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जिंदा छात्र को चीरघर भेजे जाने को लेकर भड़के मुख्य सचिव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में शुक्रवार की शाम जिंदा छात्र को चीरघर भेजे जाने के मामले को लेकर मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के अधिकारियों की क्लास लगाई है। उन्होंने चिकित्सालय प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। मुख्य सचिव की फटकार के बाद चिकित्सालय प्रशासन को होश आया और उसने जिम्मेदार चिकित्सकों से पूछताछ शुरू कर दी है।
विद्याशंकर इंटर कॉलेज के 10वीं के छात्र आशीष कुमार यादव को दुर्घटना के बाद एसआरएन इमरजेंसी लाया गया था। वहां तैनात चिकित्सकों ने उसे देखा तक नहीं और चीरघर ले जाने को कह दिया। इससे उसके साथ के लोग भड़क उठे और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर उसे इमरजेंसी में ले जाया गया। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि उपचार शुरू हो जाता तो शायद आशीष बच जाता। मामले को लेकर शनिवार को शहर पहुंच मुख्य सचिव ने मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से पूछताछ की तो अस्पताल प्रशासन के होश उड़ गए।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक और शुक्रवार को इमरजेंसी में तैनात डॉ. रफत जमाल सिद्दकी से पूछताछ की है। सफाई दी जा रही है कि छात्र को टेंपो में ही जाकर देख लिया गया था और उसके साथ के लोगों से कह दिया गया था कि इसके बचने के चांस नहीं है। छात्र के परिजन बाद में आए। उन्हें लगा कि डॉक्टर ने उन्हें देखा ही नहीं है। ऐसे ही बोल दिया इसलिए वे हंगामा करने लगे। छात्र को इमरजेंसी में जब दोबारा देखा गया फिर वही बात उनसे कही गई। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह कहते हैं कि फिलहाल मामले में जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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विद्याशंकर इंटर कॉलेज के 10वीं के छात्र आशीष कुमार यादव को दुर्घटना के बाद एसआरएन इमरजेंसी लाया गया था। वहां तैनात चिकित्सकों ने उसे देखा तक नहीं और चीरघर ले जाने को कह दिया। इससे उसके साथ के लोग भड़क उठे और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में पुलिस के पहुंचने पर उसे इमरजेंसी में ले जाया गया। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि उपचार शुरू हो जाता तो शायद आशीष बच जाता। मामले को लेकर शनिवार को शहर पहुंच मुख्य सचिव ने मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से पूछताछ की तो अस्पताल प्रशासन के होश उड़ गए।
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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक और शुक्रवार को इमरजेंसी में तैनात डॉ. रफत जमाल सिद्दकी से पूछताछ की है। सफाई दी जा रही है कि छात्र को टेंपो में ही जाकर देख लिया गया था और उसके साथ के लोगों से कह दिया गया था कि इसके बचने के चांस नहीं है। छात्र के परिजन बाद में आए। उन्हें लगा कि डॉक्टर ने उन्हें देखा ही नहीं है। ऐसे ही बोल दिया इसलिए वे हंगामा करने लगे। छात्र को इमरजेंसी में जब दोबारा देखा गया फिर वही बात उनसे कही गई। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह कहते हैं कि फिलहाल मामले में जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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