एमपी: खरगोन जिला जेल से पॉक्सो एक्ट का दोषी बंदी लापता, 20 साल की हुई थी सजा; पुलिस की टीमें तलाश में जुटीं
खरगोन की टेमला रोड स्थित जिला जेल से पॉक्सो एक्ट में 20 साल के सश्रम कारावास की सजा काट रहा बंदी अरुण धुर्वे शुक्रवार को लापता हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच जारी है।
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खरगोन शहर के टेमला रोड स्थित जिला जेल से पॉक्सो एक्ट के मामले में 20 साल के सश्रम कारावास की सजा काट रहा एक बंदी लापता हो गया। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद जेल प्रबंधन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर मेनगांव थाना पुलिस ने बंदी की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला जेल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जानकारी जुटाई।
मेनगांव थाना पुलिस के अनुसार, खरगोन के इंदिरा नगर निवासी अरुण पिता गणेश धुर्वे पॉक्सो एक्ट के मामले में जिला जेल में बंद था। वर्ष 2022 में उस पर 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप था। इस मामले में न्यायालय ने 7 अक्टूबर को उसे 20 साल के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जिला जेल में सजा काट रहा था।
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जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को अरुण जेल से लापता हो गया। प्रारंभिक जानकारी में आशंका जताई जा रही है कि वह प्रहरियों को चकमा देकर फरार हुआ। हालांकि, वह जेल परिसर से किस तरह बाहर निकला और किन परिस्थितियों में लापता हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जिला जेल पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बंदी के लापता होने से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी ली। जेल की सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। मेनगांव थाना पुलिस ने बंदी की तलाश के लिए टीमें गठित की हैं। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। फिलहाल बंदी का कोई सुराग मिलने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
