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पांच हजार रुपये के लिए किया तांत्रिक का कत्ल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:11 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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यमुनापार के मेजा इलाके में दस रोज पहले तांत्रिक सुंदरलाल के कत्ल का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मांडा के अमित कुमार ने बीमार पत्नी पर झाड़फूंक का असर नहीं होने पर तांत्रिक से अपने पांच हजार रुपये वापस मांगे थे। इनकार करने पर वह उसे झांसा देकर जंगल में ले गया और अपने दो मित्रों की मदद से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। मेजा थाने की पुलिस ने तांत्रिक के कत्ल में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली है।
मेजा के सुरैंचा गांव का सुंदरलाल (40) झाड़फूंक और ओझाई के जरिए परिवार का गुजारा करता था। 31 अगस्त की सुबह घर से निकलने के बाद वह लौटा नहीं। दूसरे रोज हरगढ़ गांव में नहर किनारे बोरे में उसकी लाश मिली। परिवार के लोग कातिलों के बारे में कुछ भी नहीं बता सके। पुलिस का मानना था कि कत्ल के पीछे ओझाई का ही कुछ चक्कर होगा। सुंदरलाल का मोबाइल फोन गायब था। उसकी कॉल डिटेल निकालने पर पुलिस को सुराग मिल गया। मेजा थाना प्रभारी शिवसागर पांडेय ने रविवार रात कोहराड़ बाजार के पास घेरकर बाइक सवार तीन लोगों को पकड़ लिया। उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ करने पर कत्ल का पर्दाफाश हो गया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में मांडा में कोसरा कला गांव निवासी अमित कुमार पटेल तथा खीरी में हरदिहा गांव के बबोल उर्फ मैनू तथा राजेंद्र प्रसाद कुशवाहा हैं। कत्ल की साजिश अमित ने रची थी। दरअसल, उसकी पत्नी बीमार थी। सुंदरलाल ने झाड़फूंक से रोग दूर करने का भरोसा देकर अमित से पांच हजार रुपये लिए थे। मगर उसके झाड़फूंक का कोई असर नहीं हुआ। पैसे वापस मांगने पर सुंदरलाल ने साफ मना कर दिया। बौखलाए अमित ने उसके कत्ल की ठान ली। उसने हरदिहा गांव के मैनू और बबोल को भी साथ ले लिया। 31 अगस्त को अमित ने सुंदरलाल को फोन किया और कहा कि एक जगह झाड़फूंक के लिए चलना है, वहां 15 हजार रुपये मिलेगा। उसने सुंदरलाल को डाबर गांव की पुलिया पर बुलाया। सुंदरलाल आया तो उसे बाइक पर बैठा लिया। एक ही बाइक पर चारों लोग भैंया गांव के जंगल में पहुंचे। वहां गमछा से गला घोंटकर सुंदरलाल की हत्या के बाद उसकी लाश बोरे में भरी और हरगढ़ ले जाकर नहर किनारे फेंक दिया।
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मेजा के सुरैंचा गांव का सुंदरलाल (40) झाड़फूंक और ओझाई के जरिए परिवार का गुजारा करता था। 31 अगस्त की सुबह घर से निकलने के बाद वह लौटा नहीं। दूसरे रोज हरगढ़ गांव में नहर किनारे बोरे में उसकी लाश मिली। परिवार के लोग कातिलों के बारे में कुछ भी नहीं बता सके। पुलिस का मानना था कि कत्ल के पीछे ओझाई का ही कुछ चक्कर होगा। सुंदरलाल का मोबाइल फोन गायब था। उसकी कॉल डिटेल निकालने पर पुलिस को सुराग मिल गया। मेजा थाना प्रभारी शिवसागर पांडेय ने रविवार रात कोहराड़ बाजार के पास घेरकर बाइक सवार तीन लोगों को पकड़ लिया। उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ करने पर कत्ल का पर्दाफाश हो गया।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में मांडा में कोसरा कला गांव निवासी अमित कुमार पटेल तथा खीरी में हरदिहा गांव के बबोल उर्फ मैनू तथा राजेंद्र प्रसाद कुशवाहा हैं। कत्ल की साजिश अमित ने रची थी। दरअसल, उसकी पत्नी बीमार थी। सुंदरलाल ने झाड़फूंक से रोग दूर करने का भरोसा देकर अमित से पांच हजार रुपये लिए थे। मगर उसके झाड़फूंक का कोई असर नहीं हुआ। पैसे वापस मांगने पर सुंदरलाल ने साफ मना कर दिया। बौखलाए अमित ने उसके कत्ल की ठान ली। उसने हरदिहा गांव के मैनू और बबोल को भी साथ ले लिया। 31 अगस्त को अमित ने सुंदरलाल को फोन किया और कहा कि एक जगह झाड़फूंक के लिए चलना है, वहां 15 हजार रुपये मिलेगा। उसने सुंदरलाल को डाबर गांव की पुलिया पर बुलाया। सुंदरलाल आया तो उसे बाइक पर बैठा लिया। एक ही बाइक पर चारों लोग भैंया गांव के जंगल में पहुंचे। वहां गमछा से गला घोंटकर सुंदरलाल की हत्या के बाद उसकी लाश बोरे में भरी और हरगढ़ ले जाकर नहर किनारे फेंक दिया।
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