शियाट्स बवाल: राजनैतिक दबाव में पुलिस
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पहला सवाल- दो अरोपी गिरफ्तार हुए तो पूर्व सांसद समेत अन्य की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
एसएसपी- अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। मामले की जांच कर सुबूत जुटाया जा रहा है। जिनके खिलाफ सुबूत मिलेगा, उन पर खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दूसरा सवाल- सीसीटीवी फुटेज में घटना साफ नजर आ रही है, फिर भी गिरफ्तारी नहीं।
एसएसपी- सीसीटीवी फुटेज के साथ कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इसके बाद पुलिस कार्रवाई करेगी।
तीसरा सवाल-डकैती के मामले में गिरफ्तारी आवश्यक ।
एसएसपी- जो तहरीर मिली है उस पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज की जांच में डकैती की पुष्टि होने पर गिरफ्तारी की जाएगी।
चौथा सवाल- पुलिस पर राजनैतिक दबाव में काम का आरोप लग रहा है।
एसएसपी- पुलिस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जिसके खिलाफ भी सबूत मिलेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
पांचवां सवाल- पीआरओ को अब भी मिल रही धमकी
एसएसपी- कैंपस में पुलिस तैनात है। उन्हें सुरक्षा भी दी गई है। अगर फिर भी धमकी मिल रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
शियाट्स बवाल में अतीक अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद कई संगठन उनके समर्थन में आ गए हैं। समाजवार्दी पार्टी यूथ ब्रिगेड की बैठक में महानगर उपाध्यक्ष शाहिद अली राजू ने इसे विरोधियों की साजिश बताया। उनका आरोप है कि अतीक अहमद के कानपुर में कैंट विधानसभा से टिकट मिलने के बाद से विरोधियों में खलबली मची है। विरोधियों ने षडयंत्र के तहत उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है जबकि सीसीटीवी फुटेज में वे कहीं भी मारपीट, धमकी देते नजर नहीं आ रहे हैं। बैठक में आकिब जावेद, ओसामा, इम्तियाज, मुन्ना, अनस, रेहान आदि मौजूद रहे।
दलित एवं अल्पसंख्यक विकास मिशन के सचिव मोहम्मद अली ने बैठक कर पूर्व सांसद अतीक अहमद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। मोहम्मद अली ने इसे साजिश बताया और कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो शियाट्स प्रशासन की मिलीभगत की बात सामने आ जाएगी। साथ ही शियाट्स के पीआरओ रमाकांत दूबे को तत्काल पद से हटाने की मांग की। बैठक में नफीस अहमद, मोहम्मद शुएब, अशोक सचान, मोहम्मद फैजी समेत तमाम उपस्थित रहे। शाम को सुभाष चौराहे पर युवाओं ने प्रदर्शन कर पूर्व सांसद के खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म करने की मांग की।
शियाट्स में बलवा के तीसरे दिन भी पुलिस का पहरा रहा। परिसर में पीएसी तैनात है। वहीं घटना को लेकर विवि के शिक्षकों और कर्मचारियों में अब भी दहशत है हालांकि शुक्रवार को माहौल शांतिपूर्ण रहा और विवि में कक्षाएं भी चलीं। विवि के पीआरओ रमाकान्त दुबे व मनोज जैकब के आवास पर पुलिस तैनात है। उन्हें पुलिस की सुरक्षा भी दी गई है। उधर, ज्युडिशियल एडवोकेट्स एसोसिएशन इलाहाबाद उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष अखिलेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में में प्रति कुलपति प्रशासन से मुलाकात कर अराजकता फैलाए जाने की निंदा की।