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ससुर खदेरी नदी में दो छात्र डूबे, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:58 AM IST
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करेली इलाके में रविवार शाम ससुर खदेरी नदी में डूबने से दो छात्रों नावेद (13) और रहमान (15) की मौत हो गई। वे दोनों तीन साथियों संग घूमते-फिरते नदी की तरफ गए। नहाने के चक्कर में उफनती नदी में एक डूबने लगा तो उसे बचाने की कोशिश में दूसरा छात्र भी समा गया। पुलिस के साथ परिजन रोते-कलपते वहां पहुंचे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने नदी से दोनों छात्रों के शव निकाले।
खुल्दाबाद में पुरानी गुड़िया तालाब के पास रहने वाले जावेद का पुत्र नावेद कक्षा छह का छात्र था, जबकि गुलाम रब्बानी का पुत्र अब्दुल रहमान कक्षा नौ में पढ़ता था। वे दोनों रविवार दोपहर तीन साथियों संग करेली में ससुर खदेरी नदी की तरफ घूमने गए थे। शाम करीब पांच बजे नावेद नदी में नहाने उतर गया, मगर वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। अब्दुल रहमान ने देखा तो वह बचाने के लिए गया, मगर वह भी गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। दूसरे साथियों ने देखा तो वे घबरा गए। उन्होंने घर जाकर बताया तो परिजन नदी किनारे रोते-कलपते पहुंच गए। करेली थाने की पुलिस भी आ गई।
पुलिस ने सैदपुर गांव से गोताखोरों को बुलाकर नदी में उतारा तो करीब दो घंटे में नावेद और अब्दुल के शव मिले। पुलिस शवों को थाने ले गई तो परिजनों ने आग्रह किया कि पोस्टमार्टम न कराया जाए। ऐसे में पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शवों को परिजनों के हवाले कर दिया। नावेद इकलौता बेटा था। बहन। उसके माता-पिता रोते हुए बेसुध हो गए। अब्दुल तीन भाइयों में मंझला था। उसके भी परिवार में विलाप गूंजता रहा।
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खुल्दाबाद में पुरानी गुड़िया तालाब के पास रहने वाले जावेद का पुत्र नावेद कक्षा छह का छात्र था, जबकि गुलाम रब्बानी का पुत्र अब्दुल रहमान कक्षा नौ में पढ़ता था। वे दोनों रविवार दोपहर तीन साथियों संग करेली में ससुर खदेरी नदी की तरफ घूमने गए थे। शाम करीब पांच बजे नावेद नदी में नहाने उतर गया, मगर वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। अब्दुल रहमान ने देखा तो वह बचाने के लिए गया, मगर वह भी गहरे पानी में जाकर डूबने लगा। दूसरे साथियों ने देखा तो वे घबरा गए। उन्होंने घर जाकर बताया तो परिजन नदी किनारे रोते-कलपते पहुंच गए। करेली थाने की पुलिस भी आ गई।
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पुलिस ने सैदपुर गांव से गोताखोरों को बुलाकर नदी में उतारा तो करीब दो घंटे में नावेद और अब्दुल के शव मिले। पुलिस शवों को थाने ले गई तो परिजनों ने आग्रह किया कि पोस्टमार्टम न कराया जाए। ऐसे में पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शवों को परिजनों के हवाले कर दिया। नावेद इकलौता बेटा था। बहन। उसके माता-पिता रोते हुए बेसुध हो गए। अब्दुल तीन भाइयों में मंझला था। उसके भी परिवार में विलाप गूंजता रहा।
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