{"_id":"3a711781fd8692431d2293b3ee77d661","slug":"murder-in-allahabad-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरपीएफ के सिपाही को गोली मारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आरपीएफ के सिपाही को गोली मारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 23 Jun 2015 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुल्दाबाद इलाके में चौफटका से कुछ दूर पर मंगलवार शाम ड्यूटी के बाद सूबेदारगंज में अपने सरकारी निवास लौट रहे आरपीएफ के हेडकांस्टेबल हाकिम सिंह को गोली मार दी गई। सिर पर पीछे गोली धंसने पर वह बाइक समेत गिरा तो आसपास मौजूद लोग जुट गए। खबर मिलते ही पुलिस पहुंची और उसे उठाकर एसआरएन अस्पताल ले गई। फिर आरपीएफ और जिला पुलिस के आला अधिकारी वहां पहुंच गए। घायल सिपाही की हालत नाजुक बनी है। यह वारदात किन लोगों ने और क्यों की, यह अभी पता नहीं चल सका है। परिजन भी कुछ पता नहीं सके हैं।
मूल रूप से फिरोजाबाद जनपद के हाकिम सिंह (50) की तैनाती यहां नैनी रेलवे स्टेशन पोस्ट पर थी। उसकी ड्यूटी सिविल लाइंस में नवाब युसूफ रोड स्थित आरई (रेलवे विद्युतीकरण) के आईजी कार्यालय में है। वह परिवार सहित सूबेदारगंज स्थित रेलवे कॉलोनी नंबर वन में रहता है। परिवार में पत्नी सुनीता और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी निकिता का ब्याह हो चुका है। मंगलवार शाम छह बजे ड्यूटी के बाद हाकिम सिंह बाइक पर घर को रवाना हुआ। वह करबला से चौफटका क्रासिंग के बगल से सूबेदारगंज स्थित कॉलोनी की तरफ कुछ दूर गया होगा तभी एफसीआई गोदाम के पास वह बाइक समेत गिरकर कुछ दूर तक घिसट गया। वहां भीड़ लग गई। कंट्रोल रूम को खबर मिली कि बाइक सवार व्यक्ति को गोली मार दी गई है।
उसके सिर के पीछे घाव था, जिससे खून बह रहा था। उसने हेलमेट लगा रखा था जिसका एक हिस्सा टूट गया था। खबर मिलते ही धूमनगंज थानाध्यक्ष जेपी राय पहुंचे और घायल हाकिम सिंह को एसआरएन अस्पतल ले गए। जेब में मिले पहचान पत्र से पता चला कि वह आरपीएफ का हेडकांस्टेबल हाकिम सिंह है। उसकी पत्नी सुनीता भी कुछ आरपीएफ कर्मियों के साथ रोते-कलपते पहुंच गई। एसएसपी केएस इमैनुएल भी एसपी क्राइम अरुण पांडेय के साथ पहले मौके पर और फिर अस्पताल पहुंचे। आरपीएफ के भी सीनियर कमांडेंट डीके मौर्या समेत कई अफसर आ गए। देर रात तक पुलिस घटना की जांच कर रही थी। परिवार के लोग हाकिम की किसी से रंजिश या खुन्नस के बारे में भी पुलिस अफसरों को नहीं बता सके।
विज्ञापन
हेडकांस्टेबल हाकिम सिंह को गोली मारी गई या घटना कुछ और है, यह सवाल भी मौके पर जांच और सीटी स्केन रिपोर्ट की वजह से उठ खड़ा हुआ है। एसएसपी केएस इमैनुएल का कहना है कि मौके पर उन्होंने कई लोगों से बात की मगर किसी ने फायर की आवाज सुनने की बात नहीं की। इससे घटना के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है। सीटी स्कैन रिपोर्ट में स्कल बोन में फ्रैक्चर तो आया लेकिन अंदर गोली नहीं दिखी। मगर जैसी गहरी चोट सिर के पीछे आई है, वह दुर्घटना में नहीं आ सकती। इसलिए फिलहाल इस वारदात के बारे में कुछ भी साफ नहीं हो सका है।
विज्ञापन
मूल रूप से फिरोजाबाद जनपद के हाकिम सिंह (50) की तैनाती यहां नैनी रेलवे स्टेशन पोस्ट पर थी। उसकी ड्यूटी सिविल लाइंस में नवाब युसूफ रोड स्थित आरई (रेलवे विद्युतीकरण) के आईजी कार्यालय में है। वह परिवार सहित सूबेदारगंज स्थित रेलवे कॉलोनी नंबर वन में रहता है। परिवार में पत्नी सुनीता और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी निकिता का ब्याह हो चुका है। मंगलवार शाम छह बजे ड्यूटी के बाद हाकिम सिंह बाइक पर घर को रवाना हुआ। वह करबला से चौफटका क्रासिंग के बगल से सूबेदारगंज स्थित कॉलोनी की तरफ कुछ दूर गया होगा तभी एफसीआई गोदाम के पास वह बाइक समेत गिरकर कुछ दूर तक घिसट गया। वहां भीड़ लग गई। कंट्रोल रूम को खबर मिली कि बाइक सवार व्यक्ति को गोली मार दी गई है।
विज्ञापन
उसके सिर के पीछे घाव था, जिससे खून बह रहा था। उसने हेलमेट लगा रखा था जिसका एक हिस्सा टूट गया था। खबर मिलते ही धूमनगंज थानाध्यक्ष जेपी राय पहुंचे और घायल हाकिम सिंह को एसआरएन अस्पतल ले गए। जेब में मिले पहचान पत्र से पता चला कि वह आरपीएफ का हेडकांस्टेबल हाकिम सिंह है। उसकी पत्नी सुनीता भी कुछ आरपीएफ कर्मियों के साथ रोते-कलपते पहुंच गई। एसएसपी केएस इमैनुएल भी एसपी क्राइम अरुण पांडेय के साथ पहले मौके पर और फिर अस्पताल पहुंचे। आरपीएफ के भी सीनियर कमांडेंट डीके मौर्या समेत कई अफसर आ गए। देर रात तक पुलिस घटना की जांच कर रही थी। परिवार के लोग हाकिम की किसी से रंजिश या खुन्नस के बारे में भी पुलिस अफसरों को नहीं बता सके।
विज्ञापन
हेडकांस्टेबल हाकिम सिंह को गोली मारी गई या घटना कुछ और है, यह सवाल भी मौके पर जांच और सीटी स्केन रिपोर्ट की वजह से उठ खड़ा हुआ है। एसएसपी केएस इमैनुएल का कहना है कि मौके पर उन्होंने कई लोगों से बात की मगर किसी ने फायर की आवाज सुनने की बात नहीं की। इससे घटना के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है। सीटी स्कैन रिपोर्ट में स्कल बोन में फ्रैक्चर तो आया लेकिन अंदर गोली नहीं दिखी। मगर जैसी गहरी चोट सिर के पीछे आई है, वह दुर्घटना में नहीं आ सकती। इसलिए फिलहाल इस वारदात के बारे में कुछ भी साफ नहीं हो सका है।