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पुलिस खोज रही थी और ‘मामा‘ खेलता रहा क्रिकेट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 18 Sep 2015 01:43 AM IST
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इलाहाबाद। जूता कारोबारी को गोलियों से छलनी कर शहर में कोहराम मचाने वाले कुख्यात बदमाश गदऊ पासी को पिछले दिनों पुलिस जब इलाहाबाद और कौशाम्बी में खोज रही थी तब वह प्रतापगढ़ में लड़कों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। डेढ़ महीने तक वह रजनीश हेला के साथ प्रतापगढ़ में ही छिपा रहा। उसे लड़के मामा कहकर पुकारते थे। वहां पुलिस ने छापा मारा तो कौशाम्बी लौटकर वह पिपरी इलाके में यमुना कछार और नाव पर फरारी काटता रहा।
मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने और साथियों से दूरी बनाए रखने से पुलिस के लिए उस तक पहुंचना टेढ़ी खीर था।
वैसे तो विनोद पासी उर्फ गदऊ की तलाश पुलिस को पिछले दो साल से थी मगर 29 जून की रात मुंडेरा में लक्ष्मी फुटवियर शोरूम में आशीष केसरवानी और आकाशदीप को गोलियां मारने के बाद वह मोस्ट वांटेड हो गया था। शासन स्तर से 50 हजार रुपये का इनामी घोषित होने के बाद इलाहाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ एसटीएफ भी उसके पीछे लगी थी।
बुधवार को क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक जेपी राय के नेतृत्व में स्वाट टीम ने उसे दबोचा तो पूछताछ में गदऊ ने बताया कि मुंडेरा में दुकान में गोली मारने के बाद रजनीश तो अपाचे बाइक लेकर भागा जबकि वह पैदल भागकर कुछ ही दूर पर एक खंडहर में छिप गया था। रात भर उसी खंडहर में बैठा रहा। भोर में वह टेंपो से मनौरी में नागेश के घर गया जहां रजनीश भी छिपा था। दूसरे रोज दोनों प्रतापगढ़ चले गए। वहां भदरी इलाके की दलित बस्ती में गदऊ का दूर का रिश्तेदार रहता है।
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वे करीब डेढ़ महीने तक भदरी में छिपकर रहे। इलाके के लड़के गदऊ को मामा बोलते थे। वह उनके साथ लगभग रोज दिन में क्रिकेट खेलता। हालांकि उसे पुलिस की घेराबंदी का डर रहता था इसलिए वह फील्डिंग के दौरान हमेशा थर्डमैन पर लगता जहां से वह पुलिस को देखकर भाग निकलता। रिश्तेदार के यहां वह रात में भी न सोता। घटना के डेढ़ महीने बाद पुलिस ने छापा मारा तो प्रतापगढ़ से भागकर गदऊ फतेहपुर गया। कुछ दिन बाद वे दोनों कौशाम्बी के पिपरी इलाके में मैनापुर गांव के यमुना कछार में आकर टिक गए।
दिन भर गदऊ और रजनीश कछार में रहते और रात में यमुना में नाव पर सोते। वे दोनों कछार में ही अपाचे बाइक छिपाकर रखते थे। अक्सर वे दोनों कछार से बाइक पर निकलते मगर कुछ देर में लौट आते। फरारी के दौरान खर्च के लिए उन्होंने चेन छिनैती की एक दर्जन से ज्यादा घटनाएं कीं। लूटी गई चेन रजनीश अपने परिचित सराफा दुकानदार को बेचकर पैसे लाता था। पुलिस के अनुसार गदऊ ने सुलेमसराय के एक सफेदपोश अपराधी को मारने की ठान रखी थी, जिसने दो साल पहले सबके सामने उसे पीटा था।
धूमनगंज के मुंडेरा गांव के विनोद पासी उर्फ गदऊ ने पिछले छह साल के दौरान शहर में 6 कत्ल कर डाले तो चेन, बाइक, पर्स, मोबाइल लूट की इतनी घटनाएं कर डालीं कि खुद उसे भी याद नहीं। लूट-छिनैती की तमाम घटनाओं की तो पुलिस ने रिपोर्ट ही नहीं लिखी। गदऊ के खिलाफ मौजूदा समय में 23 मुकदमे हैं। उसके खिलाफ पहला केस 2009 में अवैध शराब के साथ पकड़े जाने पर लिखा गया था। अगले साल 2010 में वह चोरी के माल के साथ पकड़ा गया। उसी साल उसने एक कत्ल किया।
