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पानी भरे गड्ढ़े में डूबने से मासूम की गई जान
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 14 Jun 2017 01:52 AM IST
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allahabad
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शहर के सोहबतियाबाग इलाके में मंगलवार दोपहर एक दुखद घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। घर से खेलने निकला ढाई साल का बच्चा रेलवे लाइन किनारे पानी भरे गड्ढे में गिरा और डूबने से उसकी जान चली गई। परिजन तलाश में भटक रहे थे तभी देर शाम पानी में मासूम को उतराया देख कोहराम मच गया। जीवित होने की आस में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया पर उसकी सांस थम चुकी थी। बच्चे की मौत ने मुहल्ले वालों को भी गम में डुबो दिया।
सोहबतियाबाग में प्राथमिक विद्यालय के पास हौली वाली गली में रहने वाला प्रदीप भारतीय उर्फ मिंटू कार सर्विस सेंटर में डेंटिंग-पेंटिंग का काम करता है। ढाई साल का आदित्य उसका इकलौता पुत्र था। मां टोनी की आंखों का तारा था वह। टोनी अपने जिगर के टुकडे को बहुत दुलार करती थी, मगर मंगलवार दोपहर एक अनहोनी ने उनके परिवार के चिराग को छीन लिया। दोपहर करीब दो बजे आदित्य घर के बाहर खेलते वक्त लापता हो गया तो मां टोनी उसकी तलाश में निकली। मगर आदित्य कहीं नहीं दिखा। टोनी ने कई घरों में भी जाकर पूछा। पड़ोसी भी खोजबीन करने लगे लेकिन बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
परिवार के लोग भटक रहे थे तभी देर शाम करीब साढ़े छह बजे किसी ने रेलवे लाइन किनारे गड्ढे के पानी में बच्चे को उतराते देखा। हल्ला मचा तो भीड़ लग गई। आदित्य को बाहर निकाल फौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बची थी। मां टोनी और पिता पिंटू रोने-कलपने लगे तो मुहल्ले के महिलाएं-पुरुष भी बिलख पड़े। पार्षद शिवसेवक सिंह भी वहां पहुंच गए। रेलवे लाइन के दोहरीकरण के दौरान जेसीबी से किया गया गड्ढा बच्चे के लिए काल साबित हो गया। हालांकि घर के पीछे करीब आधा किलोमीटर दूर बच्चे के गड्ढे तक पहुंचने पर भी लोग हैरान थे। मगर पुलिस को सूचना नहीं दी गई और रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सोहबतियाबाग में प्राथमिक विद्यालय के पास हौली वाली गली में रहने वाला प्रदीप भारतीय उर्फ मिंटू कार सर्विस सेंटर में डेंटिंग-पेंटिंग का काम करता है। ढाई साल का आदित्य उसका इकलौता पुत्र था। मां टोनी की आंखों का तारा था वह। टोनी अपने जिगर के टुकडे को बहुत दुलार करती थी, मगर मंगलवार दोपहर एक अनहोनी ने उनके परिवार के चिराग को छीन लिया। दोपहर करीब दो बजे आदित्य घर के बाहर खेलते वक्त लापता हो गया तो मां टोनी उसकी तलाश में निकली। मगर आदित्य कहीं नहीं दिखा। टोनी ने कई घरों में भी जाकर पूछा। पड़ोसी भी खोजबीन करने लगे लेकिन बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
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परिवार के लोग भटक रहे थे तभी देर शाम करीब साढ़े छह बजे किसी ने रेलवे लाइन किनारे गड्ढे के पानी में बच्चे को उतराते देखा। हल्ला मचा तो भीड़ लग गई। आदित्य को बाहर निकाल फौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बची थी। मां टोनी और पिता पिंटू रोने-कलपने लगे तो मुहल्ले के महिलाएं-पुरुष भी बिलख पड़े। पार्षद शिवसेवक सिंह भी वहां पहुंच गए। रेलवे लाइन के दोहरीकरण के दौरान जेसीबी से किया गया गड्ढा बच्चे के लिए काल साबित हो गया। हालांकि घर के पीछे करीब आधा किलोमीटर दूर बच्चे के गड्ढे तक पहुंचने पर भी लोग हैरान थे। मगर पुलिस को सूचना नहीं दी गई और रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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