{"_id":"5918bf5b4f1c1b0b43850915","slug":"registrar-housing-bomb-thrown-at-guest-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"रजिस्ट्रार आवास, गेस्ट हाउस पर फेंके गए बम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रजिस्ट्रार आवास, गेस्ट हाउस पर फेंके गए बम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 15 May 2017 02:12 AM IST
विज्ञापन
bomb blast
- फोटो : the dawn
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंक रोड स्थित टीचर्स कॉलोनी में कुछ उपद्रवियों ने शनिवार को आधी रात के बाद रजिस्ट्रार आवास पर तीन बम फोड़े। इसके बाद विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पर बम फेंका गया। देर रात लगातार तीन धमकों से टीचर्स कॉलोनी में लोग घरों से बाहर निकल जाए और दहशत फैल गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है।
शनिवार आधी रात के बाद करीब एक बजे विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एनके शुक्ला के आवास के बाहर लगातार तीन बम फटे। गार्ड ने देखा कि दो युवक बम फेंकने के बाद कुछ दूरी पर खड़ी मोटरसाइकिल पर बैठकर भाग निकले। पांच मिनट के भीतर बैंक रोड चौराहे पर विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पर भी तेज धमाके के साथ एक बम फटा। धमाका इतना तेज था कि गेस्ट हाउस के एक कमरे की खिड़कियों में लगे शीशे फूट गए। विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर रामसेवक दुबे ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर बवाल की आशंका जताई थी। उन्हें लग रहा था कि छात्र हॉस्टलों को खाली कराए जाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के हमले किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
शनिवार आधी रात के बाद करीब एक बजे विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एनके शुक्ला के आवास के बाहर लगातार तीन बम फटे। गार्ड ने देखा कि दो युवक बम फेंकने के बाद कुछ दूरी पर खड़ी मोटरसाइकिल पर बैठकर भाग निकले। पांच मिनट के भीतर बैंक रोड चौराहे पर विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस पर भी तेज धमाके के साथ एक बम फटा। धमाका इतना तेज था कि गेस्ट हाउस के एक कमरे की खिड़कियों में लगे शीशे फूट गए। विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर रामसेवक दुबे ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर बवाल की आशंका जताई थी। उन्हें लग रहा था कि छात्र हॉस्टलों को खाली कराए जाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए इस तरह के हमले किए जा सकते हैं।
विज्ञापन