पुलिस ने उठाया या फिर दुश्मनों ने, बना है रहस्य
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दुबाही गांव मऊआइमा में रहने वाले गुलहसन के पुत्र आरिफ तथा कयामुद्दीन के पुत्र शफीक को शुक्रवार सुबह सीमावर्ती जनपद प्रतापगढ़ के देल्हूपुर बाजार से कुछ लोगों ने खुद को क्राइम ब्रांच बताकर गाड़ी में खींच लिया था। दोपहर बाद गंभीर घायल आरिफ को उन्हीं लोगों ने शहर लाकर कचहरी रोड स्थित निजी हास्पिटल में छोड़ा और भाग गए। पता चला तो उसके परिजन अस्पताल पहुंच गए। दूसरे युवक शफीक के बारे में शनिवार रात कुछ पता नहीं चल सका। परिजनों को अनहोनी की आशंका सता रही है। घायल आरिफ को उसके परिवार के लोग शनिवार दोपहर एंबुलेंस में लखनऊ ले गए। प्रतापगढ़ और इलाहाबाद पुलिस तथा क्राइम ब्रांच ने इस घटना में हाथ होने से इनकार किया है।
इलाहाबाद क्राइम ब्रांच टीम ने शुक्रवार रात खुद अस्पताल जाकर घटना की जानकारी ली थी। घायल आरिफ और लापता शफीक के परिजनों में गहरी नाराजगी है। क्षेत्रीय विधायक सत्यवीर मुन्ना ने पुलिस अधिकारियों से लापता शफीक की बरामदगी के लिए कहा है। उधर, मऊआइमा पुलिस का कहना है कि आरिफ अपराधी प्रवृत्ति का है। उसे पहले भी प्रतापगढ़ तथा इलाहाबाद पुलिस पकड़ चुकी है। शक है कि मुखबिरी के शक में दूसरे अपराधियों ने यह वारदात की। चर्चा रही कि सुल्तानपुर पुलिस की टीम ने ट्रक लूट मामले में दोनों को उठाया था लेकिन सुल्तानपुर के एएसपी ने भी इस बात से इनकार कर दिया।
इन दो युवकों को पकड़ने, पीटने और एक युवक के गायब होने में पुलिस का कोई हाथ नहीं है। आरिफ अपराधी प्रवृत्ति का है। जांच हो रही है। शक है कि इनके दुश्मनों ने यह कारगुजारी की है।’
-राजेश कुमार, एसपी गंगापार