{"_id":"5713e1264f1c1bc43510fbd7","slug":"leader-press-from-kbjedaron-ground-evacuation","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब्जेदारों से खाली कराया गया लीडर प्रेस मैदान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कब्जेदारों से खाली कराया गया लीडर प्रेस मैदान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Apr 2016 12:57 AM IST
विज्ञापन
हटाया अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खुसरोबाग के बगल में लीडर प्रेस मैदान को जिला प्रशासन ने रविवार को खाली करा लिया। राजकीय आस्थान की जमीन पर बरसों से रहे लोगों और सामान को बाहर निकालने के बाद सभी खाली घरों को जमीदोंज कर दिया गया। इस दौरान विरोध भी हुआ। एक महिला की तबियत बिगड़ गई। विरोध करने पर एक युवक की जमकर पिटाई भी हुई।
खुसरोबाग के बगल में लीडर प्रेस मैदान में राजकीय आस्थान की 36000 वर्गमीटर जमीन है। यहां 70 वर्ष से अधिक समय से 17 परिवार रह रहे थे। इनके अलावा छह परिवार अनाधिकृत रूप से बसे थे। इस जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, वहां से जमीन खाली कराने का आदेश काफी पहले हो चुका है। जिला प्रशासन ने पूर्व में भी इस जमीन को खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन भारी विरोध के कारण सफलता नहीं मिली।
बाद में विधायक अनुग्रह नारायण सिंह एवं पूर्व पार्षद वीरेंद्र सोनकर के प्रयास से यहां रहने वाले 17 परिवारों को फाफामऊ एवं नैनी स्थित कांशीराम आवास योजना में फ्लैट आवंटित किए गए लेकिन वह वहां जाने को तैयार नहीं हुए। रविवार को एसडीएम सदर टीके शीबू, एडीएम सिटी आरएन गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, एडीए के जोनल अधिकारी गुडाकेश शर्मा, निगम के अतिक्रमण प्रभारी एसएल यादव, निगम के जेडओ शारदेंदु सिंह, मुन्ना लाल, दो सीओ समेत खुल्दाबाद, करेली, शाहगंज, कोतवाली, शिवकुटी, कीडगंज थाने की पुलिस एवं पीएसी के साथ दस्ता लीडर प्रेस मैदान पहुंचा। इससे वहां हड़कंप मच गया। लोगों ने कुछ विरोध किया लेकिन भारी संख्या में मौजूद पुलिस के कारण लोग शांत हो गए।
विज्ञापन
इस बीच एसडीएम ने सभी को तत्काल घर खाली करने का आदेश दिया। इस बीच घर गिराए जाने से घबराई रेखा श्रीवास्तव नाम की महिला की तबियत बिगड़ गई। पुत्री और परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें संभाला। करीब आधे घंटे में सभी घर खाली होने के बाद जैसे से जेसीबी चालू किया गया, एक युवक वहां पहुंचा और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। इस पर पहले एसडीएम सदर उसके बाद पुलिस ने युवक की पिटाई की गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जेसीबी लगाकर करीब एक घंटे में सभी मकान गिरा दिए गए।
लीडर प्रेस मैदान में आशियाना गिराए जाने से हताश एक महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया। मकान न गिराने के लिए हाथ जोड़कर गुहार कर रही पूजा सोनकर की कोई सुनवाई नहीं हुई तो घर के अंदर से बोलत में मिट्टी का तेल लेकर आई और अफसरों के सामने अपने शरीर पर छिड़क लिया। छोटी-छोटी तीन बेटी एवं एक बेटे की मां पूजा सोनकर शरीर में आग लगाती, इसके पहले वहां मौजूद महिला पुलिस ने उस पकड़ लिया। कार्रवाई का विरोध कर रहे उसे पिता रोशन लाल, भाई पंकज एवं टिंकू के साथ खुल्दाबाद थाने ले गए। मां, मामा और नाना को पकड़ ले जाने से पूजा की बेटियां काजल, चंचल एवं बेबो तथा बेटा अनुज रो-रोकर बेहाल हो गए। पास पड़ोस के लोगों ने किसी तरह बच्चों को संभाला। करीब आधे घंटे बाद गिरफ्तार लोगों को वापस लेकर आए। फिर घर खाली कराया गया।
