फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Inquiries from the Offer, continue the search for 'Darga'

अर्पित से की गई पूछताछ, ‘दरोगा’ की तलाश जारी

Fri, 06 Oct 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 06 Oct 2017 01:57 AM IST
विज्ञापन
Inquiries from the Offer, continue the search for 'Darga'
राजेश यादव - फोटो : file photo
बसपा नेता राजेश यादव हत्याकांड में संदिग्ध माने गए छात्रसंघ चुनाव में महामंत्री पद के उम्मीदवार अर्पित सिंह राजकुमार को पुलिस ने बृहस्पतिवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि घटना में शामिल होने से साफ मना करते हुए उसने बताया कि वह सो रहा था। एक और संदिग्ध विपिन के पकड़े जाने की चर्चा रही पर पुलिस ने इनकार किया। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि कातिल युवक के बारे में पता चल गया है। उसे देर रात उठा लिए जाने की चर्चा रही।
विज्ञापन


राजेश यादव हत्याकांड में छानबीन कर रही क्राइम ब्रांच और पुलिस को पहले दिन ही छानबीन में जानकारी मिली थी कि सोमवार रात ताराचंद हॉस्टल में महामंत्री पद के उम्मीदवार अर्पित सिंह ने कार्यालय खोलने पर दावत दी थी। वहां तमाम छात्र देर रात तक जुटे थे। रात तकरीबन दो बजकर 20 मिनट पर हॉस्टल गेट पर राजेश यादव को फारच्यूनर की ड्राइविंग सीट पर गोली मारने के वक्त भी कई छात्र मौजूद थे। कुछ छात्र आसपास पोस्टर लगा रहे थे। तब से पुलिस अर्पित समेत कई छात्रों को संदिग्ध मानकर पुलिस खोज रही थी। सीसीटीवी फुटेज में भी दिखा था कि रात दो बजकर 20 मिनट पर एक युवक मोबाइल पर बात करते हुए हॉस्टल के भीतर गया, जिसके बाद आठ युवक बाहर जाते नजर आए। कुछ सेकंड बाद एक युवक तेज रफ्तार में भीतर भागकर जाता नजर आया था। पुलिस को छानबीन में अर्पित सिंह के अलावा जग्गा, अनुभव सिंह उर्फ दरोगा, विपिन कुमार, सचिन के नाम संदिग्ध के तौर पर मिले। पुलिस ने इन संदिग्धों की तलाश में लखनऊ से लेकर प्रतापगढ़ तक दबिश दी।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को अर्पित सिंह पुलिस को मिल गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी के मुताबिक, अर्पित कह रहा है कि वह घटना के वक्त मौजूद नहीं था। वह हॉस्टल के कमरे में जाकर सो गया था। पुलिस का मानना है कि अर्पित भले ही नहीं घटना में शामिल रहा हो मगर हॉस्टल के बाहर आकर गोली चलाने वाले उसके ही साथी थे। देर रात पुलिस ने उसे रिहा किया तो साथी आकर उसे कर्नलगंज थाने से ले गए। गोली मारने में मुख्य संदिग्ध अनुभव उर्फ दरोगा के पकड़ में आने पर केस खुल सकता है। देर रात चर्चा रही कि उसे पकड़ा गया है लेकिन सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्र ने कहा कि उसे जल्द दबोच लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


हत्याकांड के विवेचक इंस्पेक्टर कर्नलगंज अवधेश प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को भी स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल जाकर वहां भर्ती नामजद आरोपी डॉ. मुकुल सिंह से पूछताछ की। मेडिकल कॉलेज में हड्डी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुकुल घटना के वक्त गाड़ी में राजेश यादव के साथ थे। राजेश को गोली लगने पर वही गाड़ी चलाकर अपने राज नर्सिंग होम ले गए थे। वहां राजेश की मौत होने पर उनकी पत्नी मोनिका और पुलिस को खबर दी थी। एसएसपी के अनुसार, विवेचक ने दुबारा अस्पताल जाकर डॉक्टर से घटना के तमाम पहलुओं पर पूछताछ की। डॉ. मुकुल ने पूछताछ में इसे एक अचानक हुई वारदात करार दिया।

इस हत्याकांड में छह मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को भी एक व्यक्ति ने जार्जटाउन थाने में अपनी कार को पथराव में नुकसान पहुंचने का केस लिखाया। इसके पहले घटना के दूसरे रोज राजेश की पत्नी मोनिका ने डॉक्टर के खिलाफ कत्ल का केस लिखाया जबकि दरोगा आजाद सिंह ने पुलिस पर हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पत्रकार अमित ने हमले और मोबाइल तोड़ने तथा दो रोडवेज बसों के चालक ने तोड़फोड़ और आगजनी की एफआईआर लिखाई थी।


बसपा नेता राजेश यादव की हत्या में अब एक और एंगल सामने आया है। कुछ पुलिस एक्सपर्ट की राय है कि सीट में जिस जगह गोली धंसी है, उसे दाहिनी तरफ से नहीं मारा जा सकता। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों का कहना था कि गोली दाहिने ओर से शरीर में घुसी और सीने के अंदर से बाईं तरफ से निकली है। पिस्टल की गोली जिस तरफ से शरीर में घुसती है, उधर छोटा सुराख होता है। दूसरी ओर गोली जिधर से निकलती है, उस ओर सुराख अपेक्षाकृत बड़ा होता है। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि राजेश को .32 की पिस्टल से गोली मारी गई है। पुलिस एक्सपर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर माथापच्ची कर रहे हैं। अभी तक इस पर अलग अलग राय सामने आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed