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घर से उठाकर युवक का कत्ल, विरोध में रेलवे ट्रैक पर जाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 19 May 2016 01:48 AM IST
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हत्या के विरोध में चक्काजाम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कर्नलगंज इलाके के सादियाबाद में बीती रात विकास कुमार उर्फ ननका (27) का कत्ल कर दिया गया। उसकी लाश बुधवार सुबह घर से दूर कछार में मिली। धारदार हथियार से गर्दन रेतने के साथ ही शरीर पर कई और गहरे जख्म किए गए थे। लोगों ने देखा तो घर में सूचना दी। हत्या किसने और क्यों की, यह कोई नहीं जानता। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में गमगीन परिजनों ने शव आईईआरटी रेलवे क्रासिंग पर रखकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक रेलवे आवागमन ठप रहा। इस दौरान पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों से परिजनों की झड़प भी होती रही। परिजनों ने कातिलों की गिरफ्तारी तथा मौके पर डॉग स्कवॉयड दुबारा भेजने की मांग रख दी। डॉग स्कवॉयड को बुलाए जाने के बाद चक्काजाम खत्म हुआ।
सादियाबाद में रहने वाले विकास के माता-पिता का निधन हो चुका था। पांच भाइयों में छोटा विकास बिजली मिस्त्री था। अभी उसका विवाह नहीं हुआ था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार रात भोजन के बाद सभी लोग अपने-अपने कमरे में चले गए थे। विकास उर्फ ननका भी अपने कमरे में जाकर देर रात तक फोन पर बात करता रहा। रात में फिर क्या हुआ, परिजनों को कुछ नहीं पता चला। भोर में घर से करीब आधा किलोमीटर दूर शौच के लिए गए लोगों ने कछार में बबूल के झाड़ के नीचे विकास को खून से लथपथ पड़ा देखा। पास जाने पर पता चला कि वह जिंदा नहीं है।
यह खबर विकास के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। भाइयों प्रेम कुमार और मंगला प्रसाद समेत परिवार के लोग भागकर वहां पहुंचे। विकास की लाश देख सब रोने-कलपने लगे। फिरकर्नलगंज थाने की पुलिस के साथ सीओ डीपी तिवारी पहुंचे। विकास का गला आधे से ज्यादा कटा था। दाहिना कान भी कटा था। पेट पर भी गहरे जख्म थे। शरीर पर रस्सी से बांधकर खींचने के निशान दिखे। वह सिर्फ बरमूडा पहने था। अंदेशा है कि उसे घर से ही जबरन उठाकर ले जाया गया था वरना शरीर पर कपड़े होते। पुलिस ने मौके पर खोजी कुत्ता भी बुलाया लेकिन उससे जांच में कोई मदद नहीं मिली।
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पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब तीन बजे विकास का शव आईईआरटी रेलवे क्रासिंग पर रखकर लोगों ने चक्काजाम कर दिया। परिवार और मुहल्ले की तमाम महिलाएं भी वहां पहुंच गईं। वे रोते-चीखते पुलिस को कोस रही थीं कि कई घंटे बाद भी कातिलों का पता नहीं लगाया जा सका। रेलवे ट्रैक बाधित होने से कई ट्रेनों को जहां-तहां रोकना पड़ा। रेल आवागमन बाधित होने की खबर पाकर पूरे शहर की थाने की फोर्स के साथ सीओ और मजिस्ट्रेट पहुंच गए। जीआरपी और आरपीएफ भी पहुंची और जाम लगाए लोगों को हटाने की कोशिश की।
मगर भीड़ पुलिस से भी भिड़ने पर आमादा हो गई। उनका कहना था कि कातिलों की जल्द गिरफ्तारी हो तथा खोजी कुत्ते को फिर मौके पर लाकर जांच की जाए। आखिरकार करीब पांच बजे अफसरों ने डॉग स्कवॉयड को बुलाकर लोगों को मनाया। तब शव को उठाकर ले जाया गया। खोजी कुत्ते को दुबारा घर से लेकर शव मिलने वाले स्थान तक ले जाया गया। हालांकि कोई सुराग नहीं मिल सका। परिवार के लोग भी नहीं समझ पा रहे कि विकास की हत्या किसने और क्यों की? उसका एक मोबाइल कमरे में और दूसरा घर के बाहर सीढ़ी पर मिला था। ऐसे में अनुमान तो यही है कि उसे जबरन उठाकर ले जाया गया था। सीओ कर्नलगंज ने बताया कि अज्ञात कातिलों पर मुकदमा लिखकर जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल भी हासिल की जाएगी।
