{"_id":"59cbff2f4f1c1bb0538b4b4c","slug":"letter-to-mci-notice-issued-against-tilak-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिलक हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई को एमसीआई को पत्र, नोटिस भी जारी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तिलक हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई को एमसीआई को पत्र, नोटिस भी जारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 28 Sep 2017 01:26 AM IST
विज्ञापन
blood
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में चल रहे खून के काले कारोबार के खिलाफ कमिश्नर की सख्ती के बाद औषधि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। तिलक हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। सीएमओ की ओर से भी इस हास्पिटल के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में शहर के 11 प्राइवेट अस्पताल और उनके स्टाफ के खून के काले धंधे में लिप्त होने की गोपनीय रिपोर्ट मिली है। जिसके तथ्य जुटाए जा रहे हैं, जिससे कि उनके नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा सके।
पिछले सप्ताह तिलक हास्पिटल में एसआरएन अस्पताल के ब्लड बैंक की पर्ची लगा दो यूनिट खराब खून एक महिला मरीज को देने का खुलासा हुआ था। इसमें अस्पताल के दो कर्मचारी जेल भेजे गए हैं। सप्लायर की गिरफ्तारी होनी बाकी है। उसको पकड़ने और अन्य जानकारी जुटाने के लिए पुलिस को मोबाइल की सीडीआर का इंतजार है। दूसरी ओर औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त केजी गुप्ता ने विस्तृत जांच में इस अस्पताल के अंदर चार और यूनिट खराब खून मरीज को चढ़ाने की पुष्टि की थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए सीएमओ की ओर से हास्पिटल के मालिक को नोटिस जारी कर दिया गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
पुलिस-प्रशासन की ओर से कराई गई गोपनीय जांच रिपोर्ट में जिले के 11 नर्सिंग खराब खून चढ़ाने के मामले में चिह्नित किए गए हैं। इन अस्पतालों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इनके यहां से पिछले एक साल के दौरान चढ़ाए गए खून के अभिलेख जुटाए जा रहे हैं। उनके यहां मरीजों को चढ़ाए गए ब्लड की ब्लड बैंकों से क्रास चेकिंग कराई जा रही है।‘खराब खून की बिक्री को रोकने के लिए एसी औषधि और सीएमओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं। गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई को नोटिस भी जारी हो चुके हैं। आम व्यक्ति के जीवन से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।’ -आशीष गोयल, कमिश्नर
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले सप्ताह तिलक हास्पिटल में एसआरएन अस्पताल के ब्लड बैंक की पर्ची लगा दो यूनिट खराब खून एक महिला मरीज को देने का खुलासा हुआ था। इसमें अस्पताल के दो कर्मचारी जेल भेजे गए हैं। सप्लायर की गिरफ्तारी होनी बाकी है। उसको पकड़ने और अन्य जानकारी जुटाने के लिए पुलिस को मोबाइल की सीडीआर का इंतजार है। दूसरी ओर औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त केजी गुप्ता ने विस्तृत जांच में इस अस्पताल के अंदर चार और यूनिट खराब खून मरीज को चढ़ाने की पुष्टि की थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए सीएमओ की ओर से हास्पिटल के मालिक को नोटिस जारी कर दिया गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
विज्ञापन
पुलिस-प्रशासन की ओर से कराई गई गोपनीय जांच रिपोर्ट में जिले के 11 नर्सिंग खराब खून चढ़ाने के मामले में चिह्नित किए गए हैं। इन अस्पतालों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इनके यहां से पिछले एक साल के दौरान चढ़ाए गए खून के अभिलेख जुटाए जा रहे हैं। उनके यहां मरीजों को चढ़ाए गए ब्लड की ब्लड बैंकों से क्रास चेकिंग कराई जा रही है।‘खराब खून की बिक्री को रोकने के लिए एसी औषधि और सीएमओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं। गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई को नोटिस भी जारी हो चुके हैं। आम व्यक्ति के जीवन से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।’ -आशीष गोयल, कमिश्नर
विज्ञापन