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खुले नाले में गिरकर मासूम की मौत घर का इकलौता चिराग था अविनाश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:50 AM IST
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दारागंज के कच्ची सड़क स्थित महादेव की गली निवासी दिनेश कुशवाहा का छह वर्षीय पुत्र अविनाश की खुले नाले में गिर जाने से मौत हो गई। घटना की जानकारी परिवार के लोगों को पुलिस के वहां पहुंचने पर हुई। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही दादी तारादेवी बदहवास हो गई। पुलिस ने बच्चे का शव निकालकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
परिवार के लोगों के मुताबिक दिनेश कुशवाहा उर्फ पप्पू महादेव की गली में अपनी मां तारादेवी और पुत्र अविनाश के साथ रहता है। परिवार के पालन-पोषण के लिए वह विक्रम चलाता है। उसकी पत्नी शांति की मुत्यु पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है। अविनाश की देखभाल का काम उसकी दादी करती थीं। मंगलवार को रोजाना की तरह अविनाश को नाश्ता कराकर उसकी दादी भी काम करने चली गईं। इसी बीच मौका पाकर अविनाश घर के उत्तर दिशा में प्रयागघाट रेलवे स्टेशन के पास अर्द्घनिर्मित नाले को पार करके रेलवे की बनी दीवार तक जा पहुंचा। खेल-खेल में वह दीवार पर चलते-चलते गया और करीब दो सौ मीटर दूर जाकर अचानक नीचे खुले नाले में जा गिरा।
आशंका जताई जा रही कि नाले की दलदली जमीन की वजह से वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी कुछ देर में मौत हो गई। वहां नाले को साफ कराने का भी काम चल रहा था। बच्चे का शव देखते ही ठेकेदार ने तुरंत इसकी सूचना अभियंता राहुल पासवान को दी। अभियंता ने घटना के बारे में दारागंज पुलिस को बताया। थोड़ी देर में दारागंज पुलिस मौके पर पहुंच गई और किसी तरह शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। घटना की सूचना मिलते ही उसका पिता भी घटना स्थल पर पहुंच गया। घटना सुनकर परिवार के सदस्यों में रोना-पीटना मच गया। उसकी दादी का रो-रोकर बुरा-हाल हो गया। मोहल्ले के लोग किसी तरह उसे समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश करते रहे।
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दादी से पूछते-पूछते पहुंची पुलिस
दारागंज पुलिस को भी घटना स्थल की सटीक जानकारी नहीं थी। जब वह गली के पास पहुंची तब सबसे पहले अविनाश की दादी से ही घटना के बारे में पूछा। तब तक उसके घर वालों को घटना की कोई जानकारी नहीं थी। दादी तारादेवी उसके बाद घर में चली गई। थोड़ी देर बाद पुलिस ने उसके दरवाजे पहुंची और घटना की जानकारी दी।
नगर आयुक्त ने गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
नगर आयुक्त अविनाश कुमार ने पूरी घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें जलकल महाप्रबंधक आरएस सक्सेना, अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास एवं मुख्य अभियन्ता सतीश कुमार को शामिल किया गया है। नगर आयुक्त के मुताबिक जांच कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
नाले को फांदकर रोजाना का था आना-जाना
महादेव की गली के सबसे आखिरी सिरे पर ही दिनेश का घर है। उसके उत्तरी सिरे में रास्ता खत्म हो जाता है। उसके ठीक बाद कीचड़ भरा यह उथला नाला है, जो खासा दलदला हो चुका लेकिन इसके बावजूद लोग उसे फांदकर निर्माणाधीन प्रयागघाट रेलवे स्टेशन की ओर निकलने का रास्ता भी बनाया हुआ है। बताया जाता है अविनाश भी इसी तरह रोजाना उधर से निकल जाता था, जिसकी कोई रोक-टोक नहीं करता था। मंगलवार को भी वह उधर खेलने निकल गया लेकिन अचानक से नीचे गिर पड़ा।
जेई और ठेकेदार के खिलाफ दी तहरीर