सादियाबाद में युवक की हत्या के विरोध में बुधवार को आईईआरटी क्रासिंग पर चक्काजाम के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। सुरक्षा के मदद्ेनजर रेलवे प्रशासन ने उधर से गुजरने वाली कई ट्रेनें को प्रयाग स्टेशन एवं फाफामऊ स्टेशनों पर रोक दिया। भीषण गर्मी में ट्रेनों को अचानक रोके जाने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। हत्याकांड से नाराज लोगों ने आईईआरटी रेलवे क्रासिंग पर शाम करीब चार बजे चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। इसके बाद आनन-फानन में ट्रेनों को बीच में रोक दिया गया। मुंबई से आने वाली कामायनी एक्सप्रेस शाम 4.23 से 5.18 बजे तक प्रयाग स्टेशन पर खड़ी रही। इसी तरह कानपुर पैसेंजर शाम 4.55 बजे बजाए 5.35 बजे प्रयाग स्टेशन से रवाना हुई, जबकि मुंबई जाने वाली गोदान एक्सप्रेस शाम 4.15 से 5.15 बजे तक फाफामऊ स्टेशन पर खड़ी रही।
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सादियाबाद में रहने वाले विकास के माता-पिता का निधन हो चुका था। पांच भाइयों में छोटा विकास बिजली मिस्त्री था। अभी उसका विवाह नहीं हुआ था। परिजनों ने बताया कि मंगलवार रात भोजन के बाद सभी लोग अपने-अपने कमरे में चले गए थे। विकास उर्फ ननका भी अपने कमरे में जाकर देर रात तक फोन पर बात करता रहा। रात में फिर क्या हुआ, परिजनों को कुछ नहीं पता चला। भोर में घर से करीब आधा किलोमीटर दूर शौच के लिए गए लोगों ने कछार में बबूल के झाड़ के नीचे विकास को खून से लथपथ पड़ा देखा। पास जाने पर पता चला कि वह जिंदा नहीं है।
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यह खबर विकास के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। भाइयों प्रेम कुमार और मंगला प्रसाद समेत परिवार के लोग भागकर वहां पहुंचे। विकास की लाश देख सब रोने-कलपने लगे। फिरकर्नलगंज थाने की पुलिस के साथ सीओ डीपी तिवारी पहुंचे। विकास का गला आधे से ज्यादा कटा था। दाहिना कान भी कटा था। पेट पर भी गहरे जख्म थे। शरीर पर रस्सी से बांधकर खींचने के निशान दिखे। वह सिर्फ बरमूडा पहने था। अंदेशा है कि उसे घर से ही जबरन उठाकर ले जाया गया था वरना शरीर पर कपड़े होते। पुलिस ने मौके पर खोजी कुत्ता भी बुलाया लेकिन उससे जांच में कोई मदद नहीं मिली।
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पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब तीन बजे विकास का शव आईईआरटी रेलवे क्रासिंग पर रखकर लोगों ने चक्काजाम कर दिया। परिवार और मुहल्ले की तमाम महिलाएं भी वहां पहुंच गईं। वे रोते-चीखते पुलिस को कोस रही थीं कि कई घंटे बाद भी कातिलों का पता नहीं लगाया जा सका। रेलवे ट्रैक बाधित होने से कई ट्रेनों को जहां-तहां रोकना पड़ा। रेल आवागमन बाधित होने की खबर पाकर पूरे शहर की थाने की फोर्स के साथ सीओ और मजिस्ट्रेट पहुंच गए। जीआरपी और आरपीएफ भी पहुंची और जाम लगाए लोगों को हटाने की कोशिश की।
मगर भीड़ पुलिस से भी भिड़ने पर आमादा हो गई। उनका कहना था कि कातिलों की जल्द गिरफ्तारी हो तथा खोजी कुत्ते को फिर मौके पर लाकर जांच की जाए। आखिरकार करीब पांच बजे अफसरों ने डॉग स्कवॉयड को बुलाकर लोगों को मनाया। तब शव को उठाकर ले जाया गया। खोजी कुत्ते को दुबारा घर से लेकर शव मिलने वाले स्थान तक ले जाया गया। हालांकि कोई सुराग नहीं मिल सका। परिवार के लोग भी नहीं समझ पा रहे कि विकास की हत्या किसने और क्यों की? उसका एक मोबाइल कमरे में और दूसरा घर के बाहर सीढ़ी पर मिला था। ऐसे में अनुमान तो यही है कि उसे जबरन उठाकर ले जाया गया था। सीओ कर्नलगंज ने बताया कि अज्ञात कातिलों पर मुकदमा लिखकर जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल भी हासिल की जाएगी।
सादियाबाद में युवक की हत्या के विरोध में बुधवार को आईईआरटी क्रासिंग पर चक्काजाम के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुईं। सुरक्षा के मदद्ेनजर रेलवे प्रशासन ने उधर से गुजरने वाली कई ट्रेनें को प्रयाग स्टेशन एवं फाफामऊ स्टेशनों पर रोक दिया। भीषण गर्मी में ट्रेनों को अचानक रोके जाने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। हत्याकांड से नाराज लोगों ने आईईआरटी रेलवे क्रासिंग पर शाम करीब चार बजे चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम की सूचना मिलते ही रेलवे अफसरों में हड़कंप मच गया। इसके बाद आनन-फानन में ट्रेनों को बीच में रोक दिया गया। मुंबई से आने वाली कामायनी एक्सप्रेस शाम 4.23 से 5.18 बजे तक प्रयाग स्टेशन पर खड़ी रही। इसी तरह कानपुर पैसेंजर शाम 4.55 बजे बजाए 5.35 बजे प्रयाग स्टेशन से रवाना हुई, जबकि मुंबई जाने वाली गोदान एक्सप्रेस शाम 4.15 से 5.15 बजे तक फाफामऊ स्टेशन पर खड़ी रही।