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कम पैदावार देख किसान ने की आत्महत्या

Sat, 18 Apr 2015 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद Updated Sat, 18 Apr 2015 01:10 AM IST
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करनाईपुर/हंडिया (इलाहाबाद)। गेहूं की कम पैदावार देख फूलपुर में एक किसान ने हताश होकर फांसी लगा ली। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल को लेकर किसी किसान के खुदकुशी करने का इलाहाबाद में यह पहला मामला है। इसके बावजूद प्रशासनिक अफसर इस घटना को लेकर जरा भी गंभीर नजर नहीं आए। इतना कुछ होने के बावजूद तहसील प्रशासन का कोई अफसर किसान के घर झांकने भी नहीं पहुंचा। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, हंडिया में भी फसल बर्बाद होने से सदम के कारण एक किसान की मौत हो गई।
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फसल बर्बाद होने के सदम से इलाहाबाद में अब तक एक दर्जन किसानों की मौत हो चुकी है। दो मामलों में प्रशासन की तरफ से पोस्टमार्टम भी कराया गया लेकिन किसानों के परिजनों को रत्ती भर राहत नहीं मिली। शुक्रवार को फूलपुर तहसील में यासीनपुर उर्फ करनाईपुर गांव के किसान प्यारे लाल (42 वर्ष) पुत्र बद्री प्रसाद बिंद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्यारे लाल ने गेहूं की खेती की थी। उसके पास दस बिस्वा खेत है।
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मड़ाई के बाद महज 20 किलो गेहूं निकला। किसान ने ग्राम प्रधान से भी बंटाई पर दो बीघे खेत ले रखा था। दो बीघे में महज ढाई कुंतल गेहूं की पैदावार हुई। इसमें भी किसान को आधा मिलना था। मड़ाई के बाद पैदावार की यह हालत देख किसान शुक्रवार सुबह 11 बजे खेत से घर लौटा। वह सीधे कमरे में गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। किसान के दो पुत्रों एवं दो पुत्रियों में सबसे बड़ी बेटी सीमा घर के बाहर कुछ काम कर रही थी। परिवार के अन्य सदस्य भी उस वक्त घर में नहीं थे। पिता को गुमसुम हालत में घर जाते देख सीमा को शक हुआ तो वह भी पीछे से पहुंच गई। दरवाजा बंद था। सीमा ने पास-पड़ोस वालों को बुलाकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश की।
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इस बीच किसी ने खिड़की से देखा कि प्यारे लाल का शरीर फांसी के फंदे पर झूल रहा था। सीमा यह देखते ही गश खाकर गिर पड़ी। खबर पाकर आसपास मौजूद परिवार के अन्य सदस्य भी रोते-बिलखते घर पहुंचे। पूरा गांव इकट्ठा हो गया लेकिन प्रशासन का कोई अफसर झांकने भी नहीं पहुंचा। बाद में इंस्पेक्टर बहरिया पहुंचे और किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, हंडिया में भी कम पैदावार देख सदमे से एक किसान की मौत हो गई।


हंडिया तहसील में ब्यूर गांव के किसान मदन मोहन तिवारी (74) के पास 15 बीघा खेत है। उनके दो पुत्र हैं और दोनों खेत में काम करते हैं। बृहस्पतिवार को खेत से लौटकर पिता को बताया कि आधे से अधिक फसल पानी में डूबी हुई है। यह सुनकर मदन मोहन को ऐसा सदमा लगा कि वह सुधबुध खो बैठे। घर वाले उन्हें अस्पताल लेकर भाग, जहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद ही किसान की मौत हो गई। मौके पर प्रशासन का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा।
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