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करेली और पूरामुफ्ती में आज भी दबिश, कई हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 05 May 2018 01:04 AM IST
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UCO bank
यूको बैंक में करोड़ों की चोरी के मामले में शुक्रवार को भी करेली और पूरामुफ्ती क्षेत्रों में दबिश जारी रही। बाहर से आए चोरों के करेली क्षेत्र में पनाह लेने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने मददगार के कई दोस्तों और रिश्तेदारों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। उनकी निशानदेही पर कुछ और लोगों को आज पकड़ा गया है। शक के दायरे में आया मददगार अभी भी पुलिस के कब्जे में नहीं आया है लेकिन उसका मोबाइल नंबर मिल गया है। उसी से उसकी लोकेशन पता की जा रही है।
पुलिस को अब तक की जांच में सबसे बड़ी लीड गुरुवार को मिली थी। उस व्यक्ति का पता चल गया था जिसने सिलेंडर समेत तमाम चीजों की खरीदारी चोरों के साथ की थी। जल्द ही पुलिस ने करेली में उसके घर को खोज निकाला। जिस रात बैंक में चोरी हुई थी, उसके बाद से ही वह घर नहीं आया है। इसके बाद पुलिस का शक उस पर और बढ़ गया। घर वालों से उसके करीबी दोस्तों के बारे में जानकारी लेने के बाद पुलिस ने एक को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर पूरामुफ्ती और करेली के कई इलाकों में दबिश देकर डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ा गया। सारे लोग कहीं न कहीं से मददगार के रिश्तेदार और करीबी हैं। उनसे लगातार पूछताछ हो रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
मददगार का मोबाइल नंबर मिल गया है। उसकी कॉल डीटेल्स और लोकेशन के आधार पर दबिश दी जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मददगार के मिलने के बाद कई जानकारी मिल जाएंगी कि आखिर बाहर से आए चोरों को करेली में या और कहीं, कहां ठहराया गया था। चोर बैंक चोरी के बाद करेली गए थे या नहीं, इस बात की जानकारी भी उसके पकडे़े जाने के बाद ही होगी। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि पुलिस पूरा प्रयास कर रही है। धरपकड़ जारी है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस समय जांच के बारे में ज्यादा नहीं बताया जा सकता।
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चोर किस गाड़ी से बैंक तक सिलेंडर ले गए थे, इस बारे में अभी भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। सुभाष चौराहे से लेकर बैंक तक सीसीटीवी फुटेज को चेक किया गया लेकिन कोई संदिग्ध गाड़ी नहीं दिखी थी। इसके बाद एसएसपी ने रेलवे को पत्र लिखकर डीआरएम आफिस वाली रोड की फुटेज मांगी थी। फुटेज मिल गई है। उसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी फुटेज को देखा जा रहा है। हो सकता है कि चोरों ने दिन में ही किसी गाड़ी से सिलेंडर पहुंचा दिया हो। एसटीएफ ने लगभग एक लाख नंबरों से पांच से अधिक संदिग्ध नंबरों को छांटा है। अब टीम पांच सौ नंबरों पर काम कर रही है। उनके डीटेल्स और लोकेशन के बारे में पता किया जा रहा है
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पुलिस को अब तक की जांच में सबसे बड़ी लीड गुरुवार को मिली थी। उस व्यक्ति का पता चल गया था जिसने सिलेंडर समेत तमाम चीजों की खरीदारी चोरों के साथ की थी। जल्द ही पुलिस ने करेली में उसके घर को खोज निकाला। जिस रात बैंक में चोरी हुई थी, उसके बाद से ही वह घर नहीं आया है। इसके बाद पुलिस का शक उस पर और बढ़ गया। घर वालों से उसके करीबी दोस्तों के बारे में जानकारी लेने के बाद पुलिस ने एक को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर पूरामुफ्ती और करेली के कई इलाकों में दबिश देकर डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों को पकड़ा गया। सारे लोग कहीं न कहीं से मददगार के रिश्तेदार और करीबी हैं। उनसे लगातार पूछताछ हो रही है। पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
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मददगार का मोबाइल नंबर मिल गया है। उसकी कॉल डीटेल्स और लोकेशन के आधार पर दबिश दी जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मददगार के मिलने के बाद कई जानकारी मिल जाएंगी कि आखिर बाहर से आए चोरों को करेली में या और कहीं, कहां ठहराया गया था। चोर बैंक चोरी के बाद करेली गए थे या नहीं, इस बात की जानकारी भी उसके पकडे़े जाने के बाद ही होगी। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि पुलिस पूरा प्रयास कर रही है। धरपकड़ जारी है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस समय जांच के बारे में ज्यादा नहीं बताया जा सकता।
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चोर किस गाड़ी से बैंक तक सिलेंडर ले गए थे, इस बारे में अभी भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। सुभाष चौराहे से लेकर बैंक तक सीसीटीवी फुटेज को चेक किया गया लेकिन कोई संदिग्ध गाड़ी नहीं दिखी थी। इसके बाद एसएसपी ने रेलवे को पत्र लिखकर डीआरएम आफिस वाली रोड की फुटेज मांगी थी। फुटेज मिल गई है। उसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी फुटेज को देखा जा रहा है। हो सकता है कि चोरों ने दिन में ही किसी गाड़ी से सिलेंडर पहुंचा दिया हो। एसटीएफ ने लगभग एक लाख नंबरों से पांच से अधिक संदिग्ध नंबरों को छांटा है। अब टीम पांच सौ नंबरों पर काम कर रही है। उनके डीटेल्स और लोकेशन के बारे में पता किया जा रहा है