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नौकरी मांगने पर मिली जेल

Thu, 05 May 2016 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 05 May 2016 02:23 AM IST
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Job seekers received prison
टीईटी अभ्य‌र्थ‌ियों ने क‌िया आंदोलन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
शिक्षा निदेशालय में मंगलवार शाम शिक्षक पद पर नियुक्ति की मांग करने वाले टीईटी पास अभ्यर्थियों को बुधवार को जेल भेज दिया गया, जबकि रात भर महिला थाने में रखने के बाद महिला अभ्यर्थियों को पुलिस ने निजी मुचलके पर बुधवार सुबह छोड़ दिया। बता दें कि मंगलवार शाम को आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे पांच छात्रों और सात महिला अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार छात्रों क ो बुधवार सुबह मजिस्ट्रेट के सामने पेश क रने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया, जबकि महिला अभ्यर्थियों को निजी मुचलके पर रिहा किया गया। 
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सिविल लाइंस इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने बताया कि बवाल के दौरान गिरफ्तार कृष्ण कुमार, पंकज, अजय शंकर, विजय शंकर और मनोज को बुधवार को जेल भेज दिया गया, जबकि महिलाओं को निजी मुचलके पर रिहा किया गया। उधर गिरफ्तारी के बाद महिला अभ्यर्थी खासा दहशत में थीं। रात भर हिरासत में रहने के बाद उनकी हालत खराब थी। वे रोते हुए पुलिसकर्मियों से अपना कसूर पूछ रही थीं। एक महिला अभ्यर्थी की रोने से हालत भी बिगड़ गई। साथी अभ्यर्थियों ने उसे किसी तरह संभाला। मंगलवार रात भर सिविल लाइंस और महिला थाने में हंगामा होता रहा। इस मामले में सहायक सचिव बेसिक शिक्षा परिषद दिलीप चंद्र भारतीय की तहरीर पर 13 नामजद और 2 हजार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी लिखा गया है। 
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शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कर दिया था। लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए थे। बुधवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे सोशल मीडिया पर अफवाह फैला दी गई शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में घायल एक टीईटी अभ्यर्थी की लाउदर रोड स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई है। मीडिया में भी यह खबर पहुंच गई। इस सूचना पर पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। पुलिस अफसर भी खबर की असलियत पता करने लगे। पुलिस ने अस्पताल जाकर जानकारी की तो पता चला कि ऐसा कुछ नहीं है, तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। एसएसपी ने तत्काल व्हाट्सएप ग्रुप पर ऐसी अफवाह वाली खबर डालने वाले शख्स के खिलाफ मुकदमा लिखने का आदेश दिया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस ने बताया कि गलत खबर व्हाट्सएप ग्रुप में डालकर अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ मोबाइल नंबर के आधार मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। 
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