अविनाश की दादी तारादेवी ने देरशाम को दारागंज थाने में लापरवाही बरतने पर वहां सीवर सफाई का काम करा रहे ठेकेदार एवं जेई के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर में इन दोनों पर लापरवाही से कार्य कराने का आरोप लगाते हुए बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
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परिवार के लोगों के मुताबिक दिनेश कुशवाहा उर्फ पप्पू महादेव की गली में अपनी मां तारादेवी और पुत्र अविनाश के साथ रहता है। परिवार के पालन-पोषण के लिए वह विक्रम चलाता है। उसकी पत्नी शांति की मुत्यु पांच वर्ष पूर्व हो चुकी है। अविनाश की देखभाल का काम उसकी दादी करती थीं। मंगलवार को रोजाना की तरह अविनाश को नाश्ता कराकर उसकी दादी भी काम करने चली गईं। इसी बीच मौका पाकर अविनाश घर के उत्तर दिशा में प्रयागघाट रेलवे स्टेशन के पास अर्द्घनिर्मित नाले को पार करके रेलवे की बनी दीवार तक जा पहुंचा। खेल-खेल में वह दीवार पर चलते-चलते गया और करीब दो सौ मीटर दूर जाकर अचानक नीचे खुले नाले में जा गिरा।
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आशंका जताई जा रही कि नाले की दलदली जमीन की वजह से वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी कुछ देर में मौत हो गई। वहां नाले को साफ कराने का भी काम चल रहा था। बच्चे का शव देखते ही ठेकेदार ने तुरंत इसकी सूचना अभियंता राहुल पासवान को दी। अभियंता ने घटना के बारे में दारागंज पुलिस को बताया। थोड़ी देर में दारागंज पुलिस मौके पर पहुंच गई और किसी तरह शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। घटना की सूचना मिलते ही उसका पिता भी घटना स्थल पर पहुंच गया। घटना सुनकर परिवार के सदस्यों में रोना-पीटना मच गया। उसकी दादी का रो-रोकर बुरा-हाल हो गया। मोहल्ले के लोग किसी तरह उसे समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश करते रहे।
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दादी से पूछते-पूछते पहुंची पुलिस
दारागंज पुलिस को भी घटना स्थल की सटीक जानकारी नहीं थी। जब वह गली के पास पहुंची तब सबसे पहले अविनाश की दादी से ही घटना के बारे में पूछा। तब तक उसके घर वालों को घटना की कोई जानकारी नहीं थी। दादी तारादेवी उसके बाद घर में चली गई। थोड़ी देर बाद पुलिस ने उसके दरवाजे पहुंची और घटना की जानकारी दी।
नगर आयुक्त ने गठित की तीन सदस्यीय कमेटी
नगर आयुक्त अविनाश कुमार ने पूरी घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें जलकल महाप्रबंधक आरएस सक्सेना, अपर नगर आयुक्त ऋतु सुहास एवं मुख्य अभियन्ता सतीश कुमार को शामिल किया गया है। नगर आयुक्त के मुताबिक जांच कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
नाले को फांदकर रोजाना का था आना-जाना
महादेव की गली के सबसे आखिरी सिरे पर ही दिनेश का घर है। उसके उत्तरी सिरे में रास्ता खत्म हो जाता है। उसके ठीक बाद कीचड़ भरा यह उथला नाला है, जो खासा दलदला हो चुका लेकिन इसके बावजूद लोग उसे फांदकर निर्माणाधीन प्रयागघाट रेलवे स्टेशन की ओर निकलने का रास्ता भी बनाया हुआ है। बताया जाता है अविनाश भी इसी तरह रोजाना उधर से निकल जाता था, जिसकी कोई रोक-टोक नहीं करता था। मंगलवार को भी वह उधर खेलने निकल गया लेकिन अचानक से नीचे गिर पड़ा।
जेई और ठेकेदार के खिलाफ दी तहरीर
अविनाश की दादी तारादेवी ने देरशाम को दारागंज थाने में लापरवाही बरतने पर वहां सीवर सफाई का काम करा रहे ठेकेदार एवं जेई के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर में इन दोनों पर लापरवाही से कार्य कराने का आरोप लगाते हुए बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।