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नौ संदिग्धों से पूछताछ, अभी भी पुलिस खाली हाथ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 07 Nov 2016 02:35 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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रेड एफएम की आरजे निधी साहू से छेड़खानी के मामले में अभी तक शोहदे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में सरेराह छेड़खानी की घटना को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। खबर का असर रहा कि मामला डीजीपी तक पहुंचा और उन्होंने शोहदों को पकड़ने के लिए जिले के आला पुलिस अफसरों को आदेश दिया। इसके बाद से पुलिस की नींद उड़ी है। एसपी सिटी खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।
सिविल लाइंस पुलिस ने रविवार को भी नौ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया और जो भी संदिग्ध बाइक सवार नजर आया उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने पत्थर गिरजाघर से सुभाष चौराहे और हाईकोर्ट के आगे पानी टंकी और चौफटका के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना वाले दिन का फुटेज देखा। फुटेज स्पष्ट नहीं होने से पुलिस शोहदों की शिनाख्त भी नहीं कर पा रही है बाइक नंबर भी स्पष्ट नहीं आ रहा है।
हाल के दिनों में पकड़े गए नशेड़ियों और छेड़खानी के मामले में जिनके नाम सामने आए हैं, उनके फोटोग्राफ को फुटेज से मिलाया जा रहा है। साथ ही उनको बुलाकर पूछताछ की जा रही है। आरजे से छेड़खानी करने वाले धूमनगंज की ओर भागे थे। इससे पुलिस को आशंका है कि वे धूमनगंज के ही किसी मोहल्ले के हो सकते हैं। धूमनगंज पुलिस भी शोहदों की तलाश में लगी है। जगह-जगह चेकिंग लगाकर बाइक सवार संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अरुण त्यागी ने बताया कि अभी शोहदों के बारे में कुछ पता नहीं चला है।
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शहर में मनबढ़ शोहदों की करतूत का यह कोई पहला वाकया नहीं है। आरजे निधि साहू से पहले भी शहर में कई बार ऐसी शर्मनाक वाकए हो चुके हैं। 2013 में स्कूटी सवार छात्रा का स्कार्पियो सवार शोहदे पीछा कर रहे थे। अखबार में छपी खबर को संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया था।
जांच के दौरान कर्नलगंज पुलिस की लीपापोती उजागर होने के बाद हाईकोर्ट ने अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। साथ ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस के पास क्या इंतजाम हैं, इस बारे में पूछा था। जिसके बाद शहर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई। बैंक रोड की रहने वाली एक छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी। सिविल लाइंस से ही स्कार्पियो सवार शोहदा छात्रा का पीछा करने लगा। छात्रा को महसूस हुआ कि कोई उसका पीछा कर रहा है। इस पर उसने अपने पिता को मोबाइल पर इस घटना की जानकारी दी। पिता ने बताया कि वह स्कूटी से चुपचाप घर की तरफ आती रहे और स्कार्पियो का नंबर नोट कर ले। पिता ने कंट्रोल रूम को फोन किया।
कंट्रोल रूम की सूचना पर पुलिस हरकत में आई। छात्रा अपने घर पहुंच गई। कर्नलगंज पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपी को घेरेबंदी कर पकड़ लिया। स्कार्पियो सपा नेता की निकली और उसमें सपा नेता का छोटा भाई था। मामला सत्ताधारी दल से जुड़ा देख पुलिस ने लीपापोती कर डाली। अखबार में छपी खबर को संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसएसपी और डीजीपी तक को तलब किया। जांच के दौरान पता चला कर्नलगंज पुलिस ने 100 डायल रजिस्टर में शिकायत के आगे लिखा था कि जिस मोबाइल नंबर से सूचना दी गई थी, वह नंबर बंद है। पुलिस की लापरवाही सामने आने पर कप्तान ने इंस्पेक्टर कर्नलगंज को सस्पेंड कर दिया था।
लल्ला चुंगी के पास पिछले साल रात में लगभग नौ बजे स्कार्पियो सवार बदमाशों ने छात्रा से छेड़खानी की। छात्रा और उसकी सहेलियों ने विरोध किया तो शोहदों ने लड़कियों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं एक छात्रा को वे स्कार्पियों में अगवा कर भागने लगे। शोरगुल सुनकर पास के हॉस्टल में रहने वाला छात्रा का भाई साथियों के साथ पहुंचा और पीछा कर स्कार्पियो को रोक लिया। मारपीट के दौरान बाकी बदमाश भाग निकले लेकिन एक शोहदा पकड़ में आ गया। बाद में शोहदे के साथियों ने हॉस्टल में घुसकर छात्रा के भाई को पीटा था।
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सिविल लाइंस पुलिस ने रविवार को भी नौ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया और जो भी संदिग्ध बाइक सवार नजर आया उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने पत्थर गिरजाघर से सुभाष चौराहे और हाईकोर्ट के आगे पानी टंकी और चौफटका के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना वाले दिन का फुटेज देखा। फुटेज स्पष्ट नहीं होने से पुलिस शोहदों की शिनाख्त भी नहीं कर पा रही है बाइक नंबर भी स्पष्ट नहीं आ रहा है।
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हाल के दिनों में पकड़े गए नशेड़ियों और छेड़खानी के मामले में जिनके नाम सामने आए हैं, उनके फोटोग्राफ को फुटेज से मिलाया जा रहा है। साथ ही उनको बुलाकर पूछताछ की जा रही है। आरजे से छेड़खानी करने वाले धूमनगंज की ओर भागे थे। इससे पुलिस को आशंका है कि वे धूमनगंज के ही किसी मोहल्ले के हो सकते हैं। धूमनगंज पुलिस भी शोहदों की तलाश में लगी है। जगह-जगह चेकिंग लगाकर बाइक सवार संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अरुण त्यागी ने बताया कि अभी शोहदों के बारे में कुछ पता नहीं चला है।
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शहर में मनबढ़ शोहदों की करतूत का यह कोई पहला वाकया नहीं है। आरजे निधि साहू से पहले भी शहर में कई बार ऐसी शर्मनाक वाकए हो चुके हैं। 2013 में स्कूटी सवार छात्रा का स्कार्पियो सवार शोहदे पीछा कर रहे थे। अखबार में छपी खबर को संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने डीजीपी को तलब किया था।
जांच के दौरान कर्नलगंज पुलिस की लीपापोती उजागर होने के बाद हाईकोर्ट ने अफसरों को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। साथ ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस के पास क्या इंतजाम हैं, इस बारे में पूछा था। जिसके बाद शहर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई। बैंक रोड की रहने वाली एक छात्रा कोचिंग के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी। सिविल लाइंस से ही स्कार्पियो सवार शोहदा छात्रा का पीछा करने लगा। छात्रा को महसूस हुआ कि कोई उसका पीछा कर रहा है। इस पर उसने अपने पिता को मोबाइल पर इस घटना की जानकारी दी। पिता ने बताया कि वह स्कूटी से चुपचाप घर की तरफ आती रहे और स्कार्पियो का नंबर नोट कर ले। पिता ने कंट्रोल रूम को फोन किया।
कंट्रोल रूम की सूचना पर पुलिस हरकत में आई। छात्रा अपने घर पहुंच गई। कर्नलगंज पुलिस ने गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपी को घेरेबंदी कर पकड़ लिया। स्कार्पियो सपा नेता की निकली और उसमें सपा नेता का छोटा भाई था। मामला सत्ताधारी दल से जुड़ा देख पुलिस ने लीपापोती कर डाली। अखबार में छपी खबर को संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसएसपी और डीजीपी तक को तलब किया। जांच के दौरान पता चला कर्नलगंज पुलिस ने 100 डायल रजिस्टर में शिकायत के आगे लिखा था कि जिस मोबाइल नंबर से सूचना दी गई थी, वह नंबर बंद है। पुलिस की लापरवाही सामने आने पर कप्तान ने इंस्पेक्टर कर्नलगंज को सस्पेंड कर दिया था।
लल्ला चुंगी के पास पिछले साल रात में लगभग नौ बजे स्कार्पियो सवार बदमाशों ने छात्रा से छेड़खानी की। छात्रा और उसकी सहेलियों ने विरोध किया तो शोहदों ने लड़कियों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं एक छात्रा को वे स्कार्पियों में अगवा कर भागने लगे। शोरगुल सुनकर पास के हॉस्टल में रहने वाला छात्रा का भाई साथियों के साथ पहुंचा और पीछा कर स्कार्पियो को रोक लिया। मारपीट के दौरान बाकी बदमाश भाग निकले लेकिन एक शोहदा पकड़ में आ गया। बाद में शोहदे के साथियों ने हॉस्टल में घुसकर छात्रा के भाई को पीटा था।