फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Order of the arrest of the children of the oppressed

बच्चों का उत्पीड़न करने वालों की गिरफ्तारी का आदेश

Fri, 30 Jun 2017 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 30 Jun 2017 01:53 AM IST
विज्ञापन
Order of the arrest of the children of the oppressed
court demo pic
फाफामऊ के रंगपुरा स्थित बाल संरक्षण गृह में चार बच्चों की पिटाई और उत्पीड़न के मामले में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर असंतोष जाहिर करते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले के सभी दोषियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। कोर्ट ने बाल संरक्षण गृहों सहित बेसहारा लोगों के लिए बनाए गए आश्रय गृहों की दशा पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदारी अधिकारी असंवेदनशील हो चुके हैं।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि इससे पूर्व वह बाल संरक्षण गृह शिवक़ुटी को लेकर भी आदेश दे चुके हैं। हर बार इन आश्रय गृहों को लेकर यही बात सामने आती है कि इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारी अपना काम नहीं कर रहे हैं। अदिति सिंह और अन्य की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति दयाशंकर त्रिपाठी की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन


सरकार का पक्ष रख रहे अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने बताया कि घटना के दूसरे ही दिन 26 मई को ही सरंक्षण गृह चलाने वाले एनजीओ का पंजीकरण रद्द कर दिया गया। बच्चों को वहां से हटाकर अभिभावकोें को सौंप दिया गया है। गिरफ्तारी इसलिए नहीं हो सकी क्योंकि पीड़ित बच्चे अपने घर बेगुसराय, बिहार चले गए हैं। उनका बयान दर्ज किया जाना है। बयान दर्ज होने के बाद ही गिरफ्तारी होगी। उन्होंने डीएम इलाहाबाद की ओर से हलफनामा दाखिल कर बताया कि गिरफ्तारी के अलावा अन्य सभी जरूरी कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


याची अधिवक्ता स्मृति कार्तिकेय ने कहा कि संरक्षण गृह में कई विकलांग बच्चे भी थे। कुल 25 बच्चों को वहां से हटाया गया है। उनके इलाज और देखभाल के लिए क्या प्रबंध किया गया, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इसके अलावा याचिका में अन्य आश्रय गृहों की दशा को लेकर भी कदम उठाने की मांग की गई है। कोर्ट ने इस सभी मामलों पर 24 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है साथ ही कहा है कि इस मामले में दोषी लोगों की गिरफ्तारी भी कर ली जाए।

उल्लेखनीय है कि फाफामऊ स्थित संरक्षण गृह रेलवे स्टेशन से बरामद तीन बच्चों को 25 मई को भेजा गया था। संरक्षण गृह के संचालकों ने उनके साथ बर्बरता की और हाथ पांव बांध कर पीटा। इसकी खबर अखबारों में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बच्चों को वहां से छुड़ाकर संरक्षण गृह सील कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed