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विधवा पेंशन दिलाने के नाम पर किया गैंग रेप
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Wed, 01 Apr 2015 11:58 PM IST
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पति की मौत के बाद किसी तरह गुजारा कर रही एक महिला को विधवा पेंशन के नाम पर झांसा देकर सामूहिक बलात्कार का मामला बारा पुलिस के पास पहुंचा है। इस 38 वर्षीय महिला का आरोप है कि एक औरत ने उसे पेंशन दिलाने के नाम पर ट्रेन से मध्य प्रदेश ले जाकर एक घर में छोड़ दिया। वहां मौजूद दो लोगों ने उससेदस दिन तक गैंगरेप किया और कहा कि उन्होंने उसे दो लाख रुपये में खरीदा है। दो दिन पहले मौका पाकर महिला खिड़की के रास्ते भागकर यहां एसडीएम बारा से मिली तो उन्होंने पुलिस को जांच और कार्रवाई का आदेश दिया।
लोगहरा कस्बे में रहने वाली सुनीता (नाम काल्पनिक) के पति का 15 साल पहले निधन हो गया था। उसकी 17 और 14 साल की दो बेटियां हैं। छोटी बेटी पिछले साल लापता हो गई। सुनीता किसी तरह गुजारा करती रही। इसी बीच उसका संपर्क अपने ही इलाके की एक औरत से हुआ जो खुद को पुलिस-प्रशासनिक अफसरों का करीबी बताती है। उसने सुनीता को विधवा पेंशन दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। 17 मार्च को उसे पेंशन दिलाने की खातिर वह अपने साथ नैनी ले गई। एक रात नैनी में ठहरने के बाद दूसरे रोज ट्रेन से उसे मध्य प्रदेश के किसी जिले में एक घर में ले गई। उस घर में एक महिला और दो पुरुष थे।
उसे वहां छोड़कर परिचित औरत चली गई। सुनीता के मुताबिक, उसे घर में बंधक बना लिया गया। दिन भर घरेलू काम कराया जाता, साथ ही दोनों पुरुष उसके साथ बलात्कार भी करते। दस दिन तक वह नारकीय व्यवहार झेलती रही। 29 मार्च को मौका पाकर वह खिड़की के रास्ते उस घर से निकल भागी। जैसे-तैसे वह अपने घर पहुंची फिर एसडीएम बारा को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसडीएम ने उसकी अर्जी बारा थाने भेज दी। सीओ बारा कुलभूषण ओझा ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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लोगहरा कस्बे में रहने वाली सुनीता (नाम काल्पनिक) के पति का 15 साल पहले निधन हो गया था। उसकी 17 और 14 साल की दो बेटियां हैं। छोटी बेटी पिछले साल लापता हो गई। सुनीता किसी तरह गुजारा करती रही। इसी बीच उसका संपर्क अपने ही इलाके की एक औरत से हुआ जो खुद को पुलिस-प्रशासनिक अफसरों का करीबी बताती है। उसने सुनीता को विधवा पेंशन दिलाने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसा लिया। 17 मार्च को उसे पेंशन दिलाने की खातिर वह अपने साथ नैनी ले गई। एक रात नैनी में ठहरने के बाद दूसरे रोज ट्रेन से उसे मध्य प्रदेश के किसी जिले में एक घर में ले गई। उस घर में एक महिला और दो पुरुष थे।
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उसे वहां छोड़कर परिचित औरत चली गई। सुनीता के मुताबिक, उसे घर में बंधक बना लिया गया। दिन भर घरेलू काम कराया जाता, साथ ही दोनों पुरुष उसके साथ बलात्कार भी करते। दस दिन तक वह नारकीय व्यवहार झेलती रही। 29 मार्च को मौका पाकर वह खिड़की के रास्ते उस घर से निकल भागी। जैसे-तैसे वह अपने घर पहुंची फिर एसडीएम बारा को प्रार्थनापत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसडीएम ने उसकी अर्जी बारा थाने भेज दी। सीओ बारा कुलभूषण ओझा ने बताया कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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