फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Had refused to pay protection money to the contractor's murder

रंगदारी देने से इनकार पर की थी ठेकेदार की हत्या

Sat, 28 May 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 28 May 2016 01:26 AM IST
विज्ञापन
Had refused to pay protection money to the contractor's murder
क्राइम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
झूंसी रेलवे स्टेशन परिसर में करीब बीस दिन पहले ठेकेदार प्रताप सिंह की कार के भीतर गोली मारकर हत्या की वारदात का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच ने एक शूटर को कत्ल में इस्तेमाल अवैध असलहे समेत गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ में पता चला कि छोटा राजन गिरोह से जुड़े अपराधी नीरज वाल्मीकि ने ठेकेदार से दस लाख रुपये रंगदारी मांगी थी लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया था। उसके लगातार मना करने पर नीरज नेे चार बदमाशों को ठेकेदार की हत्या की सुपारी दे दी। क्राइम ब्रांच को ठेकेदार हत्याकांड में चार बदमाशों की तलाश है। 
विज्ञापन


क्लाइव रोड सिविल लाइंस में रहने वाले रेलवे ठेकेदार प्रताप सिंह ने झूंसी रेलवे स्टेशन पर काम लिया था। उन्होंने अपने मौसेरे भाई रवींद्र सिंह को देखरेख में लगा रखा था। नौ मई को देर शाम वह रवींद्र को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार में बैठाकर झूंसी रेलवे स्टेशन से निकल रहे थे तभी उन पर हमला हुआ। पहले से बाइक किनारे लगाकर मौजूद दो बदमाशों ने लिफ्ट मांगने का इशारा किया फिर कार के करीब जाकर ड्राइविंग सीट पर बैठे प्रताप को पिस्टल और तमंचे से कई गोलियां मार दीं। साथ मौजूद मौसेरा भाई रवींद्र गोलियों से जख्मी प्रताप को अस्पताल ले गया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
विज्ञापन


पुलिस ने जिस एंगल पर जांच शुरू की, वह तकरीबन सही निकला। दरअसल, चार साल पहले पुलिस लाइन के करीब एसबीआई मुख्य शाखा के सामने कार के भीतर रेलवे ठेकेदार पिंकी सिंह की इसी ढंग से हत्या की गई थी और उसमें प्रताप सिंह चश्मदीद गवाह था। प्रताप उस वक्त पिंकी के साथ कार में था। पुलिस को शक था कि कहीं पिंकी के कातिलों ने ही तो प्रताप को गवाह होने की वजह से न मार दिय हो। और यह संदेह सही निकला। बृहस्पतिवार शाम क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय स्वाट टीम प्रभारी एनके नागर के साथ झूंसी इलाके में छानबीन में जुटे थे तभी खबर मिली कि ठेकेदार के कत्ल में शामिल एक शूटर गंगा नदी किनारे सड़क से उल्टा किला की तरफ आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


टीम ने उधर घेराबंदी की और कुछ देर बाद पल्सर बाइक से आए बदमाश को दबोच लिया। उसके कब्जे से एक तमंचा और दो कारतूस भी बरामद हुए। पूछताछ में उसने अपना नाम सनी गुप्ता और पता चौफटका खुल्दाबाद बताया। एसपी गंगापार राजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, सनी से पूछताछ में मालूम हुआ कि हत्याकांड के पीछे छोटा राजन गैंग से जुड़ा बदमाश कैंट इलाके में आकाशवाणी केंद्र के पास रहने वाला नीरज वाल्मीकि है। उसने ही चार साल पहले ठेकेदार पिंकी सिंह का कत्ल किया था। फिर घटना के गवाह ठेकेदार प्रताप सिंह से भी अक्सर दस-बीस हजार रुपये रंगदारी मांगने लगा। हाल ही में  उसने प्रताप से दस लाख रुपये की डिमांड कर दी। कुछ दिन आनाकानी के बाद प्रताप ने साफ इनकार किया तो नीरज बौखलाहट में उसे मारने  का फैसला कर लिया।

करोड़ों रुपये की ठेकेदारी करने वाले प्रताप सिंह का कत्ल बदमाश नीरज वाल्मीकि ने महज 90 हजार रुपये की सुपारी देकर करा दी। क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय के मुताबिक, नीरज ने अपने गुर्गे करछना में मड़वा गांव निवासी शिवा कुशवाहा को बुलाकर प्रताप को मारने के लिए कहा। शिवा ने चौफटका में रहने वाले सनी गुप्ता तथा करछना में खाईं गांव निवासी राजू पासी और मंगल पासी को बुलाकर नीरज से मिलाया। उन तीनों को 30-30 हजार रुपये में कत्ल की सुपारी दी गई। इनमें शिवा ही प्रताप को पहचानता था। उसने घटना से कुछ दिन पहले बाकी तीनों को भी प्रताप को दूर से दिखा दिया।

कत्ल वाले दिन दोपहर में वे चारों होटल कान्हा श्याम के पास जुटे। वे पल्सर और टीवीएस बाइक पर शाम पांच बजे झूंसी स्टेशन के पास जाकर प्रताप का इंतजार करने लगे। प्रताप शाम करीब सात बजे कार में बैठकर मौसेरे भाई के साथ चले तभी शिवा और सनी ने रुकने का इशारा किया और पास जाकर उन्हें पिस्टल और तमंचे से गोलियां मार दी। वहां से सभी बाइक पर बैरहना में बांगड़ धर्मशाला के पास पहुंचे जहां सनी बाइक से उतरकर बस में चौफटक में अपने घर गया। उसने बताया कि उसे महज दो हजार रुपये दिए गए थे। उसने नीरज से कई बार संपर्क किया लेकिन उसने एक पैसा नहीं दिया। घटना के बाद से नीरज और शिवा समेत चार अफराधी परार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।


पकड़े गए शूटर सनी गुप्ता के बारे में पता चला कि वह अनपढ़ है। कई साल से वह चोरी-छिनैती करता रहा है। पांच साल पहले उसे बाइक चोरी में जेल भेजा गया था। एक और चौंकाने वाली बात यह घटना से कुछ दिन पहले ही सनी के पिता राधेश्याम का देहांत हुआ था। पिता की तेरहवीं भी न हो सकी थी जब उसने सुपारी लेकर ठेकेदार प्रताप सिंह का कत्ल कर दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed