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नकली एक लाख के चक्कर में असल पचास हजार गवांए
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 18 May 2016 02:01 AM IST
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एक लाख की गड्डी देख गल्ला कारोबारी मन मचल गया। उचक्कों के फेंके जाल में आकर एक लाख की गड्डी थाम लिया और पचास हजार रुपये फुटकर दे दिया। रकम लेने के बाद दोनों शातिर को देने के बहाने नीचे उतर आए। उनको लौटने में देर लगी तो कारोबारी ने गड्डी को ध्यान से देखा। गड्डी में ऊपर-नीचे पांच-पांच असली नोट बाकी कागज देखकर कारोबारी को पसीना छूट गया। वह भागकर नीचे आए तो लेकिन तब तक शातिर गायब थे। दिनदहाड़े बैंक में ठगी की घटना से खलबली मच गई। सूचना पर नवाबगंज पुलिस पहुंची। पुलिस छानबीन कर रही है।
मंसूराबाद के रहने वाले महारानी दीन केशरवानी गल्ला कारोबारी हैं। वह मंगलवार दोपहर बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक मंसूराबाद में 50 हजार रुपये जमा करने आए थे। वह कतार में लगे थे। तभी दो युवक गमछा बांधे पहुंचे। युवकों ने महारानी दीन से कहा कि उन्हें 50 हजार रुपये जमा करना है। लेकिन उन्हें पचास हजार रुपये नीचे एक युवक खड़ा है। उसे देना है। महारानी दीन उसके झांसे में आ गए। उन्होंने पचास हजार रुपये देकर 1 लाख की गड्डी थाम ली। कुछ देर बाद भी युवक वापस नहीं लौटे तो महारानी दीन को शक हुआ। उनकी नजर गड्डी पर गई तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
अंदर दस ही नोट असली थे। जबकि बाकी गड्डी में कागज लगा था। बैंक में ठगी की जानकारी होने पर खलबली मच गई। सूचना पर नवाबगंज एसओ दीपक पांडेय मौके पर पहुंचे। पुलिस रिपोर्ट लिखकर जांच कर रही है।
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मंसूराबाद के रहने वाले महारानी दीन केशरवानी गल्ला कारोबारी हैं। वह मंगलवार दोपहर बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक मंसूराबाद में 50 हजार रुपये जमा करने आए थे। वह कतार में लगे थे। तभी दो युवक गमछा बांधे पहुंचे। युवकों ने महारानी दीन से कहा कि उन्हें 50 हजार रुपये जमा करना है। लेकिन उन्हें पचास हजार रुपये नीचे एक युवक खड़ा है। उसे देना है। महारानी दीन उसके झांसे में आ गए। उन्होंने पचास हजार रुपये देकर 1 लाख की गड्डी थाम ली। कुछ देर बाद भी युवक वापस नहीं लौटे तो महारानी दीन को शक हुआ। उनकी नजर गड्डी पर गई तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
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अंदर दस ही नोट असली थे। जबकि बाकी गड्डी में कागज लगा था। बैंक में ठगी की जानकारी होने पर खलबली मच गई। सूचना पर नवाबगंज एसओ दीपक पांडेय मौके पर पहुंचे। पुलिस रिपोर्ट लिखकर जांच कर रही है।
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