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रजिस्ट्रार ने सुरक्षा लेने से किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 29 May 2018 01:05 AM IST
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सेक्युरिटी गार्ड
- फोटो : SELF
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अपनी हत्या की आशंका जताने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव ने विश्वविद्यालय प्रशासन की सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि यहां किसी एक की सुरक्षा का सवाल नहीं है, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय की सुरक्षा होनी चाहिए। ऐसे में सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों को यह देखना चाहिए कि विश्वविद्यालय में किसी अराजकतत्व का प्रवेश न हो सके और पठन-पाठन का माहौल बन सके। रजिस्ट्रार ने पिछले साल नवंबर में विश्वविद्यालय के लिए सिक्योरिटी प्लान भी तैयार किया था, जो अभी लागू नहीं किया जा सका है।
सेना में 35 साल सेवा कर चुके और कर्नल के पद से रिटायर हुए इविवि के रजिस्ट्रार हितेश लव की सुरक्षा बढ़ाए जाने के लिए कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने निर्देश दिए थे। सोमवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने सोमवार को रजिस्ट्रार के पास दो सशस्त्र गार्ड भेजे, ताकि वे रजिस्ट्रार की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहें। रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव ने उन्हें वापस कर दिया और सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया। रजिस्ट्रार का कहना था कि उनके अलावा ज्वाइंट रजिस्ट्रार से भी बदसलूकी हुई। आए दिन शिक्षकों से दुर्व्यवहार किया जाता है। ऐसे में सबको व्यक्तिगत रूप से तो सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकती है। बेहतर है कि पूरे विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि परिसर में अराजकतत्वों का प्रवेश ही न हो।
वैसे भी जिस दिन उनके कार्यालय में घुसकर अराजकतत्वों ने धमकी दी, विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड आसपास मौजूद थे, लेकिन अराजकतत्व धमकी देकर वहां से बेरोकटोक निकल गए। इसके अलावा जिन सशस्त्र गार्डों को उनकी सुरक्षा के लिए भेजा गया था, उन्हें ‘वाच एंड वार्ड’ कांट्रैक्ट के तहत रखा गया है। ऐसे में उनका दायित्व केवल विश्वविद्यालय की सुरक्षा करना है। अपनी सुरक्षा के लिए रजिस्ट्रार न पुलिस अफसरों को पत्र लिखा है। इविवि की सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के मद्देनजर ही रजिस्ट्रार पिछले साल अपनी ज्वाइनिंग के तुरंत बाद नवंबर में पूरे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया था और सेना में 35 वर्षों की सेवा अनुभव के आधार पर एक सिक्योरिटी प्लान भी तैयार किया था। इस प्लान को कमेटी में रखा गया था, लेकिन अब तक लागू नहीं किया जा सका।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) की ओर से लगाए गए आरोपों पर रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव का कहना है कि सभी आरोप अनर्गल है। इनका कोई आधार नहीं है। गौरतलब है कि रजिस्ट्रार ने अपनी सुरक्षा के मसले पर एडीजी, कमिश्नर, एसएसपी और डीएम को भेजे पत्र में भी कहा है कि उन्हें पद से हटाने की साजिश चल रही है।
कुलपति ने सोमवार को सभी अफसरों की एक बैठक बुलाई, जिसमें रजिस्ट्रार, चीफ प्रॉक्टर, वित्त अधिकारी, डीएसडब्लयू, परीक्षा नियंत्रक और मुख्य अभियंता शामिल हुए। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने सभी को मिलकर काम करने की नसीहत दी। कहा कि आपसी विवाद को दूर करें और मिलजुलकर काम करें, ताकि विश्वविद्यालय की छवि धूमिल न हो।
एबीवीपी के बैनर तले विश्वविद्यालय के छात्रों ने रजिस्ट्रार का विरोध कर रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) का सोमवार का पुतला फूंका। छात्रों ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार उन लोगों को मनमानी नहीं करने दे रहे हैं, जो उनसे गलत काम कराना चाहते हैं। ऐसे लोग अब ऑटा की आड़ लेकर रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव को उनके पद से हटवाने की साजिश कर रहे हैं, जबकि इन साजिशकर्ताओं की नियुक्ति से लेकर पदोन्नति तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। छात्रों ने कहा कि ऑटा की आड़ में यह षड्यंत्र खत्म नहीं किया गया और विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई तो छात्र शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के आवास एवं दफ्तर का घेराव एवं उग्र प्रदर्शन होगा। ऑटा का पुतला फूंकने वालों में अनुभव उपाध्याय, नवीन मिश्र, सूरज तिवारी, नवीन पाठक, अभिषेक अवस्थी, वीरेंद्र चौहान आदि शामिल रहे।