लीडर प्रेस मैदान में रहने वाले 17 परिवारों में से 14 को फाफामऊ तथा तीन परिवारों को नैनी स्थित कांशीराम आवास योजना में फ्लैट्स दिए गए हैं। रविवार को यहां से मकान खाली कराने के बाद ज्यादातर परिवार को आवंटित फ्लैटों में भेजा गया। इसके लिए नगर निगम की गाड़ियां लगाई गई। इसमें उनका सामान लादकर फाफामऊ एवं नैनी भेजा गया।
विज्ञापन
खुसरोबाग के बगल में लीडर प्रेस मैदान में राजकीय आस्थान की 36000 वर्गमीटर जमीन है। यहां 70 वर्ष से अधिक समय से 17 परिवार रह रहे थे। इनके अलावा छह परिवार अनाधिकृत रूप से बसे थे। इस जमीन का मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, वहां से जमीन खाली कराने का आदेश काफी पहले हो चुका है। जिला प्रशासन ने पूर्व में भी इस जमीन को खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन भारी विरोध के कारण सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
बाद में विधायक अनुग्रह नारायण सिंह एवं पूर्व पार्षद वीरेंद्र सोनकर के प्रयास से यहां रहने वाले 17 परिवारों को फाफामऊ एवं नैनी स्थित कांशीराम आवास योजना में फ्लैट आवंटित किए गए लेकिन वह वहां जाने को तैयार नहीं हुए। रविवार को एसडीएम सदर टीके शीबू, एडीएम सिटी आरएन गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, एडीए के जोनल अधिकारी गुडाकेश शर्मा, निगम के अतिक्रमण प्रभारी एसएल यादव, निगम के जेडओ शारदेंदु सिंह, मुन्ना लाल, दो सीओ समेत खुल्दाबाद, करेली, शाहगंज, कोतवाली, शिवकुटी, कीडगंज थाने की पुलिस एवं पीएसी के साथ दस्ता लीडर प्रेस मैदान पहुंचा। इससे वहां हड़कंप मच गया। लोगों ने कुछ विरोध किया लेकिन भारी संख्या में मौजूद पुलिस के कारण लोग शांत हो गए।
विज्ञापन
इस बीच एसडीएम ने सभी को तत्काल घर खाली करने का आदेश दिया। इस बीच घर गिराए जाने से घबराई रेखा श्रीवास्तव नाम की महिला की तबियत बिगड़ गई। पुत्री और परिवार के अन्य लोगों ने उन्हें संभाला। करीब आधे घंटे में सभी घर खाली होने के बाद जैसे से जेसीबी चालू किया गया, एक युवक वहां पहुंचा और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। इस पर पहले एसडीएम सदर उसके बाद पुलिस ने युवक की पिटाई की गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जेसीबी लगाकर करीब एक घंटे में सभी मकान गिरा दिए गए।
लीडर प्रेस मैदान में आशियाना गिराए जाने से हताश एक महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया। मकान न गिराने के लिए हाथ जोड़कर गुहार कर रही पूजा सोनकर की कोई सुनवाई नहीं हुई तो घर के अंदर से बोलत में मिट्टी का तेल लेकर आई और अफसरों के सामने अपने शरीर पर छिड़क लिया। छोटी-छोटी तीन बेटी एवं एक बेटे की मां पूजा सोनकर शरीर में आग लगाती, इसके पहले वहां मौजूद महिला पुलिस ने उस पकड़ लिया। कार्रवाई का विरोध कर रहे उसे पिता रोशन लाल, भाई पंकज एवं टिंकू के साथ खुल्दाबाद थाने ले गए। मां, मामा और नाना को पकड़ ले जाने से पूजा की बेटियां काजल, चंचल एवं बेबो तथा बेटा अनुज रो-रोकर बेहाल हो गए। पास पड़ोस के लोगों ने किसी तरह बच्चों को संभाला। करीब आधे घंटे बाद गिरफ्तार लोगों को वापस लेकर आए। फिर घर खाली कराया गया।
लीडर प्रेस मैदान में रहने वाले 17 परिवारों में से 14 को फाफामऊ तथा तीन परिवारों को नैनी स्थित कांशीराम आवास योजना में फ्लैट्स दिए गए हैं। रविवार को यहां से मकान खाली कराने के बाद ज्यादातर परिवार को आवंटित फ्लैटों में भेजा गया। इसके लिए नगर निगम की गाड़ियां लगाई गई। इसमें उनका सामान लादकर फाफामऊ एवं नैनी भेजा गया।