ नामजद आरोपी रहा है। मगर गुलफुल के दामाद अशरफ से अतीक गुट की ठन गई है। बृहस्पतिवार को अशरफ कचहरी के पास सदर तहसील में एक मुकदमे की तारीख पर गया था। उसने प्रीतम नगर में रहने वाले कुद्दूस के खिलाफ जमीन विवाद में केस दर्ज कराया था। अशरफ का आरोप है कि दिन में करीब 11.30 बजे वह तहसील से मित्र रामचंद्र पाल के साथ बाहर निकला तभी कुदद्ूस ने प्रीतम नगर में ही रहने वाले राजेश सिंह और पांच अज्ञात लोगों के साथ घेरा और मोबाइल देते हुए कहा लो अतीक अहमद से बात कर लो। तुम फिर आ गए मुकदमा लड़ने।
अशरफ के अनुसार उसने फोन पर बात करने से मना किया तो उन लोगों ने जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि सांसद जी ने तुम्हे पहले भी फोन करके मना किया था लेकिन तुम नहीं माने। अब तारीख पर आए तो हत्या कर दी जाएगी। इतना बोलने के बाद कुद्दूस समेत बाकी लोगों ने उसे गाड़ी में खींचकर अपहरण करने की कोशिश की। वह किसी तरह खुद को छुड़ाकर भागा तो उस पर हथियार तान दिया गया। उसने तहसील में घुसकर 100 नंबर पर कंट्रोल रूम में सूचना दी तो पुलिस पहुंची और हमलावर भाग गए। अशरफ ने फिर कर्नलगंज थाने जाकर तहरीर दी जिसमें पूरी घटना के साथ ही यह भी लिखा कि पूर्व सांसद अतीक अहमद ने उसकी हत्या करने के लिए अपने आदमियों को तहसील में भेजा।
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अशरफ ने तहरीर में लिखा कि उसके पास वह मोबाइल रिकार्डिंग भी है जिसमें अतीक अहमद उसे फोन पर धमका रहे हैं कि कुद्दूस से दूर रहना वरना हरवारा में पीटा जाएगा। अशरफ ने तहरीर की प्रतिलिपि आईजी जोन, डीआईजी रेंज और एसएसपी को भी भेजी है। रात तक मुकदमा नहीं लिखा गया था। इस बीच रात में जानकारी मिली कि कुद्दूस की तरफ से भी थाने में अर्जी दी गई। इस मसले पर अतीक अहमद का पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर रात तक कई बार कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
‘इस घटना की जानकारी अभी थाने से मुझे नहीं मिली है। अगर किसी को तहसील के बाहर से खींचने की कोशिश के साथ ही हत्या की धमकी दी गई है तो मुकदमा लिखकर जांच तथा कार्रवाई की जाएगी, भले ही आरोपियों की कितनी भी ऊंची पहुंच हो।’
-राजेश यादव, एसपी सिटी
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धूमनगंज थाने के निकट हरवारा में रहने वाला अशरफ सिलना के प्रधान गुलफुल का दामाद है। गुलफुल को अतीक का बेहद करीबी माना जाता है। विधायक राजू पाल हत्याकांड समेत कई घटनाओं में गुलफुल भी अतीक के साथ नामजद आरोपी रहा है। मगर गुलफुल के दामाद अशरफ से अतीक गुट की ठन गई है। बृहस्पतिवार को अशरफ कचहरी के पास सदर तहसील में एक मुकदमे की तारीख पर गया था। उसने प्रीतम नगर में रहने वाले कुद्दूस के खिलाफ जमीन विवाद में केस दर्ज कराया था। अशरफ का आरोप है कि दिन में करीब 11.30 बजे वह तहसील से मित्र रामचंद्र पाल के साथ बाहर निकला तभी कुदद्ूस ने प्रीतम नगर में ही रहने वाले राजेश सिंह और पांच अज्ञात लोगों के साथ घेरा और मोबाइल देते हुए कहा लो अतीक अहमद से बात कर लो। तुम फिर आ गए मुकदमा लड़ने।
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अशरफ के अनुसार उसने फोन पर बात करने से मना किया तो उन लोगों ने जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि सांसद जी ने तुम्हे पहले भी फोन करके मना किया था लेकिन तुम नहीं माने। अब तारीख पर आए तो हत्या कर दी जाएगी। इतना बोलने के बाद कुद्दूस समेत बाकी लोगों ने उसे गाड़ी में खींचकर अपहरण करने की कोशिश की। वह किसी तरह खुद को छुड़ाकर भागा तो उस पर हथियार तान दिया गया। उसने तहसील में घुसकर 100 नंबर पर कंट्रोल रूम में सूचना दी तो पुलिस पहुंची और हमलावर भाग गए। अशरफ ने फिर कर्नलगंज थाने जाकर तहरीर दी जिसमें पूरी घटना के साथ ही यह भी लिखा कि पूर्व सांसद अतीक अहमद ने उसकी हत्या करने के लिए अपने आदमियों को तहसील में भेजा।
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अशरफ ने तहरीर में लिखा कि उसके पास वह मोबाइल रिकार्डिंग भी है जिसमें अतीक अहमद उसे फोन पर धमका रहे हैं कि कुद्दूस से दूर रहना वरना हरवारा में पीटा जाएगा। अशरफ ने तहरीर की प्रतिलिपि आईजी जोन, डीआईजी रेंज और एसएसपी को भी भेजी है। रात तक मुकदमा नहीं लिखा गया था। इस बीच रात में जानकारी मिली कि कुद्दूस की तरफ से भी थाने में अर्जी दी गई। इस मसले पर अतीक अहमद का पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर रात तक कई बार कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
‘इस घटना की जानकारी अभी थाने से मुझे नहीं मिली है। अगर किसी को तहसील के बाहर से खींचने की कोशिश के साथ ही हत्या की धमकी दी गई है तो मुकदमा लिखकर जांच तथा कार्रवाई की जाएगी, भले ही आरोपियों की कितनी भी ऊंची पहुंच हो।’
-राजेश यादव, एसपी सिटी