फिर तो वह अपने भाई हरिश्चंद्र पासी के साथ मिलकर एक के बाद एक वारदात करने लगा। कत्ल की छह घटनाओं में पिछले साल अगस्त में बलुआघाट में व्यापारी जवाहरलाल केसरवानी का कत्ल और मुंडेरा में तीन माह पहले जूता कारोबारी आकाशदीप की हत्या प्रमुख है। गदऊ ने पूछताछ में एक और कत्ल कुबूल लिया। उसने इसी साल मई में हरवारा के चमन को विरोधी गिरोह के लिए मुखबिरी के शक में पोंगहट पुल के पास इंडिगो कार में खींचा। फिर यमुना किनारे ले जाकर गोली मारी और चापड़ से पेट फाड़ यमुना में डाल दिया ताकि उसकी लाश उतराने नहीं पाए। पुलिस ने चमन के अपहरण का केस लिखा था। अब तक ये घटना रहस्य बनी थी।
पचास हजार के इनामी गदऊ पासी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि उपनिरीक्षक जेपी राय ने भोर में सटीक मुखबिरी मिलने पर स्वाट टीम के साथ गदऊ और 15 हजार रुपये के इनामी उसके साथी रजनीश हेला को शिवकुटी में गंगा दर्शन मंदिर के पास घेरा तो वे फायरिंग कर भागने लगे। रजनीश भाग गया जबकि गदऊ को अपाचे बाइक और प्वाइंट 32 बोर के पिस्टल समेत दबोच लिया गया। यही अपाचे बाइक 29 जून की शाम लूकरगंज में लूटी गई थी।
एसएसपी समेत सभी पुलिस अफसरों ने पिछले साल भर के दौरान 50-50 हजार रुपये के तीन इनामी अपराधियों को दबोचने पर उपनिरीक्षक जेपी राय की सराहना की। बलुआघाट में कारोबारी जवहरलाल केसरवानी और मुंडेरा में आकाशदीप केसरवानी की हत्या के आरोपी गदऊ पासी की गिरफ्तारी पर प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा ने व्यापारिक संगठनों की तरफ से टीम में शामिल दरोगा जेपी राय, विजय सिंह, सिपाहियों जुलकर नैन, साबिर, हेमू पटेल, विजय यादव, राजेश यादव, नवीन राय, अरुण पांडेय, शक्ति सिंह को 51 हजार रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। बहादुरगंज-शिवचरण लाल रोड व्यापार मंडल के संरक्षक अमर वैश्य मुन्ना भैया और महामंत्री राजेश गुप्ता उर्फ राजा बाबू ने पुलिस टीम के अभिनंदन की घोषणा की।
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मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने और साथियों से दूरी बनाए रखने से पुलिस के लिए उस तक पहुंचना टेढ़ी खीर था।
वैसे तो विनोद पासी उर्फ गदऊ की तलाश पुलिस को पिछले दो साल से थी मगर 29 जून की रात मुंडेरा में लक्ष्मी फुटवियर शोरूम में आशीष केसरवानी और आकाशदीप को गोलियां मारने के बाद वह मोस्ट वांटेड हो गया था। शासन स्तर से 50 हजार रुपये का इनामी घोषित होने के बाद इलाहाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ एसटीएफ भी उसके पीछे लगी थी।
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बुधवार को क्राइम ब्रांच के उपनिरीक्षक जेपी राय के नेतृत्व में स्वाट टीम ने उसे दबोचा तो पूछताछ में गदऊ ने बताया कि मुंडेरा में दुकान में गोली मारने के बाद रजनीश तो अपाचे बाइक लेकर भागा जबकि वह पैदल भागकर कुछ ही दूर पर एक खंडहर में छिप गया था। रात भर उसी खंडहर में बैठा रहा। भोर में वह टेंपो से मनौरी में नागेश के घर गया जहां रजनीश भी छिपा था। दूसरे रोज दोनों प्रतापगढ़ चले गए। वहां भदरी इलाके की दलित बस्ती में गदऊ का दूर का रिश्तेदार रहता है।