ऑक्टा पदाधिकारियों ने सोमवार को बैठक कर कहा कि रजिस्ट्रार काम बाधित कर रहे हैं और इससे कॉलेजों का विकास प्रभावित हो रहा है। कहा कि महाविद्यालयों के विकास में जो भी बाधा डालेगा उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राम प्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. केबी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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सेना में 35 साल सेवा कर चुके और कर्नल के पद से रिटायर हुए इविवि के रजिस्ट्रार हितेश लव की सुरक्षा बढ़ाए जाने के लिए कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने निर्देश दिए थे। सोमवार को चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने सोमवार को रजिस्ट्रार के पास दो सशस्त्र गार्ड भेजे, ताकि वे रजिस्ट्रार की सुरक्षा में 24 घंटे तैनात रहें। रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव ने उन्हें वापस कर दिया और सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया। रजिस्ट्रार का कहना था कि उनके अलावा ज्वाइंट रजिस्ट्रार से भी बदसलूकी हुई। आए दिन शिक्षकों से दुर्व्यवहार किया जाता है। ऐसे में सबको व्यक्तिगत रूप से तो सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकती है। बेहतर है कि पूरे विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि परिसर में अराजकतत्वों का प्रवेश ही न हो।
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वैसे भी जिस दिन उनके कार्यालय में घुसकर अराजकतत्वों ने धमकी दी, विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्ड आसपास मौजूद थे, लेकिन अराजकतत्व धमकी देकर वहां से बेरोकटोक निकल गए। इसके अलावा जिन सशस्त्र गार्डों को उनकी सुरक्षा के लिए भेजा गया था, उन्हें ‘वाच एंड वार्ड’ कांट्रैक्ट के तहत रखा गया है। ऐसे में उनका दायित्व केवल विश्वविद्यालय की सुरक्षा करना है। अपनी सुरक्षा के लिए रजिस्ट्रार न पुलिस अफसरों को पत्र लिखा है। इविवि की सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के मद्देनजर ही रजिस्ट्रार पिछले साल अपनी ज्वाइनिंग के तुरंत बाद नवंबर में पूरे विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया था और सेना में 35 वर्षों की सेवा अनुभव के आधार पर एक सिक्योरिटी प्लान भी तैयार किया था। इस प्लान को कमेटी में रखा गया था, लेकिन अब तक लागू नहीं किया जा सका।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) की ओर से लगाए गए आरोपों पर रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव का कहना है कि सभी आरोप अनर्गल है। इनका कोई आधार नहीं है। गौरतलब है कि रजिस्ट्रार ने अपनी सुरक्षा के मसले पर एडीजी, कमिश्नर, एसएसपी और डीएम को भेजे पत्र में भी कहा है कि उन्हें पद से हटाने की साजिश चल रही है।
कुलपति ने सोमवार को सभी अफसरों की एक बैठक बुलाई, जिसमें रजिस्ट्रार, चीफ प्रॉक्टर, वित्त अधिकारी, डीएसडब्लयू, परीक्षा नियंत्रक और मुख्य अभियंता शामिल हुए। कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने सभी को मिलकर काम करने की नसीहत दी। कहा कि आपसी विवाद को दूर करें और मिलजुलकर काम करें, ताकि विश्वविद्यालय की छवि धूमिल न हो।
एबीवीपी के बैनर तले विश्वविद्यालय के छात्रों ने रजिस्ट्रार का विरोध कर रहे इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) का सोमवार का पुतला फूंका। छात्रों ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार उन लोगों को मनमानी नहीं करने दे रहे हैं, जो उनसे गलत काम कराना चाहते हैं। ऐसे लोग अब ऑटा की आड़ लेकर रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव को उनके पद से हटवाने की साजिश कर रहे हैं, जबकि इन साजिशकर्ताओं की नियुक्ति से लेकर पदोन्नति तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। छात्रों ने कहा कि ऑटा की आड़ में यह षड्यंत्र खत्म नहीं किया गया और विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई तो छात्र शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के आवास एवं दफ्तर का घेराव एवं उग्र प्रदर्शन होगा। ऑटा का पुतला फूंकने वालों में अनुभव उपाध्याय, नवीन मिश्र, सूरज तिवारी, नवीन पाठक, अभिषेक अवस्थी, वीरेंद्र चौहान आदि शामिल रहे।
ऑक्टा पदाधिकारियों ने सोमवार को बैठक कर कहा कि रजिस्ट्रार काम बाधित कर रहे हैं और इससे कॉलेजों का विकास प्रभावित हो रहा है। कहा कि महाविद्यालयों के विकास में जो भी बाधा डालेगा उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में महासचिव डॉ. उमेश प्रताप सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ. राम प्रकाश सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. केबी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।