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वे करीब डेढ़ महीने तक भदरी में छिपकर रहे। इलाके के लड़के गदऊ को मामा बोलते थे। वह उनके साथ लगभग रोज दिन में क्रिकेट खेलता। हालांकि उसे पुलिस की घेराबंदी का डर रहता था इसलिए वह फील्डिंग के दौरान हमेशा थर्डमैन पर लगता जहां से वह पुलिस को देखकर भाग निकलता। रिश्तेदार के यहां वह रात में भी न सोता। घटना के डेढ़ महीने बाद पुलिस ने छापा मारा तो प्रतापगढ़ से भागकर गदऊ फतेहपुर गया। कुछ दिन बाद वे दोनों कौशाम्बी के पिपरी इलाके में मैनापुर गांव के यमुना कछार में आकर टिक गए।
दिन भर गदऊ और रजनीश कछार में रहते और रात में यमुना में नाव पर सोते। वे दोनों कछार में ही अपाचे बाइक छिपाकर रखते थे। अक्सर वे दोनों कछार से बाइक पर निकलते मगर कुछ देर में लौट आते। फरारी के दौरान खर्च के लिए उन्होंने चेन छिनैती की एक दर्जन से ज्यादा घटनाएं कीं। लूटी गई चेन रजनीश अपने परिचित सराफा दुकानदार को बेचकर पैसे लाता था। पुलिस के अनुसार गदऊ ने सुलेमसराय के एक सफेदपोश अपराधी को मारने की ठान रखी थी, जिसने दो साल पहले सबके सामने उसे पीटा था।
धूमनगंज के मुंडेरा गांव के विनोद पासी उर्फ गदऊ ने पिछले छह साल के दौरान शहर में 6 कत्ल कर डाले तो चेन, बाइक, पर्स, मोबाइल लूट की इतनी घटनाएं कर डालीं कि खुद उसे भी याद नहीं। लूट-छिनैती की तमाम घटनाओं की तो पुलिस ने रिपोर्ट ही नहीं लिखी। गदऊ के खिलाफ मौजूदा समय में 23 मुकदमे हैं। उसके खिलाफ पहला केस 2009 में अवैध शराब के साथ पकड़े जाने पर लिखा गया था। अगले साल 2010 में वह चोरी के माल के साथ पकड़ा गया। उसी साल उसने एक कत्ल किया।
फिर तो वह अपने भाई हरिश्चंद्र पासी के साथ मिलकर एक के बाद एक वारदात करने लगा। कत्ल की छह घटनाओं में पिछले साल अगस्त में बलुआघाट में व्यापारी जवाहरलाल केसरवानी का कत्ल और मुंडेरा में तीन माह पहले जूता कारोबारी आकाशदीप की हत्या प्रमुख है। गदऊ ने पूछताछ में एक और कत्ल कुबूल लिया। उसने इसी साल मई में हरवारा के चमन को विरोधी गिरोह के लिए मुखबिरी के शक में पोंगहट पुल के पास इंडिगो कार में खींचा। फिर यमुना किनारे ले जाकर गोली मारी और चापड़ से पेट फाड़ यमुना में डाल दिया ताकि उसकी लाश उतराने नहीं पाए। पुलिस ने चमन के अपहरण का केस लिखा था। अब तक ये घटना रहस्य बनी थी।
पचास हजार के इनामी गदऊ पासी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि उपनिरीक्षक जेपी राय ने भोर में सटीक मुखबिरी मिलने पर स्वाट टीम के साथ गदऊ और 15 हजार रुपये के इनामी उसके साथी रजनीश हेला को शिवकुटी में गंगा दर्शन मंदिर के पास घेरा तो वे फायरिंग कर भागने लगे। रजनीश भाग गया जबकि गदऊ को अपाचे बाइक और प्वाइंट 32 बोर के पिस्टल समेत दबोच लिया गया। यही अपाचे बाइक 29 जून की शाम लूकरगंज में लूटी गई थी।
एसएसपी समेत सभी पुलिस अफसरों ने पिछले साल भर के दौरान 50-50 हजार रुपये के तीन इनामी अपराधियों को दबोचने पर उपनिरीक्षक जेपी राय की सराहना की। बलुआघाट में कारोबारी जवहरलाल केसरवानी और मुंडेरा में आकाशदीप केसरवानी की हत्या के आरोपी गदऊ पासी की गिरफ्तारी पर प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा ने व्यापारिक संगठनों की तरफ से टीम में शामिल दरोगा जेपी राय, विजय सिंह, सिपाहियों जुलकर नैन, साबिर, हेमू पटेल, विजय यादव, राजेश यादव, नवीन राय, अरुण पांडेय, शक्ति सिंह को 51 हजार रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया। बहादुरगंज-शिवचरण लाल रोड व्यापार मंडल के संरक्षक अमर वैश्य मुन्ना भैया और महामंत्री राजेश गुप्ता उर्फ राजा बाबू ने पुलिस टीम के अभिनंदन की घोषणा की।